मियामी में शनिवार को खेला गया फीफा वर्ल्ड कप 2026 का ब्रॉन्ज मेडल मुकाबला दस गोलों के साथ टूर्नामेंट के सबसे यादगार मैचों में शुमार हो गया। सेमीफाइनल हारकर तीसरे स्थान की लड़ाई में पहुंचीं दोनों टीमों के बीच इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराया। फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे ने मैच के बाद माना कि टीम पहले हाफ में इंग्लैंड के खेल से पूरी तरह हिल गई थी, हालांकि इसके बाद फ्रांस ने वापसी की पूरी कोशिश की।
पहले हाफ में इंग्लैंड का दबदबा
मियामी स्टेडियम में मैच शुरू होते ही इंग्लैंड ने पहले 45 मिनट में ही 4-0 की बढ़त बना ली और फ्रांस को संभलने का मौका ही नहीं दिया। डेक्लन राइस ने महज तीसरे मिनट में गोल दागकर स्कोर खोला, फिर 18वें मिनट में डिफेंडर एज़री कोंसा ने बढ़त को दोगुना कर दिया। इसके बाद पूरा मैच बुकायो साका के नाम रहा, जिन्होंने 37वें मिनट में और फिर पहले हाफ के इंजरी टाइम (45+1') में एक और गोल दागकर हाफ टाइम तक स्कोर 4-0 कर दिया। यह वर्ल्ड कप इतिहास में पहला मौका था जब फ्रांस ने किसी एक हाफ में चार गोल गंवाए हों।
एमबाप्पे बोले, हम पूरी तरह हिल गए थे
मैच के बाद एमबाप्पे ने कहा, "हम पूरी तरह हिल गए थे, और उन्होंने हमें जगा दिया।" उन्होंने आगे समझाया कि भले ही पहला हाफ देखकर लगे कि टीम ने जर्सी के साथ इंसाफ नहीं किया, लेकिन वे इसे इंसानी कमजोरी कहना पसंद करेंगे, ऐसी कमजोरी जिसकी गुंजाइश उनकी टीम के पास नहीं थी। एमबाप्पे को इस बात का मलाल भी रहा कि यह हार कोच दिदिएर देशां के आखिरी मैच में मिली, जिन्हें टीम एक बेहतर विदाई देना चाहती थी और खराब पहला हाफ उस विदाई पर भारी पड़ता दिखा। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि इस एक नतीजे से देशां की फ्रांस टीम के साथ बनाई गई विरासत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
दूसरे हाफ में फ्रांस की जोरदार वापसी, एमबाप्पे ने तोड़ा मेसी का रिकॉर्ड
चार गोल से पिछड़ने के बावजूद फ्रांस ने हार नहीं मानी। दूसरे हाफ की शुरुआत में ही एमबाप्पे ने खुद दो गोल दागे और थोड़ी देर बाद ब्रैडली बार्कोला ने एक और गोल करके स्कोर 4-3 कर दिया, जिससे एकतरफा दिख रहा मैच अचानक कांटे का हो गया। एमबाप्पे के इन दो गोलों की अहमियत मैच से कहीं आगे तक गई, क्योंकि इसके साथ ही उनके वर्ल्ड कप करियर के कुल गोल 22 हो गए और वे लियोनेल मेसी को पीछे छोड़कर वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए।
साका की हैट्रिक और बेलिंघम का आखिरी वार
जब लग रहा था कि फ्रांस मैच में पूरी तरह वापसी कर लेगा, तभी इंग्लैंड ने फिर बढ़त बना ली। 87वें मिनट में बुकायो साका ने पेनल्टी पर गोल करके अपनी हैट्रिक पूरी की और इंग्लैंड की बढ़त फिर से बड़ी कर दी। इसके तुरंत बाद उस्मान डेम्बेले ने फ्रांस के लिए एक और गोल दागा, लेकिन इंजरी टाइम में जूड बेलिंघम ने गोल करके इंग्लैंड की जीत 6-4 से पक्की कर दी और अपनी टीम को ब्रॉन्ज मेडल दिला दिया।
देशां के 14 साल के कार्यकाल का अंत
यह हार दिदिएर देशां के फ्रांस के मुख्य कोच के तौर पर 14 साल लंबे सफर का आखिरी अध्याय साबित हुई। देशां ने 2012 में फ्रांस की कमान संभाली थी, 2018 में टीम को वर्ल्ड कप चैंपियन बनाया और 2022 में टीम को फाइनल तक पहुंचाया। 2026 के इस सीजन में फ्रांस को पहले सेमीफाइनल में स्पेन से हार मिली और अब मियामी में ब्रॉन्ज मेडल मुकाबला भी गंवाना पड़ा, जिसके साथ ही देशां का लंबा कार्यकाल खत्म हो गया।



















