एनएसई का बहुप्रतीक्षित आईपीओ अंतिम चरण में, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड से अगले हफ्ते मिल सकती है हरी झंडी5 सितंबर को लगेगा नवपंचम योग, इन चार राशियों की चमकेगी किस्मत और होगी पैसों की<br>बृद्धीमिर्जापुर: द फिल्म रिव्यू (2026): बड़े पर्दे पर लौटा कालीन भैया का भौकाल, जानें कैसी है फिल्मआगरा के इस खास फ्रेंच फ्राइस के दीवाने हुए युवा, कीमत और स्वाद दोनों में है दमदौसा निकाय चुनाव में चप्पल निशान पर मचा बवाल, निर्दलीय प्रत्याशियों ने जताई गहरी नाराजगीराजस्थान निकाय चुनाव: पाली नगर निगम में फंसी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की साखमिर्जापुर द मूवी का सस्पेंस, पोस्ट-क्रेडिट सीन में गुड्डू और मुन्ना के बीच चौंकाने वाला ट्विस्टदिल्ली में जुरासिक पार्क जैसा रोमांच, डायनासोर गैलरी में मिलेगा रहस्यमयी अनुभव; जानिए टिकट और टाइमिंगउत्तर प्रदेश चुनाव की बिसात और अन्य अहम सियासी व कानूनी घटनाएंअमेरिका के नॉनफार्म पेरोल आंकड़ों से पहले सोने की चमक थमी, बाजार की नजरें नीतिगत फैसलों पर
इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराया, रबियो बोले टीम का रवैया अस्वीकार्य थाफुटबॉल
19 जुल॰ 2026, 7:23 pm (47 दिन पहले)· 1

इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराया, रबियो बोले टीम का रवैया अस्वीकार्य था

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराया, जिसके बाद खिलाड़ी रबियो ने पहले हाफ में टीम के रवैये को खुलेआम अस्वीकार्य बताया। इस हार के साथ ही डिडिएर डेस्चैम्प्स का 14 साल का कोचिंग कार्यकाल भी खत्म हो गया।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस का सफर एक चौंकाने वाली हार के साथ खत्म हुआ, जब तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड ने उसे 6-4 से पस्त कर दिया। मैच के बाद मिडफील्डर रबियो ने अपने ही साथियों के रवैये पर सीधा सवाल उठाया।

पहले हाफ में ही 4-0 का झटका

कार्यवाहक कप्तान डिक्लन राइस की अगुआई में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही दबदबा बना लिया। राइस ने खुद मैच के तीसरे मिनट में ही बढ़त दिला दी, फिर 18वें मिनट में एज़्री कोंसा ने बढ़त को दोगुना कर दिया। इसके बाद बुकायो साका ने ब्रेक से पहले दो और गोल दागे और फ्रांस को 4-0 के भारी झटके के साथ हाफ टाइम में भेज दिया, जिसका कोई जवाब फ्रांसीसी टीम के पास नहीं था।

ये भी पढ़ें

रबियो का गुस्सा फूटा

मैच के बाद बीइन स्पोर्ट्स से बातचीत में रबियो ने माना कि पहले 45 मिनट ने सिर्फ स्कोरलाइन नहीं, बल्कि टीम के भीतर के माहौल को लेकर भी उन्हें बेचैन कर दिया था। उन्होंने बताया कि हाफ टाइम में खिलाड़ियों ने आपस में खुलकर बात की ताकि कुछ इज्जत बचाई जा सके, और उसी बातचीत के बाद टीम का खेल बदला। उन्होंने कहा, "पहले हाफ में कुछ खिलाड़ियों का रवैया अस्वीकार्य था।" रबियो ने यह भी जोड़ा कि स्पेन से सेमीफाइनल हार का मलाल पहले से ही टीम पर था, फिर भी टूर्नामेंट के आखिरी मिनट तक लड़ने लायक कुछ बचा था।

एम्बापे ने भरी वापसी की जान

हाफ टाइम में हुई बातचीत का कुछ असर जरूर दिखा। काइलियन एम्बापे ने 48वें मिनट में एक गोल वापस निकाला, फिर बदली हुई टीम में उतरे ब्रैडली बार्कोला के लिए मौका बनाया जिन्होंने स्कोर 4-2 कर दिया। इसके फौरन बाद एम्बापे ने खुद एक और गोल दागकर अंतर सिर्फ एक गोल का कर दिया। इसी गोल के साथ वे गोल्डन बूट की रेस में अकेले सबसे आगे निकल गए और लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ते हुए 22 गोल के साथ फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास के सबसे बड़े गोल स्कोरर बन गए।

साका की हैट्रिक और बेलिंघम का आखिरी झटका

जब लग रहा था कि फ्रांस मैच पलट सकता है, तभी इंग्लैंड ने फिर बढ़त बना ली। जेड स्पेंस को बॉक्स के अंदर गिराए जाने पर मिली पेनल्टी को साका ने गोल में बदला और अपनी हैट्रिक पूरी की। इसके बाद अतिरिक्त समय में उस्मान डेम्बेले ने गोल कर फ्रांस की उम्मीद को थोड़ी देर के लिए जिंदा रखा, लेकिन कुछ ही पल बाद जूड बेलिंघम ने इंग्लैंड का छठा गोल दागकर मैच 6-4 पर पक्का कर दिया।

इंग्लैंड के लिए ऐतिहासिक जीत, डेस्चैम्प्स के लिए दुखद विदाई

यह जीत फीफा वर्ल्ड कप के तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड की पहली जीत रही। दूसरी तरफ फ्रांस के लिए यह हार डिडिएर डेस्चैम्प्स के 14 साल लंबे कोचिंग कार्यकाल का दुखद अंत साबित हुई, भले ही दूसरे हाफ की वापसी ने कुछ हद तक इज्जत बचा ली हो। मैच के बाद रबियो के बयान से साफ था कि पहले हाफ में हुई गलतियों का मलाल उन्हें आसानी से नहीं जाएगा।

सवाल-जवाब

फ्रांस और इंग्लैंड के तीसरे स्थान के मुकाबले का अंतिम स्कोर क्या रहा?
इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराया।
रबियो ने अपनी टीम के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि पहले हाफ में कुछ खिलाड़ियों का रवैया अस्वीकार्य था।
इंग्लैंड के लिए गोल किसने किए?
डिक्लन राइस, एज़्री कोंसा और बुकायो साका ने गोल किए, साका ने हैट्रिक पूरी की और आखिरी गोल जूड बेलिंघम ने किया।
फ्रांस के लिए गोल किसने किए?
काइलियन एम्बापे ने दो गोल किए, जबकि ब्रैडली बार्कोला और उस्मान डेम्बेले ने एक-एक गोल दागा।
एम्बापे ने इस मैच में कौन सा रिकॉर्ड बनाया?
वे 22 गोल के साथ फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास के सबसे बड़े गोल स्कोरर बन गए और गोल्डन बूट रेस में अकेले सबसे आगे हो गए।
डिडिएर डेस्चैम्प्स का फ्रांस के कोच के तौर पर क्या हुआ?
इस हार के साथ ही उनका 14 साल लंबा कोचिंग कार्यकाल खत्म हो गया।
यह जीत इंग्लैंड के लिए क्यों खास है?
यह फीफा वर्ल्ड कप के तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड की पहली जीत है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR