फीफा वर्ल्ड कप 2026 में जर्मनी ने अपने अभियान का आगाज़ ऐसे अंदाज़ में किया जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा। ग्रुप ई के मुकाबले में चार बार की चैंपियन टीम ने टूर्नामेंट में पहली बार उतरी कुराकाओ को 7-1 के बड़े अंतर से हराया। इस नतीजे ने जर्मनी को सिर्फ तीन अहम अंक ही नहीं दिलाए, बल्कि वर्ल्ड कप के एक बड़े रिकॉर्ड पर भी कब्ज़ा करा दिया जो अब तक ब्राजील के पास था।
दिलचस्प बात यह रही कि स्कोरबोर्ड पर एक बार फिर वही 7-1 चमका, जिसने फुटबॉल प्रेमियों को 2014 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल की याद दिला दी। उस यादगार मैच में भी जर्मनी ने ब्राजील को इसी अंतर से रौंदा था। एक दशक बाद वही स्कोरलाइन दोहराते हुए जर्मन टीम ने जता दिया कि आक्रामक फुटबॉल आज भी उसकी पहचान है।
ब्राजील से छिना सबसे ज्यादा गोल का ताज
कुराकाओ के जाल में सात गेंद डालने के साथ ही जर्मनी वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाली टीम बन गई। अब इस आयोजन में उसके कुल गोल बढ़कर 239 हो गए हैं। ठीक एक गोल पीछे रहकर ब्राजील 238 के आंकड़े के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गया है। जर्मनी की अगली मंज़िल साफ है — वर्ल्ड कप में 250 गोल का आंकड़ा छूना।
वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाली टीमें
- जर्मनी – 239
- ब्राजील – 238
- अर्जेंटीना – 152
एक और रिकॉर्ड जो हंगरी से छिना
यह कारनामा यहीं नहीं रुका। यह चौथा मौका था जब जर्मनी ने किसी एक वर्ल्ड कप मुकाबले में सात या उससे अधिक गोल दागे। इससे पहले इस उपलब्धि के मामले में हंगरी सबसे आगे था, जिसने तीन बार ऐसा कर दिखाया था। कुराकाओ के खिलाफ इस प्रदर्शन के साथ जर्मनी ने उसे भी पीछे छोड़ दिया।
जर्मनी के 7+ गोल वाले वर्ल्ड कप मुकाबले
- 1954 – तुर्की के खिलाफ 7-2
- 2002 – सऊदी अरब के खिलाफ 8-0
- 2014 – ब्राजील के खिलाफ 7-1
- 2026 – कुराकाओ के खिलाफ 7-1
मैदान पर 90 मिनट कैसे बीते
जर्मनी ने पहले मिनट से ही रफ्तार पकड़ ली। छठे मिनट में ही फेलिक्स नेमेचा ने बेहतरीन गोल कर टीम को आगे कर दिया। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसकी उम्मीद शायद किसी को नहीं थी। 21वें मिनट में कुराकाओ ने तेज़ काउंटर अटैक पर बराबरी हासिल कर ली। लिवानो कोमेंसिया के शॉट को डिफ्लेक्शन मिला और गेंद गोलकीपर मैनुअल नॉयर को छकाते हुए जाल में समा गई। यह कुराकाओ का वर्ल्ड कप इतिहास का पहला ही गोल था, जिसने मुकाबले में रोमांच भर दिया।
हालांकि यह बराबरी ज्यादा देर नहीं टिकी। जर्मनी ने धीरे-धीरे खेल पर पूरी पकड़ बना ली। 38वें मिनट में निको श्लॉटरबेक ने कॉर्नर पर दमदार हेडर लगाकर टीम को दोबारा बढ़त दिलाई। हाफ टाइम से ठीक पहले काई हैवर्ट्ज ने पेनल्टी को गोल में तब्दील कर स्कोर 3-1 कर दिया। दूसरे हाफ की शुरुआत होते ही महज़ 69 सेकंड के भीतर जमाल मुसियाला ने एक और गोल दागकर कुराकाओ की वापसी की उम्मीदों पर लगभग पानी फेर दिया। इसके बाद नाथानियल ब्राउन, डेनिज़ उंडाव और दोबारा काई हैवर्ट्ज ने गोलों की झड़ी लगा दी और जर्मनी ने ऐतिहासिक 7-1 की जीत पर मुहर लगा दी।













