फीफा वर्ल्ड कप में अब तक का सबसे चौंकाने वाला नतीजा तब सामने आया, जब अफ्रीका की केप वर्डे टीम ने ताकतवर स्पेन को गोलरहित बराबरी पर रोक दिया। यह केप वर्डे का वर्ल्ड कप में पहला ही मुकाबला था, और इसी पहले मैच में उन्होंने यूरोपीय चैंपियन के खिलाफ 0-0 की ड्रॉ हासिल कर पूरे फुटबॉल जगत को हैरान कर दिया।
स्पेन का दबदबा, पर गोल का सूखा
पूरे मुकाबले में गेंद ज्यादातर स्पेन के ही पास रही। यूरोपीय चैंपियन ने गोल करने के लिए कुल 27 बार कोशिश की और लगभग 75% समय गेंद को अपने कब्जे में रखा। इसके बावजूद वे एक भी बार जाल नहीं हिला सके। दूसरी ओर खड़ी थी एक 40 साल के गोलकीपर वोजिन्हा की दीवार, जिसे स्पेनिश हमलावर आखिरी सीटी तक पार नहीं कर पाए।
नीली जर्सी की अभेद्य दीवार
केप वर्डे ने शुरुआत से ही पांच डिफेंडरों के साथ रणनीति बनाई और लगभग पूरी टीम अपने ही बॉक्स में जमी रही। स्पेन गेंद को इधर से उधर घुमाता रहा, लेकिन इस मजबूत घेरे में सेंध लगाने का कोई रास्ता नहीं निकाल सका। अनुशासन का आलम यह था कि पूरे मैच में अफ्रीकी टीम ने सिर्फ एक ही फाउल किया।
स्पेन के कोच लुइस दे ला फुएंते का फैसला भी टीम पर भारी पड़ा। उन्होंने लमिन यमाल और निको विलियम्स को शुरुआती एकादश से बाहर बेंच पर बैठाया, जिससे स्पेन की आक्रमण की धार कुंद पड़ गई। फेरान टोरेस और गावी को खुलकर खेलने का मौका ही नहीं मिल पाया।
वोजिन्हा के यादगार बचाव
गोलपोस्ट के सामने वोजिन्हा ने एक के बाद एक शानदार बचाव किए। 36वें मिनट में उन्होंने पेड्री की कोशिश नाकाम की। इसके बाद फेरान का शॉट क्रॉसबार से टकराया और लौटती गेंद पर ओयारजाबाल के हेडर को वोजिन्हा ने एक ही हाथ से रोक दिया। 45वें मिनट में फेरान एक और मौका गंवा बैठे। हाफटाइम के बाद भी स्पेन की फिनिशिंग कमजोर ही बनी रही।
खेल बदलने की कोशिश में 70वें मिनट पर यमाल और मिकेल मेरिनो को मैदान में उतारा गया, जिससे स्पेन के खेल में थोड़ी जान आई। 88वें मिनट में यमाल ने ओयारजाबाल को बढ़िया पास दिया, लेकिन उनका शॉट भी ब्लॉक हो गया। आखिर में मुकाबला बराबरी पर ही खत्म हुआ और भावुक हुए वोजिन्हा को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
कप्तान रोड्री ने क्या कहा
स्पेन के कप्तान रोड्री ने नतीजे पर कहा, ‘आज बस होना नहीं था, आलोचना की कोई बात नहीं। हमें पता था कि धैर्य रखना होगा, हमने मौके बनाए लेकिन गोल नहीं कर सके। ऐसी मजबूत डिफेंसिव टीम के खिलाफ खेलना मुश्किल है। पॉजिटिव ये है कि उन्होंने हमारे खिलाफ ज्यादा मौके नहीं बनाए, लेकिन हमें फिनिशिंग सुधारनी होगी।’
केप वर्डे के लिए नई उम्मीद
अपने पहले वर्ल्ड कप मैच में पहला अंक हासिल करना केप वर्डे के लिए किसी सपने से कम नहीं था। टीम के मिडफील्डर लारोस डुआर्टे ने कहा, ‘आज हमारा फोकस डिफेंस पर था, लेकिन अगले मैचों में हम दिखा सकते हैं कि बॉल के साथ भी अच्छे हैं। आगे बढ़ने का अच्छा अहसास है, अब अगले राउंड के लिए क्वालीफाई करने के बारे में सोचना वाजिब है।’
ग्रुप एच की बाकी दो टीमें, सऊदी अरब और उरुग्वे, सोमवार को मियामी में आमने-सामने होंगी।













