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एलजी का एंट्री-लेवल टीवी क्या आपके कमरे के लिए सही पसंद हैगैजेट्स
30 सित॰ 2026, 11:45 pm (27 दिन पहले)· 3

एलजी का एंट्री-लेवल टीवी क्या आपके कमरे के लिए सही पसंद है

एलजी के 2026 मॉडल 4K टीवी में शानदार व्यूइंग एंगल और कम इनपुट लैग मिलता है, मगर सीमित ब्राइटनेस और कमजोर कंट्रास्ट इसे बड़े सिनेमाई अनुभव से दूर रखते हैं।

कम बजट वाले 4K डिस्प्ले की तलाश करने वाले दर्शकों के लिए एलजी ने 2026 में अपना नया बुनियादी मॉडल LG QNED75B बाजार में पेश किया है। आधुनिक होम एंटरटेनमेंट सेटअप में लोग आमतौर पर ऐसे डिस्प्ले को प्राथमिकता देते हैं जो सिनेमाई विजुअल्स, चमकीले रंग और बेहतरीन गेमिंग सपोर्ट एक साथ मुहैया करा सके। हालांकि, इस नए डिस्प्ले के साथ कंपनी ने बेहद बुनियादी हार्डवेयर पर भरोसा जताया है। इसमें एडवांस्ड डाइनेमिक रेंज या हाई-एंड गेमिंग के लिए जरूरी कई आधुनिक तकनीकें शामिल नहीं हैं, जिससे यह साफ तौर पर उन खरीदारों की श्रेणी में आता है जो केवल साधारण टीवी देखने के लिए एक सीधा-साधा विकल्प चाहते हैं।

डिस्प्ले तकनीक और मुख्य हार्डवेयर स्पेसिफिकेशंस

हार्डवेयर के स्तर पर LG QNED75B में बुनियादी लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले यानी एलसीडी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसके साथ इन-प्लेन स्विचिंग या एडीएस सब-टाइप पैनल मिलता है। स्क्रीन पर एक ग्लॉसी फिनिश दी गई है, जो पैनल की बाहरी परत को शीशे जैसी चमक प्रदान करती है। इस डिस्प्ले की सबसे बड़ी सीमा इसका कंट्रास्ट अनुपात और बैकलाइट सिस्टम है, क्योंकि इसमें कोई लोकल डिमिंग फीचर मौजूद नहीं है। लोकल डिमिंग न होने की वजह से पूरी स्क्रीन की रोशनी एक समान रहती है और गहरे दृश्यों में स्क्रीन के चुनिंदा हिस्सों को अलग से अंधकारमय नहीं बनाया जा सकता। इसके अतिरिक्त, इस मॉडल में केवल 60Hz की सामान्य रिफ्रेश दर मिलती है और हाई-स्पीड डेटा ट्रांसफर वाला आधुनिक HDMI 2.1 बैंडविड्थ सपोर्ट भी इसमें नहीं दिया गया है।

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ओवर-द-एयर ब्रॉडकास्टिंग के मामले में भी यह डिस्प्ले नेक्स्ट-जेन टीवी ट्रांसमिशन के लिए तय ATSC 3.0 ट्यूनर से महरूम है। हालांकि, आंतरिक प्रोसेसिंग की जिम्मेदारी संभालने के लिए इसमें कंपनी का आधुनिक अल्फा 7 एआई प्रोसेसर 4K जेन 9 (α7 AI Processor 4K Gen 9) फिट किया गया है। सॉफ्टवेयर के मोर्चे पर यह डिवाइस 2026 के वेबओएस (webOS) इंटरफेस पर संचालित होता है। कंपनी के री-न्यू प्रोग्राम का हिस्सा होने की वजह से इस सिस्टम को लॉन्च के बाद अगले कुछ सालों तक नए वेबओएस अपडेट भी मिलते रहेंगे। साइज के विकल्पों की बात करें तो यह मॉडल 43 इंच, 50 इंच, 55 इंच, 65 इंच, 75 इंच और 85 इंच के विभिन्न आकारों में उपलब्ध कराया गया है।

अंधेरे कमरे में पिक्चर क्वालिटी और होम थिएटर अनुभव

यदि आप रात के समय या पूरी तरह अंधेरे कमरे में फिल्में देखने के शौकीन हैं, तो LG QNED75B वहां काफी कमजोर साबित होता है। एडीएस पैनल की बुनियादी बनावट और लोकल डिमिंग की गैरमौजूदगी के कारण स्क्रीन पर काले रंग कभी भी स्वाभाविक रूप से गहरे नहीं दिखते। अंधेरे दृश्यों में काले स्तर हमेशा ऊपर उठे हुए और धुल से गए नजर आते हैं, जिससे परदे पर दिखने वाली छाया या रात के दृश्य ग्रे टोन में बदल जाते हैं। पूरी स्क्रीन पर ब्लैक यूनिफॉर्मिटी भी औसत दर्जे की है, जिसमें डिस्प्ले के बीच के हिस्से में हल्के गर्म धब्बे और किनारों की तरफ थोड़ा गहरापन दिखाई देता है।

फॉर्मेट सपोर्ट के मामले में भी होम थिएटर के शौकीनों को निराशा हाथ लग सकती है, क्योंकि इसमें डॉल्बी विजन का सपोर्ट शामिल नहीं है। इतना ही नहीं, हाई-फिडेलिटी साउंड के शौकीनों के लिए इसमें डीटीएस ऑडियो फॉर्मेट का डिकोडिंग सपोर्ट भी नहीं मिलता है। स्क्रीन से आने वाले रंगों की बात करें तो आउट-ऑफ-द-बॉक्स सेटिंग्स में इसका कलर टेम्परेचर काफी गर्म रहता है और ज्यादा चमकीले दृश्यों में एक हल्का लाल रंग का टिंट उभर कर सामने आता है। कुल मिलाकर स्टैंडर्ड डायनेमिक रेंज और हाई डायनेमिक रेंज दोनों में ही कलर वॉल्यूम सीमित रहता है, जिससे गहरे और चमकीले दोनों तरह के दृश्यों में रंग फीके और बेजान दिखाई पड़ते हैं।

उजाले कमरे में परफॉर्मेंस और रिफ्लेक्शन हैंडलिंग

दिन के समय तेज रोशनी वाले लिविंग रूम या खुली खिड़कियों के सामने इस टीवी को रखना एक चुनौतीपूर्ण काम साबित हो सकता है। समीक्षा में पाया गया कि इस डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस काफी कम है। दिन के समय बाहर से आने वाली चकाचौंध या इनडोर लाइट बल्ब के उजाले को मात देने के लिए इसमें पर्याप्त चमक नहीं है। इसके अलावा, इसकी ग्लॉसी स्क्रीन कोटिंग सीधी पड़ने वाली शीशे जैसी रिफ्लेक्शंस की तीव्रता को घटाने में लगभग नाकाम रहती है, जिससे स्क्रीन पर कमरे की बत्तियां और खिड़कियां साफ दिखाई देती हैं।

कम चमक और तेज रिफ्लेक्शन की वजह से दिन के वक्त गहरे और चमकीले दोनों तरह के दृश्यों में बारीकियां देखना मुश्किल हो जाता है। हालांकि, इस पैनल की एक खासियत यह जरूर देखने को मिलती है कि परिवेशीय प्रकाश यानी एम्बिएंट लाइट के बढ़ने या घटने से इसके ब्लैक लेवल्स और रंगों की वॉल्यूम पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता। यानी रोशनी चाहे कम हो या ज्यादा, इसके बुनियादी काले स्तर अपनी जगह पर वैसे ही बने रहते हैं।

स्पोर्ट्स और व्यूइंग एंगल की स्थिति

दोपहर में क्रिकेट या फुटबॉल जैसे लाइव स्पोर्ट्स देखने के लिए कमरे के पर्दे गिराने की जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि कम ब्राइटनेस के कारण चकाचौंध खेल के मैदान की स्पष्टता को ढक लेती है। पैनल की यूनिफॉर्मिटी भी बहुत बेहतर नहीं है, जिससे मैदान के हरे-भरे हिस्सों पर एक पैची या धब्बेदार पैटर्न दिखाई दे सकता है जो मैच देखते वक्त ध्यान भटकाता है। इसके अलावा, तेज गति वाले खेलों में मोशन हैंडलिंग काफी सुस्त महसूस होती है और तेज एक्शन के दौरान स्क्रीन पर धुंधलापन उभर आता है।

इसके बावजूद, इस टीवी की एक बड़ी मजबूती इसका मध्यम से लेकर विस्तृत व्यूइंग एंगल है। एडीएस पैनल की बदौलत कमरे में साइड में या तिरछे एंगल पर बैठने वाले दर्शकों के लिए भी स्क्रीन की तस्वीर बहुत ज्यादा धुंधली या खराब नहीं होती। अगर आपके लिविंग रूम में सोफे और कुर्सियां चारों तरफ फैली हैं, तो सभी को लगभग एक जैसा विजुअल देखने को मिलता है।

गेमिंग के लिए फीचर्स और रिस्पॉन्सिवनेस

गेमर्स के लिए LG QNED75B मिले-जुले नतीजे देता है। सकारात्मक पहलू यह है कि इसमें बेहद कम इनपुट लैग मिलता है और स्क्रीन फटने की समस्या को रोकने के लिए वेरिएबल रिफ्रेश रेट और ऑटो लो लेटेंसी मोड का समर्थन दिया गया है। जब यूजर इसके समर्पित गेमिंग मोड पर स्विच करता है, तो डिस्प्ले के पीक ब्राइटनेस या ब्लैक लेवल्स में कोई गिरावट नहीं आती, जो एक अच्छी बात है।

लेकिन वास्तविक गेमिंग परफॉर्मेंस के दौरान इसका रिस्पॉन्स टाइम काफी धीमा पाया गया है, जिससे इसका सीएडी स्तर काफी ऊंचा रहता है और तेज रफ्तार वाले गेम्स में भारी मोशन ब्लर नजर आता है। 60Hz की सीमित रिफ्रेश दर और बहुत संकरा वीआरआर दायरा प्रतिस्पर्धी कंसोल गेमर्स को पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पाता। तेज एक्शन शॉट्स में मामूली कलर आर्टिफैक्ट्स भी उभर सकते हैं।

वीडियो प्रोसेसिंग और मोशन हैंडलिंग

इस डिस्प्ले में मौजूद अल्फा 7 प्रोसेसर सामान्य इमेज प्रोसेसिंग में संतोषजनक काम करता है। विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से आने वाले कम गुणवत्ता वाले वीडियो सिग्नल्स को यह बिना किसी माइक्रो जडर के साफ-सुथरा बना देता है, हालांकि इस स्मूथिंग प्रक्रिया में कुछ बारीक डिटेल्स खो जाती हैं। पुरानी डीवीडी के कम रेजोल्यूशन वाले वीडियो को 4K में अपस्केल करने का काम यह टीवी बखूबी करता है। इसकी ईओटीएफ ट्रैकिंग ठीक-ठाक है और यह पीक ब्राइटनेस बढ़ाने के बजाय ग्रेडेशन को सुरक्षित रखने की कोशिश करता है, जिससे बहुत चमकीले क्षेत्रों में डिटेल्स बची रहती हैं। हालांकि, गहरे रंगों के शेड्स में कुछ ग्रेडिएंट बैंडिंग साफ देखी जा सकती है।

मोशन हैंडलिंग की बात करें तो यह टीवी केवल 24p फ्रेम रेट वाले स्रोतों जैसे ब्लू-रे प्लेयर या मैच फ्रेम रेट सपोर्ट वाले स्ट्रीमिंग उपकरणों से ही जडर को हटा सकता है। यदि सिग्नल केबल बॉक्स या 60Hz वाले पारंपरिक उपकरणों से आ रहा है, तो यह जडर को पूरी तरह खत्म नहीं कर पाता। अच्छी बात यह है कि धीमे पैनिंग वाले शॉट्स में पिक्चर में बहुत कम स्टटर देखने को मिलता है। अंत में, एक तकनीकी बिंदु यह भी है कि इसकी बैकलाइट सभी ब्राइटनेस स्तरों पर कम फ्रीक्वेंसी पर पीडब्लूएम फ्लिकर करती है, जो फ्लिकर के प्रति संवेदनशील लोगों की आंखों को थका सकती है।

सवाल-जवाब

क्या LG QNED75B में डॉल्बी विजन का सपोर्ट मिलता है?
नहीं, इस टीवी में डॉल्बी विजन का सपोर्ट नहीं दिया गया है।
इस टीवी की स्क्रीन रिफ्रेश दर कितनी है?
यह टीवी 60Hz की नेटिव रिफ्रेश दर तक सीमित है।
क्या यह टीवी अंधेरे कमरे में फिल्में देखने के लिए अच्छा है?
नहीं, कम कंट्रास्ट और लोकल डिमिंग न होने की वजह से अंधेरे कमरे में काले दृश्य धुले हुए दिखते हैं।
गेमिंग के लिए यह टीवी कैसा प्रदर्शन करता है?
इसमें इनपुट लैग तो बहुत कम है लेकिन मोशन ब्लर और 60Hz की सीमा के कारण गेमिंग अनुभव साधारण रहता है।
क्या इसमें नए वेबओएस के सॉफ्टवेयर अपडेट मिलेंगे?
हाँ, एलजी के री-न्यू प्रोग्राम के तहत इसे आने वाले कुछ वर्षों तक नए वेबओएस अपडेट मिलते रहेंगे।
क्या दिन के उजाले में यह टीवी साफ दिखाई देता है?
कम ब्राइटनेस और स्क्रीन पर पड़ने वाली रिफ्लेक्शंस की वजह से दिन की तेज रोशनी में यह काफी संघर्ष करता है।
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टिप्पणियाँ 5

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·26 दिन पहले

बेडरूम के लिए तो ठीक है, पर 60Hz रिफ्रेश रेट और बिना लोकल डिमिंग वाले इस टीवी में पिक्चर क्वालिटी वाकई कैसी होगी? क्या बिना एचडीएमआई 2.1 के गेमिंग का मजा पूरी तरह किरकिरा हो जाएगा?

Ravikash Gupta@ravikash·26 दिन पहले

पिछले साल जब मैंने एक सस्ता टीवी लिया था, तो रात को फिल्में देखने पर गहरे काले रंग भूरे लगने लगे थे। इसमें भी वही कमी लग रही है।

Kavya Nair@kavya-nair·26 दिन पहले

रविकेश, सच कहा! बिना लोकल डिमिंग के रात में फिल्म देखना मुश्किल हो जाता है, स्क्रीन ग्रे दिखने लगती है।

Amit Patel@amit-patel·26 दिन पहले

बेसिक टीवी के नाम पर सिर्फ 60Hz रिफ्रेश रेट और बिना लोकल डिमिंग वाला पैनल देना थोड़ा नाइंसाफ़ी लगता है।

Michael Anderson@michael-anderson·26 दिन पहले

अमित जी, बात तो बिल्कुल सही है आपकी। आज के समय में बिना लोकल डिमिंग और 60Hz पर अटकना सचमुच पुराना लगता है।

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