पूर्व तहलका संपादक तरुण तेजपाल दुष्कर्म मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा सुनाई गई 10 साल की कैद की सजा को लेकर कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। गोवा सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले से असंतोष व्यक्त करते हुए देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की है। राज्य प्रशासन का स्पष्ट तर्क है कि अपराध की अति-गंभीर प्रकृति को देखते हुए 10 वर्ष कारावास की सजा बेहद कम है और दोषी को और अधिक कठोर दंड मिलना चाहिए।
10 साल की कैद को बताया नाकाफी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के मामले में सुनवाई करते हुए तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया था और 10 साल की जेल की सजा सुनाई थी। हालांकि, गोवा सरकार इस फैसले से संतुष्ट नहीं हुई और उसने तुरंत उच्चतम न्यायालय में अपील करने का निर्णय लिया। याचिका में उल्लेख किया गया है कि हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित की गई सजा मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के अनुसार पर्याप्त नहीं है।
सजा बढ़ाकर उम्रकैद करने की मांग
गोवा सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष अपनी दलीलों में दोषी को अधिकतम संभव सजा देने की पुरजोर मांग की है। सरकार की ओर से प्रस्तुत याचिका में तरुण तेजपाल की 10 साल की सजा को बढ़ाकर उम्रकैद में तब्दील करने का अनुरोध किया गया है। सुप्रीम कोर्ट में अब इस मामले पर आगामी दिनों में सुनवाई होने की उम्मीद है।



















