तहलका पत्रिका के पूर्व मुख्य संपादक तरुण तेजपाल को बॉम्बे हाईकोर्ट से मिली दस साल के कठोर कारावास की सजा के मामले में शीर्ष अदालत ने कदम आगे बढ़ाया है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पत्रकार तरुण तेजपाल की उस विशेष याचिका पर संज्ञान लेते हुए गोवा सरकार को नोटिस थमा दिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ तय दोषसिद्धि और सजा को चुनौती दी है। अदालत कक्ष में सुनवाई के दौरान तेजपाल का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने रखा।
शीर्ष अदालत में कपिल सिब्बल ने दी समर्पण की जानकारी
मामले की कार्यवाही शुरू होने पर वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने अदालत की पीठ को अवगत कराया कि न्यायिक निर्देशों का पूरी तरह पालन करते हुए उनके मुवक्किल ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इस पर संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य प्रशासन को आधिकारिक नोटिस जारी करने का फैसला सुनाया और कहा कि याचिका पर विस्तृत सुनवाई की अगली तारीख बहुत जल्द निर्धारित की जाएगी। इससे पहले अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया था कि जब तक समर्पण का औपचारिक प्रमाण पत्र पेश नहीं होता, तब तक सजा निलंबन या अपील की मुख्य दलीलों पर सुनवाई संभव नहीं होगी।
ट्रायल कोर्ट का बरी करने का फैसला हाईकोर्ट में पलटा
यह पूरा कानूनी विवाद साल 2013 की उस आपराधिक घटना से जुड़ा है, जिसमें एक पांच सितारा होटल की लिफ्ट के अंदर अपनी कनिष्ठ महिला सहकर्मी के यौन शोषण और दुष्कर्म का आरोप तेजपाल पर लगा था। इस प्रकरण में शुरुआत में निचली अदालत ने तरुण तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया था। हालांकि, बाद में 6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने निचली अदालत का फैसला पूरी तरह पलट दिया। हाईकोर्ट ने तेजपाल को आपराधिक कृत्य का दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा मुकर्रर कर दी थी।
जेल भेजने से पहले सरेंडर की समयसीमा तय की गई थी
हाईकोर्ट से दोषसिद्धि मिलने के बाद 62 वर्षीय पत्रकार ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाकर फौरी राहत मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 25 अगस्त को उनकी अंतरिम राहत की मांग ठुकराते हुए दो हफ्ते की मोहलत दी थी और निर्देश दिया था कि वे पहले समर्पण करें। अदालत ने 22 सितंबर या उससे पहले सरेंडर प्रमाण पत्र दाखिल करने की अंतिम शर्त रखी थी। इन आदेशों के अनुपालन में तेजपाल ने 14 सितंबर को मापुसा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जहां से कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें उत्तरी गोवा की कोलवाले सेंट्रल जेल भेज दिया गया था।





















