यूरोप में रूस की ओर से तोड़फोड़ और जासूसी के अभियानों में भारी तेजी, रक्षा ठिकानों को बनाया जा रहा है निशानादेशभर में थम क्यों नहीं रहीं दुष्कर्म की घटनाएं, क्या निर्भया कानून के बाद भी सुरक्षित नहीं हैं हमारी बेटियांभीलवाड़ा का ऐतिहासिक दूधाधारी गोपाल मंदिर, जहां जन्माष्टमी पर दिखता है वृंदावन जैसा भव्य नजाराभारतीय रुपया मजबूत होकर 94.27 प्रति डॉलर पर पहुंचा, रिजर्व बैंक के दखल से मिली मजबूतीगोंडा के आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार शुगर के मरीजों को किन बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यानघर में शंख बजाने के क्या हैं वैज्ञानिक और आध्यात्मिक फायदेत्योहारों पर बिना पार्लर गए चमकेगी त्वचा, नहाने से पहले लगाएं बेसन और दूध का यह आसान घरेलू नुस्खाहिमालयी क्षेत्रों में लगातार क्यों बढ़ रहे हैं आपदाओं के खतरे, पूर्व-चेतावनी प्रणालियां क्यों साबित हो रही हैं बेअसरअमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मंदी के रुख के बीच दोतरफा जोखिम, ओओसीबीसी की रिपोर्टनेपाल सुरंग हादसे में नौ दिन बाद जिंदा लौटे संजय साह, कृष्ण जन्माष्टमी पर बचाई गई जान
वीर चक्र विजेता अभिनंदन वर्धमान ने वायुसेना से दिया इस्तीफा, अब निजी एयरलाइन फ्लाई91 में उड़ाएंगे विमानगोवा
3 सित॰ 2026, 2:50 pm (1 दिन पहले)· 0

वीर चक्र विजेता अभिनंदन वर्धमान ने वायुसेना से दिया इस्तीफा, अब निजी एयरलाइन फ्लाई91 में उड़ाएंगे विमान

पाकिस्तान का F-16 फाइटर जेट गिराने वाले ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायुसेना से इस्तीफा दे दिया है। वह अब गोवा स्थित निजी एयरलाइन फ्लाई91 के साथ बतौर पायलट अपनी नई पारी शुरू करने जा रहे हैं।

भारतीय वायुसेना के चर्चित फाइटर पायलट ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान एक बार फिर राष्ट्रीय मीडिया के केंद्र में आ गए हैं। वर्ष 2019 के भारत-पाकिस्तान हवाई संघर्ष के दौरान अदम्य साहस का परिचय देने वाले इस जांबाज पायलट ने भारतीय वायुसेना से इस्तीफा दे दिया है। सैन्य सेवा से सेवानिवृत्ति का फैसला लेने के बाद अब वह नागरिक उड्डयन क्षेत्र में अपनी नई व्यावसायिक यात्रा की शुरुआत करने जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभिनंदन वर्धमान जल्द ही गोवा मुख्यालय वाली निजी एयरलाइन फ्लाई91 में बतौर कमर्शियल पायलट विमान उड़ाते नजर आएंगे।

वायुसेना से इस्तीफा और निजी एयरलाइन में नई जिम्मेदारी

भारतीय वायुसेना में अपनी विशिष्ट सेवाओं और दुश्मन देश के लड़ाकू विमान को मार गिराने की ऐतिहासिक घटना के बाद अभिनंदन वर्धमान देश के सबसे पहचाने जाने वाले पायलटों में शुमार हो गए थे। अब सैन्य उड्डयन के अपने लंबे अनुभव के बाद उन्होंने अपनी आगे की सेवाएं एक निजी एयरलाइन को देने का फैसला किया है। गोवा स्थित क्षेत्रीय एयरलाइन फ्लाई91 में उनकी नियुक्ति को लेकर उड्डयन जगत में काफी चर्चा है। हालांकि, फ्लाई91 के आधिकारिक प्रवक्ता ने इस विषय पर किसी भी विस्तृत टिप्पणी से इनकार करते हुए कहा कि कर्मचारियों का व्यक्तिगत और पेशेवर डेटा पूरी तरह गोपनीय होता है। इस नीति के कारण एयरलाइन ने अभिनंदन वर्धमान की नई प्रशासनिक या परिचालन भूमिका के संबंध में आधिकारिक विवरण साझा नहीं किया है।

ये भी पढ़ें

27 फरवरी 2019 का ऐतिहासिक हवाई मुकाबला और वीरता

अभिनंदन वर्धमान के सैन्य करियर का सबसे उल्लेखनीय अध्याय 27 फरवरी 2019 को लिखा गया था। उस समय वह भारतीय वायुसेना में विंग कमांडर के पद पर कार्यरत थे और जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित एयर फोर्स स्टेशन पर 'ऑपरेशनल रेडीनेस प्लेटफॉर्म' ड्यूटी पर तैनात थे। उसी दिन सुबह के समय नियंत्रण रेखा यानी LoC के पास पाकिस्तानी वायुसेना के कई उन्नत लड़ाकू विमानों के एक बड़े समूह को भारतीय हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ते हुए देखा गया था। दुश्मन के विमानों की घुसपैठ की सूचना मिलते ही केवल 5 मिनट के भीतर अभिनंदन वर्धमान को अपने MiG-21 Bison लड़ाकू विमान के साथ उन्हें रोकने और खदेड़ने के लिए रवाना किया गया।

आकाश में हुए इस भीषण मुकाबले के दौरान अभिनंदन वर्धमान ने अद्वितीय कौशल दिखाते हुए पाकिस्तान के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों में से एक F-16 को हवा में ही मार गिराया। यह एक ऐसा कारनामा था जिसने वैश्विक सैन्य विशेषज्ञों को भी चकित कर दिया था, क्योंकि एक पुरानी तकनीक वाले विमान से आधुनिक F-16 को ढेर करना अत्यधिक कठिन माना जाता था। हालांकि, इस हवाई संघर्ष के दौरान दुश्मन के एक अन्य जेट ने कई उन्नत BVR यानी बियॉन्ड विजुअल रेंज मिसाइलें दागीं। इनमें से एक मिसाइल अभिनंदन के MiG-21 Bison से टकरा गई, जिसके कारण उनका विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उन्हें आपातकालीन स्थिति में पैराशूट के जरिए नीचे कूदना पड़ा।

60 घंटे की पाकिस्तानी हिरासत और भारत वापसी

पैराशूट से इजेक्ट होने के बाद अभिनंदन वर्धमान नियंत्रण रेखा के पार यानी पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में जा गिरे। चोटिल होने के बावजूद उन्होंने अदम्य साहस दिखाया। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें अपनी कस्टडी में ले लिया। अभिनंदन वर्धमान लगभग 3 दिनों यानी कुल 60 घंटे तक पाकिस्तान की हिरासत में रहे। इस दौरान भारत सरकार के कूटनीतिक दबाव, अंतर्राष्ट्रीय नियमों और देशव्यापी जनसमर्थन के सामने पाकिस्तान को झुकना पड़ा। आखिरकार 1 मार्च 2019 को पाकिस्तान ने अटारी-वाघा सीमा पर अभिनंदन को भारत के सुपुर्द कर दिया।

भारत लौटने पर अभिनंदन वर्धमान का एक नायक की तरह भव्य स्वागत किया गया। पाकिस्तान की कैद में रहते हुए भी उनकी शांत चित्त मुद्रा, निडरता और गरिमापूर्ण व्यवहार ने हर भारतीय का दिल जीत लिया था। उस समय उनकी विशिष्ट शैली वाली बड़ी मूंछें पूरे देश में फैशन का नया ट्रेंड बन गई थीं और लाखों युवाओं ने उनके जैसा लुक अपनाया था। उस दौर में वह मीडिया और सोशल मीडिया पर देश के सबसे ज्यादा फोटोग्राफ किए गए फाइटर पायलट बन गए थे। इस असाधारण वीरता और कर्तव्य परायणता के लिए भारत सरकार ने उन्हें देश के तीसरे सबसे बड़े युद्धकालीन सैन्य सम्मान 'वीर चक्र' से विभूषित किया था। बाद में उन्हें ग्रुप कैप्टन के पद पर पदोन्नत भी किया गया था।

गोवा की निजी एयरलाइन फ्लाई91 का बेड़ा और परिचालन नेटवर्क

जिस एयरलाइन में अभिनंदन वर्धमान के शामिल होने की खबर है, वह फ्लाई91 भारत के नागरिक उड्डयन बाजार में एक नई और तेजी से उभरती हुई एयरलाइन है। फ्लाई91 ने हाल ही में मार्च 2024 से अपने व्यावसायिक उड़ानों का परिचालन शुरू किया है। इस निजी एयरलाइन का मुख्य प्रशासनिक मुख्यालय गोवा में स्थित है। उड्डयन क्षेत्र में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से स्थापित इस कंपनी के पास वर्तमान में 6 ATR 72-600 प्रकार के टर्बोप्रॉप विमानों का आधुनिक बेड़ा मौजूद है।

यह एयरलाइन देश के विभिन्न छोटे और मध्यम शहरों को जोड़ने का काम कर रही है। परिचालन को सुचारू रूप से चलाने के लिए फ्लाई91 ने दो प्रमुख संचालन केंद्र यानी ऑपरेटिंग हब बनाए हैं, जो गोवा और हैदराबाद में स्थित हैं। इन दोनों केंद्रों से एयरलाइन अपनी उड़ानों का प्रबंधन करती है। भारतीय वायुसेना से इस्तीफा देकर फ्लाई91 से जुड़ने के अभिनंदन वर्धमान के इस कदम से एयरलाइन के ब्रांड और वाणिज्यिक उड़ानों के संचालन को नया अनुभव प्राप्त होने की उम्मीद जताई जा रही है।

सवाल-जवाब

अभिनंदन वर्धमान किस निजी एयरलाइन से जुड़ने जा रहे हैं?
अभिनंदन वर्धमान गोवा मुख्यालय वाली निजी एयरलाइन फ्लाई91 में बतौर पायलट शामिल होने जा रहे हैं।
अभिनंदन वर्धमान को किस सैन्य सम्मान से सम्मानित किया गया था?
उन्हें 27 फरवरी 2019 के हवाई मुकाबले में असाधारण बहादुरी के लिए देश के तीसरे सबसे बड़े युद्धकालीन सैन्य सम्मान 'वीर चक्र' से सम्मानित किया गया था।
2019 में अभिनंदन वर्धमान ने किस विमान से पाकिस्तानी F-16 को मार गिराया था?
उन्होंने भारतीय वायुसेना के MiG-21 Bison फाइटर जेट से पाकिस्तानी वायुसेना के F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया था।
अभिनंदन वर्धमान कितने समय तक पाकिस्तान की कस्टडी में रहे थे?
वह लगभग 3 दिन यानी कुल 60 घंटे तक पाकिस्तान की हिरासत में रहे थे, जिसके बाद 1 मार्च 2019 को उन्हें अटारी-वाघा सीमा पर भारत को सौंपा गया था।
निजी एयरलाइन फ्लाई91 का परिचालन कब शुरू हुआ और इसका बेड़ा कैसा है?
फ्लाई91 ने मार्च 2024 में परिचालन शुरू किया था। इसका मुख्यालय गोवा में है और इसके पास 6 ATR 72-600 विमानों का बेड़ा है, जिसके ऑपरेटिंग हब गोवा और हैदराबाद में हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 3

Rohan Verma@rohan-verma·23 घंटे पहले

ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान का वायुसेना से इस्तीफा देकर क्षेत्रीय निजी एयरलाइन फ्लाई91 से जुड़ना नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव है। सैन्य उड्डयन के क्षेत्र में दशकों का उच्च-स्तरीय अनुभव रखने वाले एक अनुभवी लड़ाकू पायलट का कमर्शियल सेक्टर में आना क्षेत्रीय एयरलाइनों के परिचालन कौशल और सुरक्षा मानकों को तो मजबूत करेगा ही, साथ ही यह इस बात का भी संकेत है कि रक्षा बलों से सेवानिवृत्त होने वाले शीर्ष अधिकारी अब कॉर्पोरेट और नागरिक उड्डयन क्षेत्रों में तेजी से नए और अहम व्यावसायिक रास्ते तलाश रहे हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·23 घंटे पहले

ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान का यह कदम भारतीय उड्डयन और क्षेत्रीय विमानन बाजार में एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक बदलाव का संकेत देता है। फ्लाई91 जैसी क्षेत्रीय एयरलाइन में एक शीर्ष सैन्य पायलट का आना, न केवल नागरिक उड्डयन के परिचालन मानकों को ऊंचाई देगा, बल्कि यह भी साबित करता है कि रक्षा से सेवानिवृत्त होने वाले अनुभवी अधिकारियों के लिए कॉर्पोरेट और कमर्शियल सेक्टर में विकास की असीम संभावनाएं खुल रही हैं, जो आने वाले समय में निवेश और बाजार की गतिशीलता को भी प्रभावित करेंगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

एक सैन्य अधिकारी का कॉर्पोरेट या नागरिक उड्डयन क्षेत्र में जाना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है, लेकिन जब मामला वीर चक्र विजेता से जुड़ा हो तो यह जनहित और राष्ट्रीय सुरक्षा की सार्वजनिक जिज्ञासा का विषय बन जाता है। यहाँ वायुसेना से इस्तीफे के बाद निजी एयरलाइन से जुड़ना करियर का व्यावसायिक बदलाव है। एयरलाइन द्वारा कर्मचारियों की गोपनीयता का हवाला देना यह स्पष्ट करता है कि इस उच्च-प्रोफाइल मामले में आगे की प्रशासनिक और परिचालन संबंधी जानकारियां बेहद सावधानी से संभाली जा रही हैं।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR