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अमेज़न ने पेश किया किंडल क्लिक रिमोट, पन्ने पलटने के लिए अब स्क्रीन छूने की जरूरत नहींगाइड
29 अक्तू॰ 2026, 12:18 pm (5 मिनट पहले)· 0

अमेज़न ने पेश किया किंडल क्लिक रिमोट, पन्ने पलटने के लिए अब स्क्रीन छूने की जरूरत नहीं

अमेज़न ने अपने ई-रीडर्स के लिए नया ब्लूटूथ पेज टर्न रिमोट किंडल क्लिक लॉन्च किया है, जो 2024 और उसके बाद के मॉडल्स पर काम करेगा।

डिजिटल किताबों की दुनिया में अमेज़न किंडल लंबे समय से सबसे ज्यादा पहचाना जाने वाला नाम बना हुआ है। दुनिया भर के पाठकों तक ई-बुक्स पहुंचाने में इस डिवाइस की बहुत बड़ी भूमिका रही है। इसका मजबूत हार्डवेयर और अमेज़न के विशाल डिजिटल स्टोर से जुड़ाव पाठकों को एक स्थिर और सहज अनुभव देता आया है। इसके बावजूद, तकनीक में नए प्रयोग करने के मामले में अमेज़न अक्सर काफी सतर्क और धीमा रुख अपनाता रहा है। जब बार्न्स एंड नोबल और बूक्स जैसे प्रतिस्पर्धी ब्रांड्स ने एडजस्टेबल वॉर्म लाइट और रंगीन डिस्प्ले जैसी नई तकनीकों को अपने ई-रीडर्स में पहले पेश कर दिया, तब जाकर अमेज़न ने इन्हें अपने लाइनअप में शामिल किया। इसके अलावा कंपनी अपने डिवाइस के इकोसिस्टम पर कड़ा नियंत्रण रखने के लिए भी जानी जाती है। सीधे ई-बुक फाइल्स डाउनलोड करने की सुविधा को खत्म करने से लेकर बाहर के अन्य एक्सेसरीज के इस्तेमाल को सीमित करने तक, उपयोगकर्ताओं के पास अक्सर बहुत कम विकल्प बचते थे।

इसी कड़े नियंत्रण का एक बड़ा नुकसान यह था कि सालों से पाठक जिस एक जरूरी एक्सेसरी की मांग कर रहे थे, वह किंडल पर उपलब्ध नहीं थी। यह जरूरी गैजेट था एक वायरलेस पेज टर्न रिमोट, जिसकी मदद से बिना स्क्रीन छुए किताब के पन्ने बदले जा सकें। साल 2018 के बाद से बाजार में आए लगभग सभी किंडल मॉडल्स में ब्लूटूथ तकनीक मौजूद थी, लेकिन अमेज़न ने इसे केवल वायरलेस हेडफोन और स्पीकर कनेक्ट करने तक सीमित रखा था। इसका उपयोग किसी रिमोट कंट्रोल को जोड़ने के लिए नहीं किया जा सकता था। अब लंबे इंतजार के बाद अमेज़न ने इस नीति में बदलाव किया है और अपना पहला आधिकारिक ब्लूटूथ रिमोट किंडल क्लिक नाम से पेश कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी ने अपने सॉफ्टवेयर में बदलाव करके ब्लूटूथ प्रोटोकॉल को नए एक्सेसरीज के लिए खोल दिया है, हालांकि यह सुविधा केवल 2024 या उसके बाद लॉन्च हुए किंडल मॉडल्स पर ही काम करेगी।

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पेज टर्न रिमोट की मांग और सोशल मीडिया का असर

ई-रीडर के लिए एक अलग रिमोट कंट्रोल की जरूरत पहली नजर में कुछ लोगों को गैरजरूरी लग सकती है। कई पाठकों का सोचना हो सकता है कि जब हाथ में पकड़े डिवाइस की स्क्रीन को टैप करके या बटन दबाकर सीधे पन्ना पलटा जा सकता है, तो फिर एक और अतिरिक्त गैजेट संभालने का क्या फायदा है। लेकिन पढ़ने के अलग-अलग तौर-तरीकों और वास्तविक परिस्थितियों को देखें, तो यह छोटा सा उपकरण पढ़ने के अनुभव को पूरी तरह बदल देता है। कुछ साल पहले टिकटॉक के बुकटॉक समुदाय पर ई-रीडर रिमोट का चलन बहुत तेजी से वायरल हुआ था। बड़ी संख्या में पाठकों ने आरामदायक तरीके से पढ़ने के अपने वीडियो साझा किए, जिसमें रिमोट की उपयोगिता साफ दिखाई दी। इस बढ़ती मांग को देखकर कोबो और बूक्स जैसी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों ने बिना देर किए अपने आधिकारिक वायरलेस रिमोट बाजार में उतार दिए थे।

किंडल उपयोगकर्ताओं के लिए स्थिति काफी निराशाजनक थी क्योंकि सॉफ्टवेयर की पाबंदी के कारण कोई भी ब्लूटूथ रिमोट सीधे डिवाइस से कनेक्ट नहीं हो सकता था। उस समय पाठकों के पास केवल एक ही रास्ता था, थर्ड पार्टी क्लिप-ऑन रिमोट का सहारा लेना। ये ऐसे उपकरण होते हैं जिनमें एक क्लिप को किंडल स्क्रीन के किनारे पर लगाना पड़ता है। जब यूजर हाथ में रखे रिमोट का बटन दबाता है, तो क्लिप का छोटा सेंसर स्क्रीन पर भौतिक रूप से टैप करता है। यह समाधान पूरी तरह व्यावहारिक नहीं था। इस क्लिप की वजह से स्क्रीन का एक हिस्सा छिप जाता था और पाठकों को पढ़ने में रुकावट आती थी। इसके अलावा, ऐसे ज्यादातर क्लिप-ऑन उपकरण केवल पन्ने आगे की तरफ पलट सकते थे, पीछे जाने की कोई सुविधा उनमें नहीं होती थी। किंडल क्लिक के आने से पाठकों को इस उलझन भरे जुगाड़ से पूरी तरह मुक्ति मिल गई है।

किन परिस्थितियों में सबसे ज्यादा मददगार है यह रिमोट

किंडल क्लिक जैसे पेज टर्नर का सबसे बड़ा फायदा तब महसूस होता है जब ई-रीडर को लगातार हाथ में थामे रखना मुश्किल या असुविधाजनक हो जाता है। उदाहरण के लिए, जिम में वर्कआउट करते समय या घर पर एक्सरसाइज मशीन का इस्तेमाल करते वक्त रिमोट बेहद उपयोगी साबित होता है। यदि कोई व्यक्ति स्पैन बाइक या एलिप्टिकल ट्रेनर पर कसरत करते हुए किताब पढ़ रहा है, तो पसीना भरे हाथों से किंडल को संभालना बहुत कठिन होता है। मशीन के हिलने से स्क्रीन पर नजर टिकाना और बार-बार हाथ बढ़ाकर पन्ना पलटना कसरत की लय को तोड़ देता है। ऐसे समय में किंडल को मशीन के हैंडल या किसी सामने वाले स्टैंड पर सुरक्षित रखा जा सकता है। पाठक अपनी गति से एक्सरसाइज जारी रखते हुए हाथ में पकड़े छोटे रिमोट के हल्के क्लिक से पन्ने आगे बढ़ा सकता है।

वर्कआउट के अलावा सर्दियों के मौसम में भी यह रिमोट बेजोड़ आराम देता है। कड़ाके की ठंड में भारी रजाई या कंबल में दुबक कर पढ़ने का मजा ही अलग होता है। लेकिन पारंपरिक तरीके से पढ़ते समय हर मिनट पन्ना बदलने के लिए हाथ को कंबल से बाहर ठंडी हवा में निकालना पड़ता है, जिससे गर्माहट का पूरा सुकून खत्म हो जाता है। किंडल क्लिक की मदद से पाठक अपने ई-रीडर को किसी आर्म स्टैंड या तकिए के सहारे अपनी नजरों के सामने टिका सकते हैं। इसके बाद दोनों हाथ कंबल के भीतर रखकर, बिना हिले-डुले आराम से उंगलियों के इशारे पर पन्ने पलटे जा सकते हैं। इस खास आरामदायक अनुभव के लिए कई समर्पित पाठक खुशी-खुशी पैसे खर्च करने को तैयार रहते हैं। नया किंडल पेपरव्हाइट सिग्नेचर एडिशन जैसे मॉडल्स के साथ यह रिमोट शानदार तालमेल बनाता है।

कीमत, बनावट और सेटअप की प्रक्रिया

अमेज़न ने किंडल क्लिक की कीमत करीब 35 डॉलर तय की है, जिस पर स्थानीय टैक्स अलग से लगता है। केवल चार बटन वाले एक छोटे से प्लास्टिक रिमोट के हिसाब से यह कीमत कुछ लोगों को थोड़ी ज्यादा लग सकती है। बाजार में उपलब्ध प्रतिस्पर्धी रिमोट जैसे कि बूक्स टैपी की कीमत 30 डॉलर है, जो दिखने में भी काफी आकर्षक है। अमेज़न का रिमोट बूक्स टैपी से केवल 5 डॉलर अधिक महंगा है। अमेज़न के इस नए फर्मवेयर अपडेट का एक बड़ा फायदा यह भी है कि अब किंडल पर सस्ते थर्ड पार्टी ब्लूटूथ रिमोट भी जोड़े जा सकेंगे। हालांकि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि बाहर के सस्ते रिमोट आधिकारिक किंडल क्लिक जितनी सटीकता और स्थिरता के साथ काम करेंगे।

डिवाइस को कनेक्ट करने और इस्तेमाल करने का तरीका काफी सीधा और सरल रखा गया है

  • रिमोट के मुख्य बटन को कुछ सेकंड तक दबाकर रखें ताकि वह पेयरिंग मोड में आ जाए।
  • साल 2024 या उसके बाद के अपने किंडल ई-रीडर की सेटिंग्स मेनू में जाएं।
  • वहां एक्सेसरीज विकल्प पर टैप करें। यदि यह विकल्प नजर न आए, तो डिवाइस के सॉफ्टवेयर को नए वर्जन पर अपडेट करने की जरूरत होगी।
  • सामने दिख रही ब्लूटूथ डिवाइसेज की सूची में किंडल क्लिक नाम पर टैप करके पेयरिंग पूरी करें।

एक बार पेयरिंग हो जाने के बाद, जब भी दोनों डिवाइस पास होंगे और चालू रहेंगे, रिमोट अपने आप किंडल से कनेक्ट हो जाता है। पाठकों को हर बार सेटिंग्स में जाकर दोबारा कनेक्ट करने की जरूरत नहीं पड़ती, बशर्ते किंडल का ब्लूटूथ चालू रखा गया हो। किताब खोलते ही रिमोट के दोनों बड़े ग्रे बटन पन्ने बदलने का काम शुरू कर देते हैं। सेटिंग्स में यह तय किया जा सकता है कि कौन सा बटन पन्ना आगे बढ़ाएगा और कौन सा पीछे ले जाएगा। इसके अलावा साइड में दिए गए वॉल्यूम जैसे दो बटनों से स्क्रीन की फ्रंट लाइट ब्राइटनेस को कम या ज्यादा किया जा सकता है। हालांकि इस रिमोट से लाइब्रेरी में जाकर दूसरी किताब खोलना या होम स्क्रीन पर नेविगेट करना संभव नहीं है, इसलिए रजाई में जाने से पहले अपनी मनपसंद किताब खोलकर बैठना जरूरी है।

कुछ जरूरी खूबियों की कमी अब भी बरकरार

यद्यपि किंडल क्लिक अपने बताए गए वादे पर पूरी तरह खरा उतरता है, लेकिन अमेज़न इसमें कुछ और आधुनिक सुविधाएं जोड़कर इसे अधिक उपयोगी बना सकता था। कंपनी ने इसके फीचर्स को बहुत सीमित दायरे में बांध दिया है। तुलना के लिए बूक्स टैपी को देखा जाए तो उसमें अलग-अलग मोड्स दिए गए हैं। टैपी की मदद से वेब ब्राउजर के पन्ने ऊपर-नीचे स्क्रॉल किए जा सकते हैं और ऑडियोबुक सुनते समय ट्रैक को आगे या पीछे भी किया जा सकता है। किंडल के ई-इंक डिस्प्ले पर वेब ब्राउजिंग भले ही उतनी लोकप्रिय न हो, लेकिन किंडल डिवाइसेज ऑडिबल ऑडियोबुक्स को बहुत अच्छी तरह सपोर्ट करते हैं। इसके बावजूद किंडल क्लिक में ऑडियोबुक के चैप्टर बदलने या वॉल्यूम एडजस्ट करने का कोई फीचर नहीं दिया गया है।

इसके अलावा किंडल पेपरव्हाइट जैसे आधुनिक मॉडल्स में वॉर्म लाइट का बेहतरीन विकल्प मिलता है, जो रात में पढ़ते समय आंखों पर नीली रोशनी का असर घटाता है। किंडल क्लिक के साइड बटन केवल सामान्य ब्राइटनेस को घटाने या बढ़ाने का काम करते हैं। अमेज़न चाहता तो बटन के दोहरे क्लिक या किसी खास मोड के जरिए रिमोट से ही वॉर्मथ सेटिंग्स को नियंत्रित करने का विकल्प दे सकता था। इंजीनियरिंग के नजरिए से सॉफ्टवेयर में ऐसा फीचर जोड़ना कोई असंभव काम नहीं था, खासकर अमेज़न जैसी बड़ी तकनीकी कंपनी के लिए। कुल मिलाकर, कुछ सीमाओं के बावजूद किंडल क्लिक उन पाठकों के लिए एक बेहद काम का गैजेट है जो बिना हाथ हिलाए पूरी सहूलियत के साथ किताबें पढ़ने का आनंद लेना चाहते हैं।

सवाल-जवाब

किंडल क्लिक रिमोट की कीमत कितनी है?
किंडल क्लिक की कीमत लगभग 35 डॉलर रखी गई है, जिस पर टैक्स अलग से लागू होता है।
क्या यह रिमोट सभी पुराने किंडल मॉडल्स पर काम करेगा?
नहीं, यह रिमोट केवल साल 2024 या उसके बाद रिलीज हुए किंडल मॉडल्स के साथ ही काम करता है।
किंडल क्लिक के जरिए क्या स्क्रीन की ब्राइटनेस बदली जा सकती है?
हां, रिमोट के साइड में दिए गए बटनों की मदद से स्क्रीन की फ्रंट लाइट ब्राइटनेस को कम या ज्यादा किया जा सकता है।
क्या इस रिमोट से ऑडिबल ऑडियोबुक्स को कंट्रोल किया जा सकता है?
नहीं, किंडल क्लिक से ऑडिबल के चैप्टर्स बदलना या ऑडियो का वॉल्यूम नियंत्रित करना संभव नहीं है।
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