अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरो बनाम जापानी येन की विनिमय दर में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यह क्रॉस 175.90 के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि हालिया सत्रों में 175.77 के स्तर पर दबाव स्पष्ट तौर पर दर्ज किया गया। पिछले कारोबारी दिन की मामूली तेजी को गंवाते हुए यह जोड़ी अपने महत्वपूर्ण नौ-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए के नीचे बनी हुई है। तकनीकी संकेतकों और चार्ट पैटर्न का गहन अध्ययन यह दर्शाता है कि दैनिक समय सीमा पर निर्मित अवरोही चैनल के भीतर यह क्रॉस मंदड़ियों के नियंत्रण में बना हुआ है, जिससे निकट भविष्य में किसी भी त्वरित उछाल की संभावना सीमित नजर आ रही है।
दैनिक चार्ट पर अवरोही चैनल और तकनीकी संकेत
दैनिक समय सीमा पर तकनीकी बनावट को देखने से स्पष्ट होता है कि यूरो बनाम येन की जोड़ी एक सुव्यवस्थित अवरोही चैनल के भीतर नीचे की ओर गति कर रही है। जब भी किसी मुद्रा जोड़ी में निचली चोटियों और निचले गर्तों का निर्माण होता है, तो वह तकनीकी भाषा में शुद्ध गिरावट की प्रवृत्ति को पुष्ट करता है। वर्तमान में यह जोड़ी अपने अल्पकालिक नौ-दिवसीय ईएमए 176.32 के साथ-साथ पचास-दिवसीय ईएमए 178.99 के भी नीचे स्थित है। जब अल्पकालिक मूविंग एवरेज अपने दीर्घकालिक मूविंग एवरेज के नीचे बना रहता है, तो यह बिकवाली के दबाव को और अधिक गति प्रदान करता है।
बाजार के तकनीकी संकेतकों में चौदह-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई वर्तमान में 34 से 35 के स्तर के करीब बना हुआ है। आरएसआई का 30 के स्तर के करीब होना यह दर्शाता है कि बाजार में गति कमजोर है, हालांकि मुद्रा जोड़ी अभी तक अत्यधिक बिकवाली वाले क्षेत्र में पूरी तरह से दाखिल नहीं हुई है। इसका अर्थ यह हुआ कि मंदड़ियों के पास कीमतों को और नीचे धकेलने का तकनीकी अवसर अभी भी मौजूद है। इसके अलावा मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी एमएसीडी सूचक भी ऋणात्मक क्षेत्र में बना हुआ है, जहां इसकी हिस्टोग्राम पट्टियां शून्य से नीचे फिसलती हुई बिकवाली के रुझान की पुष्टि कर रही हैं।
सपोर्ट और रेजिस्टेंस के महत्वपूर्ण स्तर
व्यापारियों और विश्लेषकों के लिए इस समय सबसे तात्कालिक और निर्णायक स्तर 175.10 पर स्थित है, जो कि 23 अक्टूबर को बना बारह महीने का निचला स्तर है। यदि मंदड़िए कीमतों को इस स्तर से नीचे धकेलने में सफल हो जाते हैं, तो अगला तात्कालिक लक्ष्य अवरोही चैनल की निचली सीमा 174.60 के आसपास होगा। 175.10 से 174.60 का यह दायरा एक मजबूत संगम सपोर्ट जोन के रूप में काम कर रहा है। यदि यह संगम क्षेत्र टूटता है, तो बाजार में तेज बिकवाली की लहर उठ सकती है, जिससे यह मुद्रा जोड़ी अपने पंद्रह महीने के निचले स्तर 169.72 की ओर खिसक सकती है।
दूसरी ओर, किसी भी सुधारात्मक उछाल की स्थिति में बुल्स के सामने कई कड़े अवरोध खड़े हैं। पहला प्राथमिक अवरोध नौ-दिवसीय ईएमए 176.32 पर मौजूद है। यदि खरीदार इस बाधा को पार कर लेते हैं, तो अवरोही चैनल की ऊपरी सीमा 178.20 के करीब दूसरा बड़ा प्रतिरोध प्रस्तुत करेगी। इसके बाद पचास-दिवसीय ईएमए 178.99 के स्तर पर स्थित है। तकनीकी दृष्टिकोण से जब तक यह जोड़ी पचास-दिवसीय औसत के ऊपर एक निर्णायक दैनिक बंद दर्ज नहीं करती, तब तक किसी भी तेजी के पलटाव की संभावना नहीं है। यदि कभी इस मध्यम-अवधि के औसत के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट होता है, तभी 17 अप्रैल को बने 187.95 के सर्वकालिक उच्च स्तर की ओर दोबारा बढ़ने की दिशा खुल सकेगी।
बैंक ऑफ जापान की नीतिगत दिशा और येन की चाल
जापानी येन दुनिया की सर्वाधिक कारोबार वाली मुद्राओं में से एक है। इसकी विनिमय दर का निर्धारण न केवल जापानी अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन से होता है, बल्कि बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीतियों, वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जोखिम की भावना से भी गहराई से जुड़ा है। बैंक ऑफ जापान के प्राथमिक उद्देश्यों में मुद्रा नियंत्रण शामिल है, इसलिए केंद्रीय बैंक का प्रत्येक नीतिगत निर्णय येन की दिशा तय करने में केंद्रीय भूमिका निभाता है। हालांकि राजनीतिक और व्यापारिक चिंताओं के कारण बैंक ऑफ जापान बार-बार मुद्रा बाजार में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप करने से बचता है, लेकिन पूर्व में उसने मुद्रा के तीव्र उतार-चढ़ाव को थामने के लिए ऐसे कदम उठाए हैं।
वर्ष 2013 से 2024 के लंबे दौर में बैंक ऑफ जापान ने अत्यधिक उदार मौद्रिक नीति का पालन किया था। इस नीति के तहत शून्य या नकारात्मक ब्याज दरें रखी गईं, जिससे जापानी येन और दुनिया के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतियों के बीच एक विशाल नीतिगत अंतर पैदा हो गया। इस नीतिगत विचलन ने येन को अपने प्रमुख प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले ऐतिहासिक रूप से कमजोर किया। हालांकि वर्ष 2024 के दौरान बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी इस बेहद ढीली नीति को क्रमिक रूप से समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिससे येन को बुनियादी धरातल पर नया सहारा मिलना शुरू हुआ।
वैश्विक बॉन्ड यील्ड और ब्याज दर का अंतर
पिछले एक दशक में जब अमेरिकी फेडरल रिजर्व और यूरोपीय सेंट्रल बैंक ब्याज दरों को कड़ा कर रहे थे, उस समय बैंक ऑफ जापान के ढीले रुख ने जापानी और अमेरिकी दस-वर्षीय बॉन्ड प्रतिफल के बीच के अंतर को रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ा दिया था। इस प्रतिफल अंतर ने निवेशकों को कैरी ट्रेड की रणनीति अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया, जिसके परिणामस्वरूप पूंजी येन से निकलकर अमेरिकी डॉलर और यूरो जैसी उच्च ब्याज वाली मुद्राओं की ओर गई। इसी प्रक्रिया ने जापानी येन को लगातार दबाव में रखा।
वर्तमान में स्थिति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। प्रमुख पश्चिमी केंद्रीय बैंक अपनी आक्रामक दरों में कटौती करने की दिशा में बढ़ रहे हैं, जबकि बैंक ऑफ जापान धीरे-धीरे अपनी नीति को सामान्य बनाते हुए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की तैयारी कर रहा है। ब्याज दरों का यह सिकुड़ता हुआ अंतर विदेशी मुद्रा बाजार के पूरे संतुलन को बदल रहा है। जैसे-जैसे प्रतिफल का अंतर घट रहा है, वैसे-वैसे येन में नई खरीदारी लौट रही है और यूरो बनाम येन जैसी जोड़ियों में मंदी का दबाव गहरा रहा है।
सुरक्षित पनाहगाह के रूप में येन का आकर्षण
जापानी येन को वैश्विक वित्तीय बाजारों में परंपरागत रूप से एक सुरक्षित पनाहगाह निवेश के रूप में मान्यता प्राप्त है। इसका सीधा अर्थ यह है कि जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता या वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल बढ़ती है, तो वैश्विक निवेशक अपनी पूंजी को जोखिम वाली संपत्तियों से निकालकर जापानी येन में सुरक्षित करना पसंद करते हैं। जापान की मजबूत विदेशी संपत्ति स्थिति और घरेलू स्थिरता इसे कठिन समय में एक विश्वसनीय मुद्रा बनाती है। ऐसे अशांत माहौल में यूरो जैसी विकास-संवेदनशील मुद्राओं के मुकाबले येन का मूल्य अक्सर मजबूत हो जाता है, जिससे यूरो बनाम येन क्रॉस नीचे की ओर झुक जाता है।
अन्य मुद्रा जोड़ियों और सोने की हलचल
विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य हिस्सों में भी महत्वपूर्ण गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर की जोड़ी एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान 0.7055 के स्तर के करीब मजबूत हुई। ऑस्ट्रेलिया में उम्मीद से अधिक गर्म मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की अपेक्षाओं को हवा दी है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को गति मिली। हालांकि अमेरिकी बाजार में सितंबर के व्यक्तिगत उपभोग व्यय यानी पीसीई मुद्रास्फीति रिपोर्ट पर निवेशकों की कड़ी नजर टिकी हुई है।
दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन की जोड़ी में निचले स्तरों पर खरीदारों की सक्रियता देखी गई, जिसके चलते यह पुनः 158.00 के स्तर से ऊपर चढ़ने में कामयाब रही। अमेरिकी डॉलर ने फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी एफओएमसी की बैठक के बाद आई कमजोरी के एक हिस्से की भरपाई की है। निवेशक अब तीसरी तिमाही के अग्रिम जीडीपी आंकड़ों और पीसीई मूल्य सूचकांक की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसके साथ ही, शुक्रवार को होने वाली बैंक ऑफ जापान की नीतिगत बैठक पर भी नजरें केंद्रित हैं, जहां दिसंबर में ब्याज दर वृद्धि की संभावनाओं को लेकर नए संकेत तलाशे जाएंगे। इस बीच, अमेरिकी डॉलर की वापसी के चलते सोने की कीमतों में 0.65 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 4,040 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गया, जिससे पीली धातु की तीन दिनों से चली आ रही बढ़त का सिलसिला थम गया।


















