कर्नाटक राज्य में मतदाता सूचियों को पारदर्शी और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 अभियान पूरे जोर-शोर से चलाया जा रहा है। इस पुनरीक्षण अभियान के तहत राज्य के 5.54 करोड़ कुल पंजीकृत मतदाताओं में से 1.11 करोड़ से अधिक नागरिकों को ASDDO यानी अनुपस्थित, स्थानांतरित, दोहराव, मृत और अन्य श्रेणी में सूचीबद्ध किया गया है। भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार 4 अगस्त तक कुल 1,11,07,461 मतदाताओं को इस विशेष सत्यापन श्रेणी में रखा गया है। यदि आपका नाम भी इस सूची में शामिल है, तो 8 अगस्त तक अपने बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के पास जाकर भौतिक सत्यापन कराना अनिवार्य है। सत्यापन पूरा न होने की स्थिति में ऐसे मतदाताओं के नाम 17 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल) में शामिल नहीं किए जाएंगे।
विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 और ASDDO श्रेणी की मुख्य भूमिका
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कर्नाटक भर में चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 का प्राथमिक लक्ष्य मतदाता सूचियों से फर्जी, दोहरी तथा अमान्य प्रविष्टियों को पूरी तरह हटाना है। इस प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग के प्रतिनिधि और बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर सत्यापन कार्य कर रहे हैं। सत्यापन के दौरान जिन मतदाताओं की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाती या जिनके विवरण में गड़बड़ी पाई जाती है, उन्हें ASDDO श्रेणी में डाल दिया जाता है। हालांकि, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने यह स्पष्ट किया है कि केवल ASDDO सूची में नाम दर्ज होने से किसी भी नागरिक का मताधिकार या मतदाता सूची से नाम तुरंत समाप्त नहीं होता है। इसका सीधा अर्थ यह है कि अंतिम मतदाता सूची तैयार होने से पूर्व आपके रिकॉर्ड का प्रशासनिक सत्यापन होना अति आवश्यक है।
ASDDO का विस्तृत अर्थ और कोड वर्गीकरण
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में प्रयुक्त ASDDO एक विशेष प्रशासनिक कोड वर्गीकरण प्रणाली है। इसके अंतर्गत प्रत्येक अक्षर एक विशिष्ट स्थिति को दर्शाता है।
- A - Absent (अनुपस्थित): इसका तात्पर्य उन मतदाताओं से है जो BLO के घर-घर सत्यापन के समय अपने पंजीकृत पते पर उपस्थित नहीं पाए गए।
- S - Shifted (स्थानंतरित): यह कोड उन नागरिकों के लिए प्रयोग किया जाता है जो अपने पंजीकृत पते को छोड़कर किसी अन्य स्थान या शहर में जा चुके हैं।
- D - Duplicate (दोहराव): जब किसी एक मतदाता का नाम मतदाता सूची में एक से अधिक बार या विभिन्न मतदान केंद्रों पर दर्ज पाया जाता है, तो उसे इस वर्ग में रखा जाता है।
- D - Dead (मृत): इस श्रेणी में उन मतदाताओं के विवरण रखे जाते हैं जिनके निधन की सूचना सत्यापन के दौरान प्राप्त हुई है।
- O - Others (अन्य): अन्य ऐसे सभी मामले जहां आगे गहन जांच और अतिरिक्त दस्तावेजों के सत्यापन की आवश्यकता होती है, उन्हें इस श्रेणी में चिन्हित किया जाता है।
कर्नाटक मतदाता पुनरीक्षण की महत्वपूर्ण तिथियां और समय सीमा
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आधिकारिक समय सारणी के अनुसार कर्नाटक में घर-घर जाकर किया जाने वाला सत्यापन कार्य 8 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है। मतदाता पुनरीक्षण 2026 की पूरी प्रक्रिया निम्नलिखित तिथियों के आधार पर संचालित हो रही है।
- 4 अगस्त: इस तिथि तक के आंकड़ों के अनुसार राज्य में 1,11,07,461 मतदाताओं को ASDDO सूची में चिन्हित किया गया था।
- 8 अगस्त: यह SIR सत्यापन फॉर्म जमा करने और गलत तरीके से ASDDO श्रेणी में दर्ज नामों को सही कराने की अंतिम तिथि है।
- 17 अगस्त: इस दिन प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल) का आधिकारिक प्रकाशन किया जाएगा।
- 19 अक्टूबर: सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के पश्चात अंतिम मतदाता सूची (फाइनल इलेक्टोरल रोल) जारी की जाएगी।
ASDDO सूची में अपना नाम ऑनलाइन जांचने की पूरी प्रक्रिया
कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबुकुमार ने नागरिकों की सुविधा के लिए एक समर्पित वेब पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मतदाता अपने मोबाइल या कंप्यूटर से घर बैठे यह जांच सकते हैं कि उनका नाम ASDDO सूची में शामिल है या नहीं। पोर्टल पर ऑनलाइन जांच की प्रक्रिया बहुत सरल है।
- पहला चरण: मुख्य निर्वाचन अधिकारी, कर्नाटक के आधिकारिक ASDDO पोर्टल ceo.karnataka.gov.in पर जाएं।
- दूसरा चरण: वेबसाइट पर उपलब्ध जिलों की सूची में से अपने संबंधित जिले का चयन करें।
- तीसरा चरण: अपने जिले की ASDDO सूची की फाइल खोलें या उसे डाउनलोड करें।
- चौथा चरण: डाउनलोड की गई सूची में अपना नाम या अपने मतदाता पहचान पत्र का EPIC नंबर दर्ज करके खोजें।
गलत प्रविष्टि सुधरवाने के लिए क्या करें?
यदि किसी मतदाता को ऑनलाइन जांच के दौरान यह पता चलता है कि उसका नाम गलती से स्थानांतरित, अनुपस्थित या किसी अन्य ASDDO श्रेणी में डाल दिया गया है, तो उसे तुरंत कार्रवाई करनी होगी। ऐसे मतदाताओं को अपने स्थानीय बूथ लेवल अधिकारी (BLO) से संपर्क करना होगा और यह साबित करना होगा कि वे अभी भी अपने पंजीकृत पते पर ही निवास कर रहे हैं। इसके लिए नागरिक को अपने आवास और पहचान से संबंधित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने होंगे। प्रमाणों के सत्यापन के पश्चात BLO आवश्यक गणना फॉर्म (इन्यूमरेशन फॉर्म) जारी करेगा, जिसे भरकर जमा करने पर रिकॉर्ड को सही कर लिया जाएगा। 8 अगस्त की समय सीमा तक यह प्रक्रिया पूरी न करने वाले मतदाताओं के नाम 17 अगस्त के ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं होंगे।



















