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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अनक्लेम्ड डिविडेंड वापस पाने की आसान प्रक्रिया जारी की, पहली तिमाही के नतीजों पर भी नज़रगाइड
7 अग॰ 2026, 9:35 am (1 दिन पहले)· 2

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अनक्लेम्ड डिविडेंड वापस पाने की आसान प्रक्रिया जारी की, पहली तिमाही के नतीजों पर भी नज़र

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने शेयरधारकों के लिए अपने बकाया अनक्लेम्ड डिविडेंड को वापस पाने की चरणबद्ध डिजिटल प्रक्रिया साझा की है। इसके साथ ही आज बैंक के पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे भी घोषित हो रहे हैं।

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने उन सभी शेयरधारकों के लिए एक अहम गाइडलाइन जारी की है जिनका डिविडेंड किसी कारणवश बकाया रह गया है। कई बार निवेशक अपना पता या बैंक खाता बदलने, पुराने शेयर प्रमाणपत्रों पर ध्यान न देने या निवेश की जानकारी भूल जाने की वजह से सालों तक डिविडेंड का दावा नहीं कर पाते हैं। ऐसे सभी निवेशकों को राहत देते हुए बैंक ने अनक्लेम्ड डिविडेंड को ढूंढने और उसे अपने खाते में वापस पाने का एक सरल तरीका बताया है। यह अपडेट ऐसे समय में आया है जब बाजार की निगाहें 2026-27 वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के लिए घोषित होने वाले बैंक के वित्तीय नतीजों पर टिकी हुई हैं।

अनक्लेम्ड डिविडेंड का ब्योरा और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का पिछला रिकॉर्ड

डिविडेंड भुगतान के मामले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का ट्रैक रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। डेटा विश्लेषक फर्म ट्रेंडलाइन के आंकड़ों के मुताबिक, बैंक ने 2 जुलाई 2001 से लेकर अब तक कुल 25 बार डिविडेंड की घोषणा की है। अगर पिछले 12 महीनों की बात करें तो सार्वजनिक क्षेत्र के इस ऋणदाता ने प्रति शेयर ₹17.35 का इक्विटी डिविडेंड दिया है। वर्तमान में शेयर बाजार में बैंक के शेयर की कीमत ₹1,085 के आसपास बनी हुई है, जिस लिहाज से इसकी डिविडेंड यील्ड 1.6% बैठती है। इतनी बेहतर यील्ड के बावजूद कई शेयरधारक प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण अपने हिस्से का पैसा पाने से वंचित रह जाते हैं।

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इन्वेस्टर रिलेशंस पोर्टल के माध्यम से डिविडेंड खोजने का तरीका

यदि कोई शेयरधारक आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपनी बकाया राशि खोजना चाहता है, तो उसे कुछ आसान चरणों का पालन करना होगा। सबसे पहले बैंक के मुख्य वेब पोर्टल sbi.bank.in पर जाना होगा। इसके बाद होम पेज पर उपलब्ध 'इन्वेस्टर रिलेशंस' विकल्प पर क्लिक करना होगा। अगले चरण में 'शेयरहोल्डर इंफॉर्मेशन' अनुभाग को चुनना होता है। निवेशक सीधे sbi.bank.in/web/investor-relations/share-holder-bond-holder-information लिंक पर क्लिक करके भी इस पेज तक पहुंच सकते हैं। यहां पहुंचने के बाद 'अनपेड डिविडेंड' के विकल्प का चयन करें। फिर सर्च सुविधा का उपयोग करके अपना ब्योरा दर्ज करें। एक बार बकाया राशि की जानकारी प्राप्त हो जाने पर, निवेशक केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड या स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयर एंड बॉन्ड्स डिपार्टमेंट से संपर्क करके अपने दावे की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकते हैं।

डायरेक्ट लिंक द्वारा अनक्लेम्ड राशि की जांच और आवेदन प्रक्रिया

बैंक ने शेयरधारकों की सुविधा के लिए एक वैकल्पिक और ज्यादा सीधा डिजिटल रास्ता भी दिया है। निवेशक सीधे आधिकारिक लिंक sbi.bank.in/web/home/unpaid-dividends पर जाकर अनपेड डिविडेंड सेक्शन खोल सकते हैं। इस पेज पर जाने के बाद यूजर को अपने बैंक का नाम, डिविडेंड वर्ष, फोलियो नंबर या क्लाइंट आईडी जैसी बुनियादी जानकारियां भरनी होंगी। इसके बाद आगे बढ़ते हुए व्यक्तिगत विवरण जैसे कि PAN नंबर, अपना पहला नाम और जन्म तिथि (DOB) दर्ज करनी होती है। अंत में सुरक्षा के लिए दिए गए कैप्चा कोड को भरकर सबमिट करने पर स्क्रीन पर अनक्लेम्ड डिविडेंड का पूरा ब्योरा प्रदर्शित हो जाता है।

पहली तिमाही (Q1) के नतीजों का विश्लेषण और बाजार की उम्मीदें

डिविडेंड एडवाइजरी के साथ-साथ बाजार विशेषज्ञ आज आने वाले बैंक के जून तिमाही (Q1) के नतीजों का भी गहराई से विश्लेषण कर रहे हैं। बाजार जानकारों का मानना है कि रिटेल, एग्रीकल्चर और एमएसएमई (RAM) सेगमेंट में लगातार हो रही ग्रोथ से बैंक को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा एक्सप्रेस क्रेडिट में बेहतर सुधार और इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी तथा डाटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में कॉर्पोरेट लोन की मजबूत मांग से बैंक के प्रदर्शन को गति मिलने की संभावना है। हालांकि, ब्रोकरेज हाउस का यह भी अनुमान है कि पिछली तिमाहियों की तुलना में स्लिपेज में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है और प्रोविजंस ज्यादा रहने के कारण क्रेडिट कॉस्ट भी कुछ बढ़ सकती है। इसके बावजूद अधिकतर विश्लेषक जून तिमाही के दौरान बैंक के शुद्ध लाभ में दोहरे अंकों (डबल डिजिट) में ग्रोथ दर्ज किए जाने की उम्मीद जता रहे हैं।

सवाल-जवाब

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 2 जुलाई 2001 से अब तक कितनी बार डिविडेंड घोषित किया है?
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 2 जुलाई 2001 से अब तक कुल 25 बार डिविडेंड की घोषणा की है।
पिछले 12 महीनों में एसबीआई का प्रति शेयर इक्विटी डिविडेंड कितना रहा है?
ट्रेंडलाइन आंकड़ों के अनुसार, पिछले 12 महीनों में बैंक ने प्रति शेयर ₹17.35 का इक्विटी डिविडेंड दिया है।
एसबीआई का अनक्लेम्ड डिविडेंड चेक करने का डायरेक्ट लिंक क्या है?
निवेशक sbi.bank.in/web/home/unpaid-dividends पर जाकर सीधे अपना अनक्लेम्ड डिविडेंड चेक कर सकते हैं।
अनपेड डिविडेंड ढूंढने के लिए किन जानकारियों की आवश्यकता होती है?
पोर्टल पर फोलियो नंबर, क्लाइंट आईडी, डिविडेंड वर्ष, पैन नंबर, पहला नाम, जन्म तिथि और कैप्चा कोड दर्ज करना होता है।
अनक्लेम्ड डिविडेंड की जानकारी मिलने के बाद किससे संपर्क करना होता है?
ब्योरा मिलने के बाद निवेशक केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड या स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयर एंड बॉन्ड्स डिपार्टमेंट से संपर्क कर सकते हैं।
एसबीआई की पहली तिमाही (Q1) के प्रदर्शन को कौन से कारक गति दे रहे हैं?
रैम (RAM) सेगमेंट में ग्रोथ, एक्सप्रेस क्रेडिट और इंफ्रास्ट्रक्चर तथा रिन्यूएबल एनर्जी में कॉरपोरेट लोन की मजबूत पाइपलाइन मुख्य कारक हैं।
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