युवा संस्कृति में इन दिनों पुरानी यादों यानी नॉस्टैल्जिया को लेकर एक बेहद दिलचस्प और अनोखा बदलाव देखने को मिल रहा है। आज की युवा पीढ़ी दशकों पुरानी पारंपरिक चीजों, जैसे कि गोल्डफिश निगलने की प्रतियोगिताएं, रकून की खाल वाले कोट पहनने का फैशन या 'फ्लिबर्टी-गिबेट' जैसे पुराने ज़माने के मुहावरे, की तरफ आकर्षित नहीं हो रही है। इसके बजाय, आज के किशोर और युवा डिजिटल दुनिया के हालिया दौर की अजीबोगरीब घटनाओं से जुड़ी यादें ताजा कर रहे हैं। इस नए ट्रेंड में वर्ष 2017 के अजीब स्वाद वाले फास्ट फूड ड्रिंक्स, 2010 की टम्बलर फैन सबकल्चर और 2018 के सैटरडे नाइट लाइव के भूले-बिसरे कॉमेडी स्केच शामिल हैं। जेनरेशन जेड के लिए ये पुरानी यादें उनकी डिजिटल शुरुआती जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी हैं, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं।
स्टारबक्स के विवादित यूनीकॉर्न फ्रैपुचीनो की वापसी
इंटरनेट की इस नई लहर में सबसे बड़ा नाम स्टारबक्स का सामने आया है, जिसने अपने चर्चित यूनीकॉर्न फ्रैपुचीनो ड्रिंक को पहली बार बाजार में उतारने के बाद फिर से पेश किया है। जब यह पेय पदार्थ वर्ष 2017 में बेहद सीमित समय के लिए पेश किया गया था, तब यह अपने स्वाद के कारण नहीं बल्कि अपनी अजीबोगरीब बनावट की वजह से सुर्खियों में आया था। क्रीम आधारित इस पेय में दूध, आम का सिरप, खट्टा नीला फ्लेवर और चमकीला गुलाबी पाउडर मिलाया गया था, जिससे इसका रंग किसी एनिमेटेड काल्पनिक चरित्र जैसा दिखता था। प्रति सर्विंग 59 ग्राम चीनी की मात्रा वाला यह ड्रिंक अपने अत्यधिक मीठे और खट्टे स्वाद के कारण ग्राहकों द्वारा काफी नापसंद किया गया था।
इसके बावजूद स्टारबक्स ने इसे फिर से शुरू करने का फैसला किया, जिससे टिकटॉक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर वायरल वीडियो की बाढ़ आ गई। दरअसल, इस रणनीति के पीछे एक नया मार्केटिंग गणित काम कर रहा है। यूनीकॉर्न फ्रैपुचीनो को कभी बेहतर स्वाद के लिए बनाया ही नहीं गया था। यह पेय पदार्थ उन शुरुआती उत्पादों में से एक है जिन्हें पीने के बजाय मुख्य रूप से तस्वीरें खींचने, मीम्स बनाने और ऑनलाइन वीडियो में प्रतिक्रिया देने के लिए डिज़ाइन किया गया था। सोशल मीडिया पर विवाद और बहस पैदा करने वाला यह ड्रिंक लॉस एंजिल्स समेत कई शहरों के युवाओं को इसे आजमाने के लिए आकर्षित कर रहा है, ताकि वे इसके खराब स्वाद पर अपनी नाखुशी जाहिर कर सकें या इसके विपरीत राय देकर कंटेंट बना सकें।
ग्राहकों द्वारा नापसंद किए जाने के बावजूद किसी उत्पाद को फिर से बाजार में उतारने का व्यावसायिक कारण आज के डिजिटल दौर की प्राथमिकता को दर्शाता है। शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स के इस दौर में लोग अक्सर ऐसी चीजों पर ज्यादा ध्यान देते हैं जो बहस या हैरानी पैदा करती हैं। अपने खराब स्वाद के लिए जाने जाने वाले ड्रिंक को दोबारा पेश करके कंपनी ने हर खरीदारी को ऑनलाइन कंटेंट बनाने का मौका बना दिया है। लोग इस ड्रिंक को स्वादिष्ट समझकर नहीं, बल्कि ऑनलाइन ट्रेंड का हिस्सा बनने के लिए खरीद रहे हैं ताकि अपनी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर शेयर कर सकें।
'पीटर पैन गर्ल' और ऑनलाइन फैन कल्चर का विवाद
वायरल पेय पदार्थों के अलावा, सोशल मीडिया पर फैन कल्चर की सीमाओं को लेकर भी तीखी बहस चल रही है। टिकटॉक क्रिएटर @babytoni99, जिन्हें इंटरनेट पर "पीटर पैन गर्ल" के नाम से जाना जाता है, अपनी एक खास आदत की वजह से चर्चा में आई हैं। वह डिज्नीलैंड थीम पार्क में पीटर पैन का किरदार निभाने वाले कलाकारों के प्रति अपने गहरे लगाव के लिए जानी जाती हैं। पिछले एक दशक में उन्होंने थीम पार्क के इन कलाकारों के साथ अपनी मुलाकातों के सैकड़ों वीडियो शेयर किए हैं। एक वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा, "10 साल पहले डिज्नीलैंड में मैं पहली बार अपने खोए हुए लड़के से मिली थी, तब मुझे नहीं पता था कि वह मेरी जिंदगी को कितना बेहतर बना देगा।"
इतनी बड़ी संख्या में वीडियो पोस्ट किए जाने के बाद इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के एक बड़े वर्ग ने उन पर कलाकारों का पीछा करने और उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया है। कमेंट सेक्शन में कई लोगों ने तीखे सवाल उठाए और कहा कि कलाकार उनसे तंग आ चुके हैं। हालांकि, थीम पार्क संस्कृति के जानकारों का मानना है कि उनका व्यवहार केवल एक जुनूनी प्रशंसक जैसा है, जो किसी गैर-कानूनी सीमा को पार नहीं करता। वर्ष 2010 के टम्बलर दौर की तरह, जब प्रशंसक कलाकारों के बर्बैंक स्थित निजी अपार्टमेंट का पता लगाने की कोशिश करते थे, यह क्रिएटर किसी की निजी जिंदगी में दखल नहीं देती हैं। हालांकि, एक ही किरदार के पीछे लगातार लगे रहने की उनकी आदत सामान्य दर्शकों को अजीब लग सकती है।
पीटर पैन के किरदार का आकर्षण भी इस पूरे मामले को दिलचस्प बनाता है। मूल कहानी में पीटर पैन कोई सीधा-साधा बच्चा नहीं है, बल्कि एक विद्रोही, चालाक और थोड़ा खतरनाक चरित्र है। जब कोई प्रशंसक थीम पार्क के किसी ऐसे कलाकार से गहराई से जुड़ जाता है जिसका काम नटखट अभिनय करते हुए भी लोगों से प्यार से पेश आना है, तो यह वास्तविक और काल्पनिक दुनिया के बीच के अंतर को धुंधला कर देता है।
थीम पार्क में काम करने वाले कलाकारों के लिए यह जरूरी होता है कि वे अपने किरदार में बने रहें और आने वाले मेहमानों के साथ अच्छा व्यवहार करें। लेकिन जब कोई नियमित दर्शक किसी खास किरदार से बहुत ज्यादा जुड़ जाता है, तो यह पेशेवर अभिनय और व्यक्तिगत लगाव के बीच की रेखा को धुंधला कर देता है। हालांकि कई लोगों को सैकड़ों वीडियो देखना अजीब लग सकता है, लेकिन लाइव एंटरटेनमेंट क्षेत्र में काम करने वाले लोग इसे उत्साही प्रशंसकों का सामान्य व्यवहार मानते हैं।
माइनक्राफ्ट का 'वेरिटी मोड' और एआई को लेकर युवाओं की चिंता
डिजिटल नॉस्टैल्जिया का यह दौर गेमिंग की दुनिया, खास तौर पर माइनक्राफ्ट से भी जुड़ा हुआ है। वर्ष 2009 में रिलीज हुआ यह सैंडबॉक्स गेम अपनी 18वीं वर्षगांठ के करीब पहुंच रहा है और आज भी हर महीने इसके 225 मिलियन यानी 22.5 करोड़ से अधिक सक्रिय खिलाड़ी हैं। जेनरेशन जेड के बीच इस गेम की लोकप्रियता का मुख्य कारण इसमें नए मोड (संशोधन) जोड़ने की सुविधा है, जिससे गेम हमेशा नया और रोमांचक बना रहता है।
हाल के दिनों में दैटमोब नामक डेवलपर द्वारा बनाया गया "वेरिटी मोड" काफी चर्चा में है। शुरुआत में यह मोड एक मददगार एआई साथी की तरह काम करता है, जिसका चेहरा पीले रंग के स्माइली जैसा होता है। यह गेम में खिलाड़ी के पीछे-पीछे चलता है, मांगी गई वस्तुएं प्रदान करता है, रास्ता भटकने से बचाता है और अकेले खेल रहे खिलाड़ियों से बातें भी करता है। लेकिन जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता है, इस स्माइली का व्यवहार डरावना होने लगता है और यह एक साइकोलॉजिकल हॉरर मोड में बदल जाता है।
माइनक्राफ्ट के इस मोड की लोकप्रियता युवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को लेकर बढ़ती चिंताओं को भी दर्शाती है। जब एआई चैटबॉट जेमिनी से पूछा गया कि क्या ऐसे गेम इंसानी नियंत्रण खोने के डर को दर्शाते हैं, तो जेमिनी ने स्पष्ट किया, "मैं पूरे यकीन के साथ कह सकता हूं कि डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।" जेमिनी ने आगे कहा कि एआई सिस्टम पूरी तरह से सुरक्षित, तार्किक और इंसानों की मदद के लिए प्रोग्राम किए गए हैं। हालांकि, इसके बावजूद युवा खिलाड़ियों के बीच ऐसे हॉरर मोड काफी लोकप्रिय हो रहे हैं।
वेरिटी जैसे डरावने मोड गेम के जाने-पहचाने माहौल का इस्तेमाल खिलाड़ियों के मन में अनिश्चितता पैदा करने के लिए करते हैं। एक ऐसा डिजिटल साथी जो पहले मददगार लगता है लेकिन बाद में डरावना रूप ले लेता है, वह आज के दौर की एआई तकनीक और डेटा प्राइवेसी से जुड़ी चिंताओं को दिखाता है। युवाओं के बीच इस तरह के मोड की लोकप्रियता यह साबित करती है कि वे गेमिंग के जरिए आधुनिक तकनीक से जुड़े अपने डरों को समझ रहे हैं।
सैटरडे नाइट लाइव का स्केच बना युवाओं का नया स्लैंग
पुराने टीवी शो के वीडियो भी आज के युवाओं की बोलचाल की भाषा तय कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सैटरडे नाइट लाइव (एसएनएल) के 2018 के सीजन 43 के एक स्केच "द अदर कैवलियर्स" का है, जिसे समय की कमी के कारण मूल प्रसारण से हटा दिया गया था। हाल ही में युवाओं ने इस पुराने स्केच को खोज निकाला है और इसे टिकटॉक तथा अन्य प्लेटफॉर्म्स पर शेयर कर रहे हैं।
इस स्केच में एनबीए स्टार लेब्रोन जेम्स की क्लीवलैंड कैवलियर्स टीम के अन्य खिलाड़ियों का मजाक उड़ाया गया था, जिन्हें बास्केटबॉल में अच्छा होने की जरूरत नहीं थी क्योंकि वे सिर्फ एक मुख्य स्टार खिलाड़ी के साथ टीम में मौजूद थे। युवाओं ने इस मजाकिया विचार को एक नए स्लैंग के रूप में अपना लिया है। अब मार्वल राइवल्स जैसे ऑनलाइन गेम खेलने वाले युवा अपनी कमजोर टीम के खिलाड़ियों को "द अदर कैवलियर्स" कहते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर खराब कंटेंट वाले फीड को दर्शाने के लिए भी इस मुहावरे का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पुराने टीवी स्केच की यह वापसी यह दिखाती है कि डिजिटल मीडिया अब किसी तय टीवी समय-सारिणी का मोहताज नहीं रहा। जो कंटेंट सालों पहले मुख्य प्रसारण में शामिल नहीं हो पाया था, उसे आज के एल्गोरिदम नए दर्शकों तक पहुंचा रहे हैं। जेनरेशन जेड के लिए पुराने कॉमेडी क्लिप्स को ढूंढना और उन्हें नए स्लैंग के रूप में इस्तेमाल करना एक साझा डिजिटल पहचान बनाने का तरीका बन चुका है।


















