डिजिटल रीडिंग की दुनिया में इन दिनों एक नया और दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहा है। जहाँ कुछ समय पहले तक लोग बड़ी स्क्रीन वाले टैबलेट और ई-रीडर्स को तवज्जो देते थे, वहीं अब उनका ध्यान बेहद छोटे और जेब में समा जाने वाले पॉकेट डिवाइसेज की तरफ बढ़ रहा है। शुरुआत में इस श्रेणी में ओनेक्स के बूक्स पाल्मा को काफी पसंद किया गया था। फोन के आकार का यह ई-इंक डिवाइस लोगों की पसंदीदा पसंद बन गया था क्योंकि इसकी मदद से सोशल मीडिया और स्मार्टफोन की लत को कम करते हुए केवल किताबें पढ़ने पर ध्यान केंद्रित करना आसान हो गया था। लेकिन समय बदला और बाजार में कुछ नए अनोखे विकल्प सामने आए। खासकर वॉलेट के आकार के एक्सटिंक X4 के लॉन्च होने के बाद से छोटे ई-रीडर्स के बाजार की तस्वीर पूरी तरह से बदल गई है और लोग अब और भी छोटे तथा बुनियादी डिवाइसेज की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।
अल्ट्रा-पोर्टेबल ई-रीडर्स का बढ़ता क्रेज और एक्सटिंक की सफलता
चीन के एक नए स्टार्टअप एक्सटिंक के डिवाइसेज इस समय इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी धमाल मचा रहे हैं। हालाँकि इन शुरुआती डिवाइसेज में कुछ सॉफ्टवेयर संबंधी कमियां या तकनीकी खामियां देखने को मिलती हैं, जो आमतौर पर किसी भी नए टेक स्टार्टअप के उत्पादों में स्वाभाविक होती हैं, फिर भी इन्होंने रेडिट के r/xteinkereader जैसे ऑनलाइन समुदायों में अपनी एक बहुत ही मजबूत फैन फॉलोइंग बना ली है। इस सफलता के पीछे तीन मुख्य कारण हैं, इनका बेहद सरल होना, इनकी बहुत कम कीमत होना और इनका आकार में बेहद छोटा होना।
एक्सटिंक के लाइनअप में इस समय मुख्य रूप से तीन मुख्य मॉडल्स शामिल हैं। सबसे पहला एक्सटिंक X4 है, जिसमें 4.3 इंच की स्क्रीन मिलती है और यह अमेज़न पर 69.00 USD में उपलब्ध है। इसकी मोटाई मात्र 0.23 इंच है और वजन 2.72 औंस है। इसमें फिजिकल पेज-टर्न बटन और 16GB की स्टोरेज क्षमता दी गई है। इसके बाद एक्सटिंक X3 आता है, जो और भी छोटा है। इसमें 3.7 इंच की पॉकेट ई-इंक स्क्रीन है और इसका वजन केवल 2 औंस है। इसकी कीमत पहले 79.00 USD थी, लेकिन अब यह 10.00 USD की छूट के साथ 69.00 USD में मिल रहा है। कंपनी ने हाल ही में अपना प्रीमियम मॉडल एक्सटिंक X4 Pro भी पेश किया है जिसकी कीमत 99.00 USD है। इसके अलावा कंपनी द्वारा एक नए डिवाइस एक्सटिंक S4 पर भी काम करने की अफवाहें गर्म हैं।
बूक्स पिको की एंट्री और इसके फीचर्स
एक्सटिंक की इस बढ़ती हुई लोकप्रियता को देखते हुए बूक्स भी अब इस रेस में पीछे नहीं रहना चाहता। कंपनी ने आंतरिक रूप से अपनी एक नई प्रोडक्ट लाइन की योजना बनाई है जिसे बूक्स टाइल नाम दिया गया है। इस नई सीरीज का मुख्य उद्देश्य रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए बेहद हल्के और लचीले ई-पेपर अनुभवों को पेश करना है। इस सीरीज के तहत जो पहला डिवाइस बाजार में कदम रखने जा रहा है, उसका नाम बूक्स पिको है। यह डिवाइस सीधे तौर पर उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो यात्रा करते समय या काम के सिलसिले में बाहर जाते वक्त आसानी से अपनी जेब में रखकर किताबें पढ़ना चाहते हैं।
बूक्स पिको के बारे में जो जानकारियां अब तक सामने आई हैं, उनके अनुसार इसमें 3.97 इंच की ब्लैक एंड व्हाइट ई-इंक डिस्प्ले स्क्रीन दी जाएगी। यह आकार एक्सटिंक के X3 मॉडल की 3.7 इंच स्क्रीन से थोड़ा बड़ा और X4 मॉडल की 4.3 इंच स्क्रीन से थोड़ा छोटा है। इसके साथ ही इस डिवाइस में फ्रंट लाइट की सुविधा भी दी जाएगी, जो अंधेरे में या कम रोशनी में पढ़ने में काफी मददगार साबित होगी। इसके अतिरिक्त इसमें स्टोरेज बढ़ाने के लिए microSD कार्ड का स्लॉट भी उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि कंपनी ने अभी तक इसके प्रोसेसर, ऑपरेटिंग सिस्टम या इसकी कीमत और ग्लोबल लॉन्च की तारीखों के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई खुलासा नहीं किया है।
इस दौर में मिनिमलिस्ट तकनीक की मांग क्यों बढ़ रही है?
आज के इस दौर में जब तकनीक हमें हर तरफ से विज्ञापनों, नोटिफिकेशन और अनावश्यक AI फीचर्स से घेरने की कोशिश कर रही है, तब लोग ऐसे गैजेट्स की तलाश कर रहे हैं जो बिल्कुल साधारण हों। स्मार्टफोन की स्क्रीन पर हर सेकंड आने वाले अलर्ट और सोशल मीडिया के जाल से बचने के लिए एक साधारण ई-रीडर किसी वरदान से कम नहीं लगता। यही वजह है कि एक्सटिंक के इन डिवाइसेज को लोग काफी पसंद कर रहे हैं क्योंकि इनमें ध्यान भटकाने वाली कोई भी चीज नहीं होती। कुछ मॉडल्स में तो टचस्क्रीन तक नहीं दिया गया था, केवल फिजिकल बटन थे, ताकि यूजर बिना किसी रुकावट के सिर्फ पढ़ने का आनंद ले सके। हालांकि नए एक्सटिंक X4 Pro में टचस्क्रीन को शामिल किया गया है जो कुछ प्रशंसकों के लिए थोड़ा विवादास्पद फैसला रहा है। फिर भी, एक ऐसा डिवाइस जो सिर्फ किताबें दिखाने का काम करता है और इतना छोटा है कि उसे किसी भी पॉकेट में आसानी से रखा जा सके, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में दिमागी सुकून देने वाला साबित हो रहा है।
बूक्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती: कीमत बनाम फीचर्स
बूक्स के डिवाइसेज बेहतरीन हार्डवेयर और क्वालिटी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इनके साथ एक बड़ी समस्या इनकी ऊंची कीमत और जरूरत से ज्यादा फीचर्स का होना रही है। उदाहरण के लिए, कंपनी का पाल्मा ई-रीडर अपने आप में बेहतरीन था, लेकिन इसका नया मॉडल पाल्मा 2 Pro बाजार में 400 USD की भारी-भरकम कीमत पर बिकता है। इतने महंगे डिवाइस में एंड्रॉइड ऐप्स चलाने, तस्वीरें खींचने, वीडियो चलाने और वाई-फाई के जरिए कॉल करने तक की सुविधाएं दी गई हैं। यह सब इसे एक साधारण ई-रीडर बनाने के बजाय एक दूसरा स्मार्टफोन बना देता है। इसके अलावा 6.13 इंच की स्क्रीन साइज के कारण यह जेब में रखने के लिए भी थोड़ा बड़ा महसूस होता है।
यदि बूक्स पिको को इस बाजार में वाकई सफलता हासिल करनी है, तो उसे अपनी रणनीति को बदलना होगा। उसे इसे एक बेहद सरल और केवल रीडिंग पर केंद्रित डिवाइस के रूप में पेश करना होगा, जिसकी कीमत 100 USD के आसपास या उससे कम हो। अगर बूक्स ने पाल्मा की तरह पिको को भी जरूरत से ज्यादा फीचर्स से भर दिया और इसकी कीमत बहुत अधिक रख दी, तो यह उन यूजर्स को आकर्षित नहीं कर पाएगा जो सादगी और बजट फ्रेंडली विकल्प की तलाश में एक्सटिंक की तरफ जा रहे हैं। फिलहाल हमें इसके आधिकारिक लॉन्च और इसकी कीमत की घोषणा का इंतजार करना होगा।



















