अहमदाबाद शहर में दैनिक आवागमन को सुगम बनाने और बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए गुजरात सरकार ने बड़े विकास कार्यों की शुरुआत की है. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ‘सेवा, संकल्प और समर्पण अभियान’ के तहत शहर को कुल 583.9 करोड़ रुपये के विभिन्न प्रोजेक्ट्स की सौगात देंगे. इस पहल के तहत छह तैयार परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा, जिनकी कुल निर्माण लागत 279.8 करोड़ रुपये है. इसके साथ ही भविष्य की शहरी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 304.1 करोड़ रुपये के छह नए कार्यों का शिलान्यास भी इसी दौरान संपन्न होगा.
आवागमन को गति देंगे दो नए फोर-लेन ओवरब्रिज
शहरी यातायात के दबाव को कम करने के लिए दो महत्वपूर्ण फोर-लेन पुलों का लोकार्पण किया जा रहा है. इनमें वाडज जंक्शन पर 127.9 करोड़ रुपये की लागत से तैयार फोर-लेन फ्लाईओवर शामिल है, जिसके चालू होने से इस अत्यंत व्यस्त चौराहे पर वाहनों की आवाजाही निर्बाध हो सकेगी. दूसरा प्रमुख ढांचा अहमदाबाद-बोटाद रेलवे लाइन पर बना फोर-लेन मकरबा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) है. 98.6 करोड़ रुपये की लागत से बने इस रेलवे ओवरब्रिज के शुरू होने से स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों को रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले लंबे जाम और अनावश्यक देरी से स्थायी राहत मिलेगी.
गरीबों के लिए पक्के मकान और पुनर्वास योजनाएं
विकास कार्यों के इस पैकेज में वंचित वर्गों के आवास और जीवन स्तर को सुधारने पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है. प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत थलतेज में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) श्रेणी के लिए बनाए गए 329 आवास लाभार्थियों को सौंपे जाएंगे. इसके अतिरिक्त, शाहीबाग स्थित ‘पखाजी नो कुवो’ स्लम पुनर्वास प्रोजेक्ट के तहत नवनिर्मित 108 मकान और 46 दुकानें भी जनता को समर्पित की जाएंगी. यह कदम शहरी क्षेत्रों में झुग्गी बस्तियों के व्यवस्थित पुनर्वास और कमजोर तबकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है.
आपदा प्रबंधन तंत्र और आपात सेवाओं का विस्तार
प्राकृतिक आपदाओं और आपात स्थितियों से निपटने की नगर निगम की क्षमता को मजबूत करने के लिए नए उपकरण शामिल किए जा रहे हैं. आपातकालीन बचाव सेवाओं के लिए 19.7 करोड़ रुपये के कुल खर्च से तैयार 15 फर्स्ट रिस्पॉन्स वाहन बेड़े में जोड़े जाएंगे. साथ ही, बाढ़ या जलभराव के दौरान त्वरित बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए 3.4 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई इंजन युक्त 10 आधुनिक नावें भी शहर की सुरक्षा व्यवस्था को सौंपी जा रही हैं.
शिलान्यास वाले नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स
भविष्य के विकास कार्यों के क्रम में कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा. रामापीर नो टेकरो क्षेत्र में स्थानीय संपर्क व्यवस्था सुधारने के लिए 72.9 करोड़ रुपये के बजट से सड़क नेटवर्क का निर्माण शुरू होगा. जल निकासी व्यवस्था को उन्नत करने के तहत अमराईवाड़ी के साथ-साथ नगरवेल हनुमान मंदिर और गुरुजी ब्रिज के मध्य 1,800mm व्यास वाली मुख्य ड्रेनेज पाइपलाइनों का पुनर्निर्माण किया जाएगा. इसके साथ ही वटवा और नवाणा क्षेत्रों में आधुनिक ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों की स्थापना की जाएगी. सार्वजनिक परिवहन तंत्र को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए निकोल और कथवाड़ा में AMTS/BRTS बस चार्जिंग स्टेशन, त्रागाड में नया बस डिपो और टर्मिनस तथा SP रिंग रोड के पास चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे. वहीं साबरमती नदी के पूर्वी किनारे पर पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए एक विशेष टेम्पल सर्किट प्रोजेक्ट की आधारशिला भी रखी जाएगी.



















