शक की शुरुआत एक पैसेंजर की हरकतों से हुई
हवा में उड़ते एक विमान के भीतर वह पल किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था। एयर होस्टेस का ध्यान अचानक टॉयलेट की ओर बढ़ते एक यात्री पर अटक गया। उसके चेहरे के भाव और चाल-ढाल कुछ अलग ही थे, जिसने क्रू मेंबर के मन में सवाल खड़े कर दिए। संदेह होने पर जब वह टॉयलेट के करीब पहुंची, तो भीतर से आ रही अजीब-सी आवाजों ने उसकी आशंका को और पुख्ता कर दिया।
देर किए बिना उसने पूरी बात अपने कैप्टन तक पहुंचाई। कैप्टन ने भी मामले की गंभीरता समझते हुए तुरंत एयरपोर्ट की संबंधित एजेंसियों को अलर्ट कर दिया, ताकि विमान के उतरते ही जरूरी कार्रवाई की जा सके।
अहमदाबाद में लैंडिंग के बाद खुला राज
कुछ ही देर में यह फ्लाइट अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उतर गई। विमान के लैंड होते ही कस्टम और सुरक्षा अधिकारी अंदर दाखिल हुए। टॉयलेट से जो कुछ निकला, उसे देखकर मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें फटी रह गईं। दरअसल यह फ्लाइट दुबई से अहमदाबाद आ रही थी और इसके टॉयलेट में करीब 2.8 किलो सोना छिपाकर रखा गया था। कस्टम विभाग ने यह पूरा सोना जब्त कर लिया।
स्पीकर बॉक्स में मिला असली खजाना
सूत्रों की मानें तो यह घटना 12 जून की है। दुबई से आई इस फ्लाइट के टॉयलेट की बारीकी से तलाशी लेने के लिए अधिकारियों ने इंजीनियरों की भी मदद ली। जांच के दौरान अधिकारियों की निगाह विमान के फ्रंट लैवेटरी यानी आगे वाले टॉयलेट में लगे स्पीकर बॉक्स पर ठहर गई। जब इस स्पीकर बॉक्स को खोलकर ध्यान से परखा गया, तो उसके भीतर काले रंग की प्लास्टिक टेप में लिपटे दो पैकेट सामने आए।
24 कैरेट सोना, करोड़ों की कीमत
अधिकारियों ने बताया कि इन पैकेटों को खोलने पर 24 कैरेट के गोल्ड बिस्किट निकले। सभी बिस्किट 999.0 शुद्धता वाले यानी 24 कैरेट के थे। बरामद किए गए इस सोने का कुल वजन 2,799.3 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि इसकी कीमत करीब 4 करोड़ 26 लाख 89 हजार 325 रुपये आंकी गई। कस्टम विभाग का मानना है कि जिस सफाई और तरकीब से इस सोने को छिपाया गया था, वह खुद-ब-खुद बता रहा था कि इसे अवैध रूप से भारत में तस्करी के जरिए लाने की कोशिश की जा रही थी।
किसी ने नहीं किया दावा, लावारिस मानकर जब्त
कस्टम के मुताबिक, सोने को ऐसी जगह छिपाया गया था जहां आमतौर पर न तो यात्रियों और न ही क्रू की नजर आसानी से पहुंचती है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दौरान किसी भी यात्री, क्रू सदस्य या अन्य व्यक्ति ने इस बरामद सोने पर अपना हक नहीं जताया। चूंकि किसी ने दावा नहीं किया, इसलिए कस्टम एक्ट 1962 के प्रावधानों के तहत इस सोने को ‘अनक्लेम्ड’ यानी लावारिस मानते हुए जब्त कर लिया गया।













