गुजरात के आनंद जिले में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना में, साढ़े चार साल की मासूम बच्ची के साथ क्रूर दुष्कर्म और उसकी हत्या के आरोपी को पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया है। सुरेश परमार नामक यह आरोपी, जो पहले भी कई जघन्य अपराधों में शामिल रह चुका था, पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था। भागने के इस प्रयास में उसने पुलिसकर्मियों पर धारदार चाकू से जानलेवा हमला कर दिया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे कई गोलियां लगीं। अस्पताल में इलाज के दौरान इस आदतन अपराधी ने दम तोड़ दिया। इस एनकाउंटर ने उस आक्रोशित जनता को एक संदेश दिया है, जो बच्ची की दर्दनाक मौत के बाद से ही न्याय की गुहार लगा रही थी।
बीमारी का बहाना और अचानक हमला
यह पूरी घटना उस समय घटी जब लोकल क्राइम ब्रांच (एलसीबी) की एक विशेष टीम आरोपी सुरेश परमार को आगे की जांच के सिलसिले में लेकर जा रही थी। आनंद जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) जीजी जसानी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रास्ते में आरोपी ने अधिकारियों को चकमा देने की योजना बनाई। उसने पुलिस टीम से कहा कि उसे उल्टी आ रही है और वह घबराहट महसूस कर रहा है। उसकी इस बात पर भरोसा करते हुए पुलिस ने अपनी गाड़ी रोक दी। लेकिन जैसे ही आरोपी वाहन से नीचे उतरा, उसने अपने पास पहले से छिपा कर रखा हुआ एक चाकू निकाल लिया। भागने की अपनी हताशा में उसने बिना कोई समय गंवाए दो पुलिसकर्मियों पर सीधा और आक्रामक हमला बोल दिया।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई और आत्मरक्षा
एक हथियारबंद और हिंसक अपराधी का सामना करते हुए, सुरक्षा बलों को अपनी जान बचाने और उसे भागने से रोकने के लिए त्वरित कदम उठाने पड़े। पुलिस सब-इंस्पेक्टर (पीएसआई) आईजे राणा ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए सबसे पहले हवा में फायरिंग की, ताकि आरोपी डर कर आत्मसमर्पण कर दे। लेकिन सुरेश परमार पर इसका कोई असर नहीं हुआ और उसने अपना जानलेवा हमला जारी रखा। इसके बाद पीएसआई राणा ने आरोपी के पैर में एक गोली मारी। हैरान करने वाली बात यह थी कि गोली लगने से घायल होने के बावजूद, वह पुलिस टीम पर लगातार वार करता रहा। जब हालात पूरी तरह से बेकाबू होने लगे और पुलिसकर्मियों की जान पर बन आई, तो उन्हें आत्मरक्षा में मजबूरन सीधे फायरिंग करनी पड़ी। इस अंतिम गोलीबारी में आरोपी के सीने में चार गोलियां जा लगीं। उसे तुरंत गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जनता का गुस्सा
आरोपी की मौत से पहले, वासद इलाके में रहने वाली उस बेगुनाह बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सभी को झकझोर कर रख दिया था। मेडिकल जांच में इस खौफनाक बात की पुष्टि हुई थी कि मासूम की जान दुष्कर्म के दौरान आई गंभीर और गहरी चोटों की वजह से गई थी। इस अमानवीय कृत्य की क्रूरता ने पूरे इलाके में एक भारी आक्रोश की लहर पैदा कर दी थी। घटना के बाद से ही स्थानीय नागरिक और आस-पास के लोग सड़कों पर उतरकर भारी गुस्सा जता रहे थे और अपराधी के खिलाफ जल्द से जल्द और सबसे सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड और आगे की जांच
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला सच भी सामने आया है कि सुरेश परमार कोई साधारण या पहली बार अपराध करने वाला व्यक्ति नहीं था, बल्कि वह एक पेशेवर और आदतन अपराधी था। अधिकारियों के मुताबिक, उसके खिलाफ इससे पहले भी दुष्कर्म के कम से कम तीन अलग-अलग मामले दर्ज हो चुके थे, और वह अन्य कई गंभीर आपराधिक घटनाओं में भी मुख्य आरोपी रहा था। इस एनकाउंटर के बाद, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पूरी घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। मुठभेड़ के हर एक पहलू की कानूनी नियमों और प्रक्रियाओं के तहत बारीकी से समीक्षा की जा रही है। वहीं दूसरी ओर, मासूम के साथ ऐसी दरिंदगी करने वाले को सही सजा मिलने पर, आम जनता और स्थानीय लोग पुलिस प्रशासन के इस कदम की जमकर सराहना कर रहे हैं।




















