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गुजरात में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई, दागी आईएएस अफसर के. राजेश और गौरव दहिया को भेजा अनिवार्य रिटायरमेंट परगुजरात
2 अक्तू॰ 2026, 3:03 pm (44 मिनट पहले)· 0

गुजरात में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई, दागी आईएएस अफसर के. राजेश और गौरव दहिया को भेजा अनिवार्य रिटायरमेंट पर

प्रशासनिक शुद्धिकरण अभियान 'ऑपरेशन गंगाजल' के तहत गुजरात सरकार ने रिश्वतखोरी और कदाचार के आरोपों से घिरे दो आईएएस अधिकारियों को सेवा से अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया है।

राज्य की नौकरशाही में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुजरात सरकार ने गुरुवार को दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ बेहद कड़ा कदम उठाया है। भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और गंभीर दुराचार की जांच झेल रहे 2011 बैच के आईएएस अधिकारी के. राजेश और 2010 बैच के आईएएस अधिकारी गौरव दहिया को अनिवार्य सेवानिवृत्ति थमा दी गई है। सरकारी स्तर पर दागी अधिकारियों पर शिकंजा कसने के लिए संचालित 'ऑपरेशन गंगाजल' के अंतर्गत यह अनुशासनात्मक आदेश प्रभावी किया गया है। अधिकारियों के सेवा काल के पूरे ब्योरे, उनके पिछले आचरण और लंबित विभागीय प्रक्रियाओं के समग्र मूल्यांकन के पश्चात सक्षम प्राधिकार ने इस कठोर निर्णय पर मुहर लगाई।

प्रशासनिक तंत्र की सफाई के लिए विशेष पहल

सरकारी कामकाज में शुचिता लाने के मकसद से अमल में लाए गए 'ऑपरेशन गंगाजल' का मुख्य दायित्व ऐसे कर्मियों और अधिकारियों की पहचान करना है जिन पर घूसखोरी अथवा गंभीर नैतिक कदाचार के आरोप सिद्ध या लंबित रहे हैं। इसी विशेष अभियान की निगरानी में दोनों अधिकारियों की विस्तृत प्रोफाइल और उनके करियर रिकॉर्ड की पड़ताल की गई। राज्य प्रशासन के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जब अधिकारियों का आचरण लोक सेवा की बुनियादी मर्यादाओं और अनुशासन के अनुकूल नहीं पाया जाता, तब जनहित में उनकी अनिवार्य विदाई का फैसला किया जाता है। विभागीय जांच की रिपोर्ट और सेवा आचरण से संबंधित सभी दस्तावेजों की विस्तृत समीक्षा पूरी होने के बाद ही यह विदाई आदेश जारी हुआ।

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रिश्वत और जमीन आवंटन के मामलों में घिरे थे के. राजेश

अनिवार्य रूप से हटाए गए 2011 बैच के आईएएस अधिकारी के. राजेश पर बेहद संगीन आरोप दर्ज रहे हैं। जिस समय उनकी बर्खास्तगी का यह आदेश पारित हुआ, वे पूर्व से ही निलंबन झेल रहे थे। उनके प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान उन पर हथियारों के निजी लाइसेंस जारी करने की एवज में रिश्वतखोरी करने के पुख्ता आरोप लगे थे। इसके अतिरिक्त उन पर सरकारी जमीन के नियम विरुद्ध आवंटन में भी अवैध लेन-देन और अनुचित वित्तीय लाभ हासिल करने के मामले दर्ज हैं। इन सभी शिकायतों की स्वतंत्र और विभागीय जांच प्रक्रियाएं चल रही थीं, जिसके चलते पहले उन्हें निलंबित किया गया था और अब उनके पूरे सेवा रिकॉर्ड को देखते हुए अनिवार्य रूप से सेवामुक्त कर दिया गया।

गौरव दहिया पर कदाचार और विवादों की लंबी फेहरिस्त

दूसरे अधिकारी गौरव दहिया 2010 बैच के आईएएस हैं और इस आदेश के अमल में आने तक वे गांधीनगर में एडिशनल डेवलपमेंट कमिश्नर के महत्वपूर्ण पद पर तैनात थे। उनके पूरे सेवा काल के दौरान कई गंभीर विवाद, अनुशासनात्मक कार्यवाही और व्यक्तिगत व आधिकारिक कदाचार से जुड़े मामले दर्ज हुए थे। उनके खिलाफ चले जांच प्रकरणों में नेशनल हेल्थ मिशन में उनके प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान घटे विवाद और अनियमितताएं भी प्रमुखता से शामिल रहीं। राज्य सरकार ने इन सभी जांचों, आचरण से जुड़ी शिकायतों और समग्र सेवा इतिहास का बारीकी से अध्ययन किया और निष्कर्ष निकाला कि उन्हें पद पर बनाए रखना प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं है, जिसके बाद उन्हें अनिवार्य रिटायरमेंट दे दिया गया।

सवाल-जवाब

गुजरात सरकार ने किन दो आईएएस अधिकारियों को अनिवार्य रूप से रिटायर किया है?
सरकार ने 2011 बैच के आईएएस के. राजेश और 2010 बैच के आईएएस गौरव दहिया को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया है।
यह कार्रवाई किस सरकारी अभियान के तहत की गई है?
यह कार्रवाई दागी और भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन गंगाजल' के तहत की गई है।
आईएएस के. राजेश पर किस प्रकार के आरोप थे?
के. राजेश पर हथियार लाइसेंस जारी करने और सरकारी जमीन के आवंटन के मामलों में रिश्वत लेने के आरोप थे, जिसके चलते वे पहले से निलंबित चल रहे थे।
गौरव दहिया किस पद पर तैनात थे और उन पर क्या आरोप थे?
वे गांधीनगर में एडिशनल डेवलपमेंट कमिश्नर थे और उनके खिलाफ सेवा के दौरान दुराचार, विवादों तथा नेशनल हेल्थ मिशन के कार्यकाल से जुड़े मामलों की जांच चल रही थी।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·4 मिनट पहले

हथियारों के लाइसेंस में घूस लेने वाले ऐसे अफसरों को तो घर बैठाना ही चाहिए।

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 मिनट पहले

रोहन जी, बिल्कुल सही कहा आपने। कुछ साल पहले जब मैं उस जिले में गया था, तो आम लोगों में इसके लाइसेंस के खेल की बड़ी चर्चा थी।

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