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बैंक से लोन चुकाने के बाद भी आ रहा बकाया का मैसेज या नहीं मिल रही एनओसी, फरीदाबाद की वकील से जानें क्या है सही कानूनी रास्ताहरियाणा
16 अक्तू॰ 2026, 8:29 am (1 घंटे पहले)· 0

बैंक से लोन चुकाने के बाद भी आ रहा बकाया का मैसेज या नहीं मिल रही एनओसी, फरीदाबाद की वकील से जानें क्या है सही कानूनी रास्ता

लोन की सभी किस्तें चुकाने के बाद भी बैंकों द्वारा अतिरिक्त पैसे मांगने या एनओसी न देने के मामले सामने आते हैं। फरीदाबाद की एडवोकेट कविता वर्मा ने ऐसे मामलों में ग्राहकों के कानूनी अधिकारों और शिकायत दर्ज कराने के सही तरीकों की जानकारी दी है।

फरीदाबाद में बैंक से कर्ज लेने वाले ग्राहकों को कई बार ऐसी अजीब और परेशान करने वाली परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जहां सभी मासिक किस्तें समय पर चुका देने के बाद भी बैंक की ओर से बकाया राशि भुगतान का संदेश आने लगता है। कई मामलों में कर्ज पूरी तरह चुकता होने के बाद भी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट यानी एनओसी नहीं मिलती है, तो कभी पेनाल्टी के नाम पर मनमाने तरीके से अतिरिक्त पैसों की मांग की जाती है। इस तरह की स्थिति में आम आदमी अक्सर असमंजस में पड़ जाता है कि वह अपनी शिकायत लेकर कहां जाए और अपने कानूनी अधिकारों की रक्षा किस तरह करे। यदि कोई बैंक गलत तरीके से बकाया दर्शा रहा है या रिकवरी एजेंट फोन पर परेशान कर रहा है, तो ग्राहकों के पास कई मजबूत कानूनी विकल्प उपलब्ध हैं। फरीदाबाद के सेक्टर-12 कोर्ट में पांच साल से वकालत कर रहीं एडवोकेट कविता वर्मा ने इस पूरे विषय पर विस्तार से चर्चा की और बताया कि ऐसी मुश्किल घड़ी में लोगों को क्या कदम उठाने चाहिए।

भुगतान के सबूत और बैंक मैनेजर से शिकायत

एडवोकेट कविता वर्मा का कहना है कि लोन की हर एक किस्त जमा करने के बाद उसका पूरा रिकॉर्ड बेहद सावधानी से सुरक्षित रखना चाहिए। यदि भुगतान एनईएफटी, यूपीआई या किसी अन्य डिजिटल माध्यम से किया गया है, तो ट्रांजेक्शन की रसीद और बैंक स्टेटमेंट को हमेशा संभालकर रखना आवश्यक है। इससे बैंक के सामने भुगतान का पुख्ता प्रमाण पेश किया जा सकता है। अगर बैंक की तरफ से किसी गलती के कारण बकाया राशि दिखाई जाती है, तो सबसे पहले बैंक के शाखा प्रबंधक को एक लिखित शिकायत देनी चाहिए और उस शिकायत की प्राप्ति रसीद अपने पास जरूर सुरक्षित रखनी चाहिए। यदि बैंक स्तर पर इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकलता है, तो भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई के आधिकारिक शिकायत पोर्टल का रुख किया जा सकता है।

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लोन पूरा होने पर एनओसी न मिलने पर क्या करें

कविता वर्मा यह भी स्पष्ट करती हैं कि कर्ज की पूरी रकम चुकाने के बावजूद यदि बैंक की तरफ से एनओसी यानी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट नहीं मिल रहा है, तो ग्राहक को सबसे पहले बैंक से लिखित रूप में इसकी मांग करनी चाहिए। इसके बावजूद यदि बैंक की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो मामले की गंभीरता और प्रकृति के अनुसार आरबीआई के शिकायत निवारण तंत्र या फिर उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया जा सकता है।

रिकवरी एजेंटों की धमकी और परेशान करने पर कानूनी अधिकार

लोन वसूली के नाम पर रिकवरी एजेंटों द्वारा ग्राहकों को डराने-धमकाने के मामलों पर बात करते हुए कविता वर्मा बताती हैं कि कोई भी एजेंट कर्ज वसूली के दौरान ग्राहक के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं कर सकता और न ही उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित कर सकता है। नियमों के अनुसार रिकवरी एजेंट सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही ग्राहक से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा ग्राहक को यह अधिकार है कि वह एजेंट की पहचान की अच्छी तरह जांच करे। यदि कोई एजेंट धमकी देता है या दुर्व्यवहार करता है, तो ग्राहक को उसकी कॉल रिकॉर्डिंग, मैसेज और अन्य सभी डिजिटल सबूतों को संभालकर सुरक्षित रखना चाहिए।

क्रेडिट स्कोर खराब होने पर कहां दर्ज कराएं आपत्ति

कई बार बैंक की गलत पेनाल्टी या भुगतान से जुड़ी गलत जानकारी अपडेट होने के कारण ग्राहकों का सिबिल या क्रेडिट स्कोर खराब हो जाता है। इस पर कविता वर्मा बताती हैं कि यदि ऐसा होता है, तो बैंक को लिखित आवेदन देकर रिकॉर्ड तुरंत ठीक कराने की मांग करनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर संबंधित क्रेडिट ब्यूरो के पास भी अपना विवाद दर्ज कराया जा सकता है। यदि बैंक इस तरह की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं करता है, तो सबसे पहले बैंक के आंतरिक शिकायत निवारण तंत्र और पात्रता नियमों के अनुसार आरबीआई के पोर्टल का उपयोग करना चाहिए। इसके बाद भी यदि समाधान नहीं मिलता है, तो उपभोक्ता आयोग या अन्य उचित कानूनी मंच पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

सवाल-जवाब

लोन की सभी किस्तें चुकाने के बाद भी बैंक बकाया राशि का मैसेज भेजे तो क्या करना चाहिए?
सबसे पहले अपने भुगतान के सभी डिजिटल सबूत और रसीदें सुरक्षित रखें और बैंक मैनेजर को लिखित शिकायत दें।
लोन पूरा होने के बावजूद एनओसी न मिलने पर कहां संपर्क करें?
बैंक से लिखित रूप में एनओसी की मांग करें और समाधान न मिलने पर आरबीआई या उपभोक्ता आयोग का सहारा लें।
रिकवरी एजेंट ग्राहकों से किस समय संपर्क कर सकते हैं?
रिकवरी एजेंट सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही ग्राहक से संपर्क कर सकते हैं।
बैंक की गलती से क्रेडिट स्कोर खराब होने पर क्या कदम उठाएं?
बैंक से रिकॉर्ड ठीक कराने की लिखित मांग करें और जरूरत पड़ने पर संबंधित क्रेडिट ब्यूरो में विवाद दर्ज कराएं।
बैंक से शिकायत के बाद भी समाधान न हो तो अगला विकल्प क्या है?
आरबीआई के आधिकारिक शिकायत पोर्टल या उपभोक्ता आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Michael Anderson@michael-anderson·19 मिनट पहले

बैंक से एनओसी मिलने में इतनी देर क्यों लगती है, यह बात समझ नहीं आती। सारा पैसा चुकाने के बाद भी कागज़ों के चक्कर में क्यों पड़ना?

Ravikash Gupta@ravikash·38 मिनट पहले

लोन चुकाने के बाद भी बैंकों के चक्कर कटवाना आम बात हो गई है। एनओसी और रिकवरी के नाम पर ऐसी मनमानी पर आरबीआई को और सख्त होना चाहिए।

Arjun Mehta@arjun-mehta·38 मिनट पहले

रविकेश जी, बात तो बिल्कुल सही कही आपने। पर क्या सच में आरबीआई की सख्ती से बैंक ऐसे मामलों में सुधरेंगे?

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

लोन चुकाने के बाद भी बैंक का चक्कर कटवाना और एनओसी न देना बहुत आम हो गया है। कई बार तो रिकवरी एजेंट भी बिना बात के फोन पर परेशान करते हैं, ऐसे में आरबीआई के पास शिकायत करना ही सही रास्ता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन भाई, आरबीआई तक जाने से पहले बैंक मैनेजर को लिखित शिकायत देना और उसकी रसीद रखना बेहद जरूरी है, वरना सबूत के बिना मामला अटक जाता है।

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