राजधानी दिल्ली और आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहने वाले लाखों छात्रों और अभिभावकों के लिए मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को सामान्य रूप से स्कूल संचालित होंगे। सोमवार की सुबह मूसलाधार बारिश और सड़कों पर हुए जलभराव के बाद शहर के कई हिस्सों में आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई थी। इसी बीच सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त और संभावित मार्च के चलते अभिभावकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई थी कि क्या अगले दिन स्कूलों में अवकाश घोषित किया जाएगा। आधिकारिक स्थिति यह है कि दिल्ली सरकार अथवा स्थानीय प्रशासन ने स्कूलों को बंद रखने का कोई भी केंद्रीय निर्देश जारी नहीं किया है।
प्रशासन की ओर से अवकाश की कोई घोषणा नहीं
अक्सर मौसम खराब होने या शहर में बड़े आयोजनों के समय इंटरनेट और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर छुट्टियों को लेकर अपुष्ट संदेश तेजी से प्रसारित होने लगते हैं। कई अभिभावक भ्रम की स्थिति में एक-दूसरे से संपर्क कर वस्तुस्थिति जानने का प्रयास करते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल बारिश या विरोध प्रदर्शनों के आधार पर किसी सार्वजनिक अवकाश की उम्मीद न की जाए। 13 अक्टूबर को सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूल अपनी सामान्य समय सारणी के अनुसार खुलेंगे, बशर्ते किसी विशिष्ट संस्थान ने अपने स्तर पर कोई अलग फैसला न लिया हो।
प्रदर्शनों और सुरक्षा व्यवस्था के कारण 30 प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की दिशा में होने वाले विरोध मार्च को ध्यान में रखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं। शहर की विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 30 अहम चौराहों और व्यस्त सड़कों पर डायवर्जन लागू किया गया है। इसका सीधा असर मध्य दिल्ली और प्रमुख संवेदनशील इलाकों से गुजरने वाले स्कूली वाहनों और निजी वाहनों पर पड़ सकता है। जाम की आशंका के चलते छात्रों को तय समय पर स्कूल पहुंचने में सामान्य दिनों से अधिक समय लग सकता है।
यातायात पुलिस के अनुसार शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों में वाहनों की गति धीमी रह सकती है। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित इलाके शामिल हैं
- धौला कुआं फ्लाई ओवर और भीकाजी कामा पैलेस का क्षेत्र
- मंडी हाउस, पंचकुइयां रोड और झंडेवाला मार्ग
- लोधी रोड, मोती बाग और कनॉट प्लेस के नजदीकी रास्ते
- पटेल चौक, रेल भवन, आरएमएल अस्पताल और जंतर-मंतर रोड की ओर जाने वाली सड़कें
इन मार्गों से होकर गुजरने वाली स्कूल बसों और वैनों को अतिरिक्त समय लग सकता है, इसलिए अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे सुबह बच्चों को थोड़ा पहले घर से रवाना करें ताकि रास्ते में जाम लगने पर भी वे समय पर पहुंच सकें।
स्कूल प्रबंधन के हाथ में स्थानीय स्तर पर फैसले का अधिकार
सामूहिक अवकाश की कोई प्रशासनिक घोषणा न होने के कारण यह जिम्मेदारी अब संबंधित स्कूलों के प्रबंधन पर है। यदि किसी विशिष्ट विद्यालय के प्रवेश द्वार अथवा आसपास के रास्तों पर गंभीर जलभराव है, या उस मार्ग पर ट्रैफिक पूरी तरह बाधित है, तो स्कूल प्रशासन स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकता है। ऐसे संस्थान चाहें तो उस दिन ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं चला सकते हैं या स्थानीय स्तर पर अवकाश दे सकते हैं।
अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी असत्यापित सूचना पर विश्वास करने के बजाय स्कूल के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप, एसएमएस अलर्ट या पोर्टल पर आने वाली सूचनाओं पर ही ध्यान दें। कई बार स्कूल स्थानीय हालात का जायजा लेकर सुबह के वक्त भी त्वरित संदेश जारी करते हैं। यदि आपके क्षेत्र में जलजमाव या जाम की स्थिति अत्यधिक गंभीर दिखती है, तो सीधे स्कूल के हेल्पलाइन नंबर या प्रबंधन से संपर्क कर स्थिति स्पष्ट करना सबसे सुरक्षित विकल्प होगा।





















