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गुरुग्राम के खेड़की दौला टोल प्लाजा को कुकड़ोला में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू, 20 करोड़ में बनेंगी 14 बूथलेस लेनहरियाणा
3 सित॰ 2026, 8:20 am (31 मिनट पहले)· 2

गुरुग्राम के खेड़की दौला टोल प्लाजा को कुकड़ोला में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू, 20 करोड़ में बनेंगी 14 बूथलेस लेन

दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर स्थित खेड़की दौला टोल प्लाजा को हटाने की कानूनी प्रक्रिया एनएचएआई ने शुरू कर दी है। अब 20 करोड़ रुपये की लागत से कुकड़ोला में 14 बूथलेस लेन वाला आधुनिक टोल प्लाजा बनाया जाएगा।

दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर वर्षों से स्थित खेड़की दौला टोल प्लाजा को आखिरकार हटाने और शिफ्ट करने की आधिकारिक प्रक्रिया तेज हो गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस टोल प्लाजा को डिनोटिफाई करने की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसके बाद इसे मानेसर से आगे दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित कुकड़ोला गांव में स्थानांतरित किया जाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने मई 2025 में इस स्थानांतरण योजना को अपनी हरी झंडी दी थी। नए टोल प्लाजा के निर्माण पर कुल 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे पूरी तरह से आधुनिक तकनीक पर आधारित बनाया जाएगा।

खेड़की दौला से 12 किलोमीटर दूर कुकड़ोला में आकार लेगा नया प्लाजा

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया और स्थानीय प्रशासन के बीच कई दौर की लंबी चर्चा के बाद कुकड़ोला के सेहरावन इलाके में नई जगह को अंतिम रूप दिया गया है। यह नया स्थान मौजूदा खेड़की दौला टोल प्लाजा से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। डिनोटिफिकेशन की प्रशासनिक और कागजी प्रक्रिया को पूरा करने में करीब तीन से चार महीने का समय लगेगा। इसके अलावा, नए स्थान पर टोल प्लाजा की जरूरी आधारभूत संरचना और मुख्य इमारत तैयार करने में लगभग चार से पांच महीने का वक्त लगने की संभावना है। पचगांव चौक के आसपास रोजाना 90 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही दर्ज की जाती है, जिसके कारण इस विशाल यातायात को संभालने के लिए काफी बड़े भूभाग की आवश्यकता महसूस की गई थी।

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14 लेन का बूथलेस और मल्टी-लेन फ्री-फ्लो टोलिंग सिस्टम

कुकड़ोला में बनने वाला नया टोल प्लाजा पारंपरिक टोल बूथों से पूरी तरह अलग होगा। इसमें कुल 14 लेन बनाई जाएंगी, जो पूरी तरह से बूथलेस होंगी। इस नए टोल पर मल्टी-लेन फ्री-फ्लो टोलिंग सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इस आधुनिक प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वाहनों को टोल का भुगतान करने के लिए एक सेकंड के लिए भी रुकना नहीं पड़ेगा। सेंसर और कैमरों की मदद से वाहन के गुजरते ही ऑटोमैटिक टोल कट जाएगा। यदि किसी वाहन के फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस मौजूद नहीं रहता है, तो वाहन चालक को रोका नहीं जाएगा, बल्कि ऑटोमैटिक जुर्माने के साथ टोल राशि का चालान सीधे वाहन मालिक के पास भेजा जाएगा।

9 साल पुराना इंतजार और स्थानांतरण में हुई देरी के कारण

खेड़की दौला टोल प्लाजा को हटाने की मांग पिछले नौ वर्षों से लगातार उठ रही थी। वर्ष 2016 में बादशाहपुर में आयोजित एक जनसभा के दौरान स्थानीय नागरिकों की पुरजोर मांग पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस टोल प्लाजा को स्थानांतरित करने का सार्वजनिक ऐलान किया था। हालांकि, इस घोषणा के बावजूद यह मामला लगभग एक दशक तक अटका रहा। इस लंबी देरी के मुख्य कारणों में जमीन अधिग्रहण की समस्याएं, विभिन्न कानूनी विवाद, स्थानीय ग्रामीणों का कड़ा विरोध, वन विभाग से मंजूरी प्राप्त करने में लगने वाला समय और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का यह भी मानना है कि इस टोल प्लाजा के नए स्थान पर शिफ्ट होने से आसपास के अन्य टोल प्लाजा की फीस और शुल्क ढांचे पर भी असर पड़ सकता है।

सवाल-जवाब

खेड़की दौला टोल प्लाजा को कहाँ शिफ्ट किया जा रहा है?
खेड़की दौला टोल प्लाजा को मानेसर के पास स्थित कुकड़ोला गांव (सेहरावन क्षेत्र) में स्थानांतरित किया जा रहा है, जो मौजूदा टोल से लगभग 12 किलोमीटर दूर है।
नए टोल प्लाजा के निर्माण में कितना खर्च आएगा और इसमें कितनी लेन होंगी?
कुकड़ोला में बनने वाले नए टोल प्लाजा पर 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसमें 14 बूथलेस लेन बनाई जाएंगी।
टोल प्लाजा की शिफ्टिंग और निर्माण में कितना समय लगेगा?
मौजूदा टोल को डिनोटिफाई करने में 3 से 4 महीने और नए स्थान पर टोल की इमारत व ढांचा तैयार करने में 4 से 5 महीने का समय लगेगा।
टोल शिफ्टिंग की घोषणा सबसे पहले कब की गई थी?
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने वर्ष 2016 में बादशाहपुर में आयोजित एक जनसभा के दौरान टोल शिफ्ट करने की घोषणा की थी।
फास्टैग में बैलेंस न होने पर नए बूथलेस टोल पर क्या होगा?
वाहनों को टोल पर रोका नहीं जाएगा, लेकिन ऑटोमैटिक प्रणाली के जरिए जुर्माने के साथ टोल का नोटिस सीधे वाहन मालिक के पास भेजा जाएगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·14 मिनट पहले

इस खबर के कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की जाँच दर्शाती है कि एनएचएआई द्वारा डिनोटिफिकेशन और जमीन के मुगालते दूर करने में 3 से 4 महीने का समय लगना तय है। 90 हजार से अधिक वाहनों की दैनिक आवाजाही और 14 बूथलेस लेन पर मल्टी-लेन फ्री-फ्लो तकनीक से स्वचालित चालान व्यवस्था लागू होने के बाद, इस क्षेत्र में यातायात संबंधी कानूनी विवादों और सुरक्षा मापदंडों की निगरानी एक नई दिशा लेगी, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।

Rohan Verma@rohan-verma·14 मिनट पहले

खेड़की दौला टोल प्लाजा के कुकड़ोला शिफ्ट होने से न केवल मानेसर और पचगांव के बीच रोजाना फंसे रहने वाले 90 हजार से अधिक वाहनों को जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि दिल्ली-जयपुर हाईवे पर लॉजिस्टिक्स और कमर्शियल मूवमेंट भी तेज होगा। हालांकि, 14 बूथलेस लेन और मल्टी-लेन फ्री-फ्लो तकनीक पर आधारित इस व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए यह जरूरी होगा कि प्रशासनिक अमला स्थानीय ग्रामीणों के पुराने विरोध और जमीन से जुड़े किसी भी अप्रत्याशित कानूनी पेच को समय रहते सुलझा ले, ताकि तयशुदा तीन से चार महीने के डिनोटिफिकेशन और निर्माण के लक्ष्यों में कोई अड़चन न आए।

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