हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET-2025) के परिणामों और उत्तर कुंजी में कथित गड़बड़ियों को लेकर परीक्षार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा है। भिवानी स्थित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के प्रशासनिक कार्यालय के बाहर सैकड़ों युवा अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्य प्रवेश द्वार का घेराव कर दिया। लंबे समय से सिर्फ मौखिक आश्वासन मिलने से नाराज अभ्यर्थियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक बोर्ड प्रशासन उन्हें लिखित में समाधान की समय सीमा नहीं देता, तब तक वे अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे।
उत्तर कुंजी और ओएमआर शीट में गंभीर खामियों का आरोप
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि 4 और 5 जुलाई को राज्य भर में आयोजित एचटेट परीक्षा में व्यापक अनियमितताएं हुई हैं। इस परीक्षा के लिए प्रदेश भर से लगभग 3 लाख युवाओं ने आवेदन किया था। अभ्यर्थियों के अनुसार, परीक्षा के बाद जारी की गई उत्तर कुंजी में कई उत्तर गलत दर्ज हैं। शिकायत दर्ज कराने वाले अभ्यर्थी संदीप और निशांत ने आरोप लगाया कि प्रश्न पत्र में करीब 20 से 30 सवाल सीधे तौर पर गलत छापे गए थे। जब छात्रों ने प्रामाणिक पाठ्यपुस्तकों के साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए आपत्ति दर्ज कराई, तो भी बोर्ड ने उनके सही उत्तरों को स्वीकार नहीं किया।
आपत्ति दर्ज कराने और ओएमआर शीट डाउनलोड पर दोहरा वित्तीय बोझ
छात्रों ने बोर्ड प्रशासन पर परीक्षा प्रणाली के नाम पर आर्थिक शोषण करने का भी आरोप लगाया। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रत्येक गलत उत्तर पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 100-100 रुपये प्रति प्रश्न शुल्क वसूला जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद गलतियों में कोई सुधार नहीं किया जाता। इसके अतिरिक्त, अपनी ओएमआर (OMR) शीट डाउनलोड करने के लिए भी अभ्यर्थियों से 100 रुपये की फीस ली जा रही है, परंतु फीस भरने के बाद भी वेबसाइट से उत्तर पुस्तिकाएं डाउनलोड नहीं हो पा रही हैं। बार-बार आपत्ति जताने के बाद भी बोर्ड की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने पर अभ्यर्थियों का सब्र टूट गया।
शिक्षा बोर्ड सचिव की वार्ता और लिखित गारंटी की मांग
कार्यालय परिसर के बाहर घंटों चले प्रदर्शन के बाद हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सचिव दीपक बाबूलाल करवा प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत करने पहुंचे। उन्होंने अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया कि अगले तीन सप्ताह के भीतर सभी समस्याओं का नियमानुसार समाधान कर दिया जाएगा। सचिव ने जानकारी दी कि उत्तर कुंजी में सुधार के लिए प्रत्येक विषय के विशेषज्ञों की एक अलग कमेटी बनाई जाएगी और भविष्य में ऐसी गलतियों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, अभ्यर्थी केवल मौखिक भरोसे को मानने के लिए तैयार नहीं थे और मुख्य द्वार पर बैठकर सत्याग्रह करने लगे।
गांधीवादी तरीके से सत्याग्रह और आगे की रणनीति
बार-बार मिलने वाली तारीखों से निराश अभ्यर्थियों ने बोर्ड सचिव की मौखिक बातों को खारिज करते हुए मुख्य द्वार पर धरना जारी रखा। प्रदर्शनकारी छात्र मुख्य गेट पर बैठकर महात्मा गांधी का पाठ पढ़ने लगे और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को दोहराया। अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि जब तक बोर्ड का शीर्ष प्रबंधन उन्हें लिखित में समाधान का समयबद्ध प्लान नहीं सौंपता, वे घेराव खत्म नहीं करेंगे। ऐसे में देखना होगा कि बोर्ड प्रशासन मामले को सुलझाने के लिए क्या लिखित कदम उठाता है या यह छात्र आंदोलन राज्य स्तर पर और बड़ा रूप धारण करेगा।



















