हरियाणा के अंबाला जिले में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर मुख्य बाजारों और व्यावसायिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी चहल-पहल देखी जा रही है। इस वर्ष भगवान श्रीकृष्ण यानी लड्डू गोपाल के पूजन और श्रृंगार के लिए पारंपरिक परिधानों के स्थान पर आधुनिक और ट्रेंडी वस्त्रों का नया दौर शुरू हुआ है। स्थानीय बाजारों में कोलकाता की प्रसिद्ध जरी, गुजरात के विशेष डिजाइनर वस्त्र, मुंबई में तैयार कस्टमाइज्ड आभूषण और सूरत की हल्की प्लेन ड्रेसेज की एक विस्तृत श्रृंखला ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराई गई है। श्रद्धालु अपने गृह मंदिर में स्थापित कान्हा जी को भव्य रूप देने के लिए रंग-बिरंगी पोशाकों, कलात्मक आभूषणों, सिलिकॉन से निर्मित मूर्तियों और आकर्षक लाइटों से सजे फूल बंगलों की खरीदारी में विशेष रुचि दिखा रहे हैं। इसके साथ ही विक्रेताओं ने युवा खरीदारों को आकर्षित करने के लिए सोशल मीडिया से जुड़े विशेष ऑफर्स भी पेश किए हैं।
कोलकाता जरी से लेकर मुंबई ज्वेलरी: पोशाकों और श्रृंगार की विविधता
बाजारों में शून्य नंबर के सबसे छोटे आकार के लड्डू गोपाल से लेकर 21 नंबर तक की बड़ी प्रतिमाओं के लिए अलग-अलग शैलियों की पोशाकें प्रस्तुत की गई हैं। इन कपड़ों की सामान्य शुरुआती कीमत 50 रुपये से शुरू होकर 800 रुपये तक जाती है, जबकि विशेष प्रकार के भारी और जटिल डिजाइन वाले परिधानों की कीमत 3,000 रुपये तक तय की गई है। इस बार खरीदारी के दौरान श्रद्धालुओं के बीच धोती-पटका सेट, गोल घेरे वाली पोशाकें, फूलों से सजी स्टोन वर्क ड्रेसेज, जयपुर की प्रसिद्ध बांधनी प्रिंट की पोशाकें, नेट लेस वर्क, कुंदन तथा जरकन से सुसज्जित वस्त्र और महीन हाथ की कारीगरी वाले कपड़े अत्यधिक लोकप्रिय सिद्ध हो रहे हैं।
इसके अतिरिक्त डबका कढ़ाई और बारीक धागों की कारीगरी वाली भारी ड्रेसेज भी श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं। भगवान श्रीकृष्ण के श्रृंगार को पूर्ण करने के लिए मोर पंख से सुसज्जित बांसुरी और पोशाक से मेल खाती हुई कलात्मक पगड़ी तथा मोती की मालाएं भी काफी बिक रही हैं। वस्त्रों के साथ-साथ मुकुट, बांसुरी और मालाओं के नए संयोजनों को ग्राहकों की पसंद के अनुसार बेचा जा रहा है।
बच्चों के लिए कान्हा पोशाक और घर के दरबार के सजावटी सामान
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर केवल लड्डू गोपाल का ही नहीं, बल्कि घर के छोटे बच्चों को भी कान्हा जी का रूप देने का प्रचलन काफी तेजी से बढ़ा है। इसे ध्यान में रखते हुए दुकानदारों ने नवजात शिशुओं से लेकर लगभग 15 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए राजस्थानी शैली के पीले रंग के धोती-कुर्ते बाजार में उतारे हैं। इन बाल वस्त्रों पर भगवान श्रीकृष्ण के मनमोहक चित्र भी छापे गए हैं। बच्चों की इन पोशाकों के सेट की कीमत छोटे बच्चों के लिए करीब 80 रुपये से प्रारंभ होती है और बड़े बच्चों के परिधानों के लिए 350 रुपये तक पहुंचती है।
इसके साथ ही अपने घरों में कान्हा जी का भव्य दरबार स्थापित करने के लिए श्रद्धालु वस्त्रों के अलावा झूले, सिंहासन, पालकी, लाइटों वाले फूल बंगले तथा अन्य सजावटी सामग्री की भी बड़े पैमाने पर खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में लकड़ी, स्टेनलेस स्टील और फैंसी डिजाइन के झूले 200 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की श्रेणी में उपलब्ध हैं। वहीं दूसरी ओर, कृत्रिम फूलों और जगमगाती लाइटों से तैयार किए गए विशेष फूल बंगले 500 रुपये से 2,500 रुपये के मूल्य वर्ग में बेचे जा रहे हैं। इसी क्रम में फरीदाबाद के तिलपत गांव में स्थित प्रसिद्ध बाबा सूरदास मंदिर का उल्लेख भी प्रासंगिक है, जहां जन्माष्टमी पर वृंदावन जैसी भव्यता के बीच पूजा-अर्चना होती है और लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए एकत्र होते हैं।
सिलिकॉन प्रतिमाओं का आगमन और देश के विभिन्न शहरों से आपूर्ति
इस वर्ष अंबाला के बाजारों में एक प्रमुख नया आकर्षण सिलिकॉन पदार्थ से बनी राधा रानी और भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियां हैं। बच्चों की भांति कोमल बनावट, यथार्थवादी आकृति और विशिष्ट रूप-रंग वाली इन सिलिकॉन प्रतिमाओं की बाजार में काफी मांग देखी जा रही है। इन आधुनिक प्रतिमाओं की कीमत 4,500 रुपये से 6,000 रुपये तक निर्धारित की गई है। इसके विपरीत, पारंपरिक पीतल की प्रतिमाएं अपनी माप संख्या और वजन के आधार पर भिन्न-भिन्न दरों में बेची जा रही हैं। दुकानदारों ने ग्राहकों की मांग को पूरा करने के लिए मेरठ, वृंदावन, दिल्ली और मुरादाबाद जैसे धार्मिक व हस्तशिल्प केंद्रों से विशेष मूर्तियां मंगवाई हैं।
दुकानदारों के विशेष ऑफर और इंस्टाग्राम सेल्फी डिस्काउंट
बाजार में प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों का उत्साह बढ़ाने के लिए व्यापारियों ने कई लुभावने प्रस्ताव तैयार किए हैं। दुकानदार निशान ने बताया कि उन्होंने कान्हा जी के लिए कई नए ट्रेंडिंग कलेक्शन तैयार करवाए हैं, जिन पर 40 प्रतिशत तक की विशेष छूट प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त दुकान पर एक विशेष सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है, जहां भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के साथ सेल्फी खींचकर इंस्टाग्राम पर दुकान के खाते को टैग करने वाले खरीदारों को 20 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जा रही है। निशान के अनुसार, कोलकाता और गुजरात से विशेष रूप से वस्त्र तैयार कराए गए हैं, जबकि आभूषणों का निर्माण मुंबई में कस्टमाइज्ड तरीके से कराया गया है।
इसी प्रकार, एक अन्य दुकानदार मानसी ने जानकारी दी कि उनके प्रतिष्ठान पर 50 रुपये से लेकर 2,000 रुपये तक के परिधान उपलब्ध हैं। उनके अनुसार स्टील, लकड़ी और फैंसी डिजाइन के झूलों की व्यापक मांग है। इसके अलावा मोर पंख और मोतियों से सुसज्जित बांसुरियां तथा सिलिकॉन से बनी बाल रूप प्रतिमाएं खरीदारों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई हैं।



















