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चीन के खुफिया तंत्र की मदद करने वाले अमेरिकी पत्रकार थॉमस पॉकन को 2 साल की जेल, गुप्त रिपोर्ट के बदले मिले थे 1 लाख डॉलरअमेरिका
3 सित॰ 2026, 8:08 am (29 मिनट पहले)· 3

चीन के खुफिया तंत्र की मदद करने वाले अमेरिकी पत्रकार थॉमस पॉकन को 2 साल की जेल, गुप्त रिपोर्ट के बदले मिले थे 1 लाख डॉलर

अमेरिका में चीन के लिए गैर-पंजीकृत एजेंट के रूप में काम करने के जुर्म में पत्रकार थॉमस वीर पॉकन II को दो साल की जेल की सजा सुनाई गई है। रिहाई के बाद उन पर तीन साल की निगरानी और विदेश यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा।

संयुक्त राज्य अमेरिका में चीनी सरकार के लिए एक अघोषित विदेशी एजेंट के रूप में गतिविधियों को अंजाम देने के गंभीर मामले में संघीय अदालत ने 51 वर्षीय अमेरिकी पत्रकार थॉमस वीर पॉकन II को दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा आधिकारिक रूप से साझा की गई जानकारी के अनुसार, पॉकन ने चालू वर्ष की शुरुआत में ही अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार करते हुए अपराध स्वीकार कर लिया था। उनके कानूनी प्रतिनिधि और वकील चार्ल्स बर्नहैम ने स्पष्ट किया है कि पॉकन अदालत द्वारा सुनाए गए इस फैसले के विरुद्ध किसी भी ऊपरी अदालत में अपील दाखिल नहीं करेंगे। न्याय विभाग के विस्तृत बयान में यह भी उल्लेख किया गया है कि दो साल की जेल की अवधि पूरी होने के पश्चात पॉकन को 36 महीनों तक सख्त पर्यवेक्षी रिहाई की स्थिति में रखा जाएगा। इस पर्यवेक्षण अवधि के दौरान उन पर बिना पूर्व अनुमति के अमेरिका से बाहर किसी भी प्रकार की विदेश यात्रा करने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लागू रहेगा। ज्ञात हो कि अमेरिकी जांच एजेंसियों ने उन्हें फरवरी 2026 में गिरफ्तार किया था।

राष्ट्रीय सुरक्षा उल्लंघन और चीन के लिए गतिविधियां

पत्रकार थॉमस पॉकन के खिलाफ यह अदालती फैसला ऐसे संवेदनशील समय में आया है जब वैश्विक पटल पर अमेरिका और चीन के बीच कूटनीतिक और रणनीतिक तनाव चरम पर है। हाल के समय में अमेरिकी संघीय एजेंसियों द्वारा दर्ज किए गए उन तमाम राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुकदमों में यह मामला प्रमुखता से शामिल हो गया है, जिनमें अमेरिकी नागरिकों या निवासियों पर बिना किसी पूर्व सूचना या पंजीकरण के चीनी सरकार के इशारों पर काम करने के आरोप लगे हैं। अमेरिकी न्याय विभाग में राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभाग के सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन ए. आइजनबर्ग ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पॉकन ने केवल व्यक्तिगत वित्तीय लाभ हासिल करने के लिए अपने ही देश के हितों के साथ विश्वासघात किया। न्याय विभाग के जांच दस्तावेजों से यह उजागर हुआ है कि पॉकन मुख्य रूप से चीन के मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी की विभिन्न गुप्त योजनाओं और अभियानों को जमीनी स्तर पर सहायता प्रदान कर रहे थे। उनके मुख्य दायित्वों में नए संपर्कों और सहयोगियों को नेटवर्क में भर्ती करना तथा संभावित मददगारों से संवेदनशील व महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्र करना शामिल था।

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बीजिंग के सरकारी मीडिया में पॉकन का करियर

मामले के विस्तृत घटनाक्रम के अनुसार, थॉमस पॉकन वर्ष 2010 में अमेरिका छोड़कर चीन चले गए थे। चीन में रहने के दौरान उन्होंने कई वर्षों तक वहां के सरकारी और निजी मीडिया संस्थानों में एक पेशेवर पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दीं। अपने करियर के दौरान उन्होंने चीन के राज्य संचालित मुख्य टेलीविजन नेटवर्क CCTV के साथ भी काम किया था। इसके पश्चात वर्ष 2024 से वे चीन की आधिकारिक राज्य समाचार एजेंसी शिन्हुआ में एक वरिष्ठ संपादक के पद पर कार्यरत थे, जो अमेरिकी एजेंसियों द्वारा पकड़े जाने से पूर्व उनकी सबसे हालिया नौकरी थी। पॉकन के बचाव पक्ष के वकील चार्ल्स बर्नहैम ने अदालत में अपना पक्ष प्रस्तुत करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल ने अपनी संपूर्ण वैधानिक जिम्मेदारी को स्वीकार किया है और वे न्यायपालिका के निर्णय का पूरी निष्ठा से सम्मान करते हैं। इसके साथ ही वकील ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि स्वयं अमेरिकी सरकार ने भी अदालत की कार्यवाही के दौरान यह स्वीकार किया है कि पॉकन ने चीन को कोई भी गोपनीय, वर्गीकृत अथवा क्लासिफाइड सरकारी सूचना हस्तांतरित नहीं की थी।

अदालती दस्तावेज और 1 लाख डॉलर का वित्तीय लेन-देन

अदालत में पेश किए गए आधिकारिक दस्तावेजों के विवरण के अनुसार, थॉमस पॉकन कम से कम वर्ष 2019 से लेकर फरवरी 2026 में अपनी गिरफ्तारी तक लगातार उन व्यक्तियों के प्रत्यक्ष संपर्क और निर्देशों पर काम कर रहे थे, जिनके बारे में उन्हें भली-भांति ज्ञात था कि वे चीनी शासन के लिए कार्य करते हैं। इन चीनी संपर्कों में एक महिला प्रमुख रूप से शामिल थी, जिससे पॉकन की पहली मुलाकात वर्ष 2017 में हुई थी। अदालती फाइलों में इस महिला पहचानकर्ता को छद्म नाम 'कैथी' दिया गया है। फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी FBI के विशेष एजेंट टिमोथी जे. हीली द्वारा 27 फरवरी को दर्ज किए गए संघीय हलफनामा पत्र के अनुसार, 'कैथी' नाम की इस महिला ने पॉकन को यह विश्वास दिलाया था कि उनके द्वारा तैयार की जाने वाली विश्लेषणात्मक रिपोर्टों को सीधे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा पढ़ा जाता है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, 'कैथी' के साथ मिलकर किए गए इस गुप्त कार्य प्रणाली के एवज में पॉकन को कम से कम 1 लाख अमेरिकी डॉलर प्राप्त हुए थे, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 95 लाख रुपये के बराबर बैठते हैं।

उपकरणों की हैंडओवर प्रक्रिया और गुप्त नेटवर्किंग

संघीय जांच से यह भी स्पष्ट हुआ है कि पॉकन का कार्य केवल विश्लेषणात्मक रिपोर्टें लिखने तक ही सीमित नहीं रखा गया था। 'कैथी' ने उन्हें ऐसे प्रभावशाली व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें चीनी नेटवर्क में जोड़ने का जिम्मा भी सौंपा था, जो अमेरिकी प्रशासन से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां उपलब्ध कराने में सक्षम हों। हलफनामे में दर्ज एक विशिष्ट उदाहरण के अनुसार, पॉकन को 'पर्सन 1' के रूप में संदर्भित एक व्यक्ति से मुलाकात करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया था। इस मुलाकात के दौरान पॉकन को उस व्यक्ति को एक सैमसंग का मोबाइल हैंडसेट, एक कंप्यूटर उपकरण, तथा सिग्नल और टेलीग्राम जैसे सुरक्षित मैसेजिंग एप्लीकेशन के गुप्त पासवर्ड प्रदान करने थे। इसके अतिरिक्त, चीनी गुप्तचरों द्वारा उस व्यक्ति को नेटडिस्क क्लाउड स्टोरेज की एक्सेस जानकारी भी उपलब्ध कराने के निर्देश पॉकन को दिए गए थे।

एयरपोर्ट पर CBP की पूछताछ और ट्रम्प प्रशासन पर खुलासे

जांच हलफनामे के अनुसार, जनवरी 2025 में जब थॉमस पॉकन अंतरराष्ट्रीय यात्रा समाप्त कर वापस अमेरिका लौट रहे थे, तब उन्हें कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन यानी CBP के अधिकारियों द्वारा हवाई अड्डे पर ही रोक लिया गया था। वहां CBP और FBI के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई गहन पूछताछ के दौरान पॉकन ने कई अहम खुलासे किए। उन्होंने जांचकर्ताओं को बताया कि उन्हें लगभग '80 प्रतिशत यकीन' था कि तत्कालीन ट्रम्प प्रशासन में नौकरी पाने का प्रयास कर रहा एक विशिष्ट व्यक्ति चीन को संवेदनशील सरकारी सूचनाएं उपलब्ध कराने की स्थिति में आ सकता है। हालांकि पॉकन ने दावा किया कि उन्होंने स्वयं उस व्यक्ति को ऐसा कोई भी कदम न उठाने की सलाह दी थी। इसके अलावा पॉकन ने यह स्वीकार किया कि 'कैथी' पिछले कई वर्षों से उनके अमेरिका आने-जाने का पूरा यात्रा खर्च उठा रही थी और अक्सर वित्तीय लेनदेन के तहत उनकी पत्नी के निजी बैंक खातों में भी धनराशि स्थानांतरित की जाती थी।

उपनाम का प्रयोग, प्रकाशित पुस्तकें और पारिवारिक पृष्ठभूमि

मूल रूप से अमेरिकी राज्य टेक्सास के निवासी पॉकन ने एक पत्रकार, लेखक और विश्लेषक के रूप में अपनी व्यावसायिक पहचान छुपाने के लिए 'टॉम मैकग्रेगर' नाम का उपयोग किया था। अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, यह उपनाम उन्होंने अपने पिता थॉमस पॉकन के परामर्श पर अपनाया था। उनके पिता की इच्छा थी कि चीन में उनके बेटे द्वारा किए जाने वाले कार्यों का असर उनकी अपनी राजनीतिक और सामाजिक प्रतिष्ठा पर न पड़े। इसके बावजूद पॉकन ने अपने वास्तविक नाम थॉमस डब्ल्यू. पॉकन II से दो पुस्तकें प्रकाशित की थीं, जिनमें से पहली पुस्तक वर्ष 2019 में अमेरिका-चीन संबंधों पर तथा दूसरी पुस्तक वर्ष 2023 में चीन के प्रमुख औद्योगिक शहर शेनझेन पर आधारित थी। शेनझेन मुख्यभूमि चीन का वह प्रमुख तकनीकी केंद्र है जो हांगकांग के ठीक सामने स्थित है। पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो पॉकन के पिता 1990 के दशक में टेक्सास रिपब्लिकन पार्टी के अध्यक्ष पद पर रह चुके हैं और उन्होंने एक दशक से भी पहले टेक्सास के गवर्नर पद का चुनाव भी लड़ा था। गिरफ्तारी से ठीक पूर्व, पॉकन के फेसबुक अकाउंट पर अपनी पत्नी और बच्चे के साथ वॉशिंगटन डीसी की यात्रा की तस्वीरें साझा की गई थीं, जिसके तुरंत बाद संघीय एजेंसियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया था।

सवाल-जवाब

थॉमस पॉकन को अदालत ने क्या सजा सुनाई है?
अदालत ने थॉमस पॉकन को 2 साल की जेल की सजा सुनाई है और रिहाई के बाद 36 महीने की निगरानी के साथ विदेश यात्रा पर रोक लगाई है।
पॉकन पर चीन से कितने पैसे लेने का आरोप है?
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, पॉकन को चीनी एजेंट 'कैथी' से कम से कम 1 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 95 लाख रुपये) मिले थे।
क्या पॉकन ने चीन को कोई गोपनीय सरकारी दस्तावेज दिए थे?
नहीं, उनके वकील के अनुसार अदालत में अमेरिकी सरकार ने माना कि पॉकन ने चीन को कोई गोपनीय या क्लासिफाइड जानकारी नहीं दी थी।
पॉकन चीन में किन मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके थे?
पॉकन चीन के सरकारी टेलीविजन नेटवर्क CCTV और समाचार एजेंसी शिन्हुआ में संपादक के रूप में काम कर चुके थे।
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