हांसी जिले के गुराना गांव में लगभग 20 साल की प्रियंका की संदिग्ध हालात में मौत होने का मामला सामने आया है। परिवार के लोगों ने उसकी मौत के बाद बिना किसी कानूनी औपचारिकता के शव को दफना दिया था, लेकिन शिकायत मिलने पर पुलिस हरकत में आई और घटना के करीब 24 घंटे बाद सोमवार शाम को शव को दोबारा कब्र से बाहर निकाला गया। नारनौंद थाना पुलिस ने यह कार्रवाई फोरेंसिक विशेषज्ञों और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है, और मंगलवार को रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह का पता चल पाएगा।
घर से चली गई थी युवती
प्रियंका के बारे में जानकारी मिली है कि वह 9 सितंबर को अचानक अपने घर से कहीं चली गई थी। इसके बाद वह दो दिन यानी 11 सितंबर को वापस अपने घर लौट आई थी। घर लौटने के ठीक बाद रविवार को उसकी अचानक मौत हो गई। इस कम समय में हुई मौत के कारण पूरे गांव में कई तरह की चर्चाएं और आशंकाएं फैल गईं। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने पुलिस प्रशासन को इस मामले की गुप्त शिकायत दी, जिसमें मौत को संदिग्ध बताते हुए बिना जांच के शव दफनाए जाने की बात कही गई थी।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
शिकायत मिलने के तुरंत बाद नारनौंद थाना पुलिस की टीम सोमवार को गुराना गांव पहुंच गई। इस पूरी कानूनी प्रक्रिया के लिए हांसी के नायब तहसीलदार खुर्शीद अहमद को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। उनकी देखरेख में सोमवार शाम को कब्रिस्तान की मिट्टी खोदकर प्रियंका का शव बाहर निकाला गया। इस दौरान फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जरूरी साक्ष्य और सबूत जुटाए। किसी भी संभावित तनाव या अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजरें
ड्यूटी मजिस्ट्रेट खुर्शीद अहमद ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रियंका की संदिग्ध मौत की सूचना मिलने के बाद उन्हें मौके पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उनकी उपस्थिति में शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार को आने वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि युवती की मौत किन परिस्थितियों और कारणों के चलते हुई थी।



















