हरियाणा के गुरुग्राम में 6 अगस्त 2026 की सुबह 4 बजे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शहर के तमाम प्रमुख मार्गों और अंडरपास में कई फीट पानी भर जाने से ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारों और भीषण जाम की स्थिति को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। पुलिस प्रशासन ने जिले के सभी कॉर्पोरेट दफ्तरों और निजी संस्थानों से अपील की है कि वे 6 अगस्त से 7 अगस्त 2026 तक अपने कर्मचारियों को घर से काम करने यानी वर्क फ्रॉम होम की अनुमति दें, ताकि सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम किया जा सके और राहत कार्य सुचारू रूप से चल सकें।
गुरुग्राम पुलिस की आधिकारिक एडवाइजरी और मौसम विभाग की चेतावनी
गुरुग्राम पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विस्तृत एडवाइजरी जारी करते हुए स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट किया है। पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में यानी 05 अगस्त 2026 की सुबह 8:00 बजे से लेकर 06 अगस्त 2026 की सुबह 8:00 बजे तक गुरुग्राम जिले में कुल 97 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट ने 6 अगस्त 2026 के लिए जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के मद्देनजर सड़कों पर भारी जलभराव और गंभीर ट्रैफिक जाम की आशंका जताई गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कॉर्पोरेट क्षेत्र द्वारा वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू करने से सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही घटेगी, जिससे नागरिक एजेंसियों को ड्रेनेज व्यवस्था ठीक करने और सड़कों की मरम्मत करने में आसानी होगी।
जलमग्न हुआ मेदांता से सेक्टर-15 अंडरपास, पुलिस ने निकाली फंसी गाड़ियां
बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों और अंडरपास में स्थिति बेहद खराब हो गई है। मेदांता से सेक्टर-15 की दिशा में जाने वाले अंडरपास में कई फीट तक पानी भर जाने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पानी का जलस्तर इतना अधिक था कि कई वाहन जलभराव के बीच में ही बंद होकर फंस गए। स्थिति की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और भारी मशक्कत के बाद जलमग्न अंडरपास में फंसे वाहनों को बाहर सुरक्षित निकाला। सुरक्षा के दृष्टिकोण से इस अंडरपास से वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है और रूट को डाइवर्ट किया गया है।
नगर निगम की हाउस बैठक स्थगित, अधिकारियों को धरातल पर रहने के निर्देश
जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए गुरुग्राम नगर निगम ने तात्कालिक कदम उठाए हैं। नगर निगम की प्रस्तावित सदन की बैठक को स्थगित कर दिया गया है। निगम प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी करते हुए सभी अधिकारियों को दफ्तर छोड़कर सीधे फील्ड पर तैनात रहने के लिए कहा है। अधिकारियों को जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों में पंपिंग सेट लगाने, नालों की रुकावटें हटाने और जल निकासी की प्रक्रिया में तेजी लाने का काम सौंपा गया है।
रश आवर में थमी शहर की रफ्तार, प्रशासन की नागरिकों से अपील
सुबह के समय दफ्तर और स्कूल जाने के दौरान बारिश तेज होने से रश आवर में सड़कों पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं। यात्रियों और स्थानीय निवासियों ने बताया कि बारिश शुरू होते ही शहर की मुख्य सड़कें और चौराहे तालाब में तब्दील हो गए, जिससे स्कूली बच्चों और कामकाजी लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में घंटों की देरी और भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आम जनता ने सवाल उठाया कि हर साल मॉनसून से पहले नालों की सफाई और ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन हल्की सी बारिश में ही ये दावे खोखले साबित होते हैं। इस बीच जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें और केवल आधिकारिक मौसम व ट्रैफिक एडवाइजरी का ही पालन करें।



















