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अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बीच वैश्विक बाजारों में हलचल, ट्रंप और शी जिनपिंग की अहम बैठक पर टिकी नजरेंबाज़ार
23 सित॰ 2026, 2:19 pm (44 मिनट पहले)· 1

अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बीच वैश्विक बाजारों में हलचल, ट्रंप और शी जिनपिंग की अहम बैठक पर टिकी नजरें

अमेरिकी डॉलर में आई तेजी और फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने सोने और प्रमुख मुद्राओं पर दबाव बना दिया है, जबकि वाशिंगटन में होने वाली ट्रंप और शी जिनपिंग की वार्ता से पहले निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान काफी हलचल देखने को मिल रही है, जहाँ अमेरिकी डॉलर की बढ़ती ताकत ने विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों पर अपना स्पष्ट प्रभाव डाला है। फेडरल रिजर्व के सख्त नीतिगत रुख और 30 जुलाई के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुँचे डॉलर इंडेक्स ने बहुमूल्य धातुओं के साथ-साथ प्रमुख विदेशी मुद्रा जोड़ियों पर भी चौतरफा दबाव कायम कर दिया है। दूसरी तरफ, वैश्विक निवेशक समुदाय की नजरें अब पूरी तरह से वाशिंगटन में प्रस्तावित एक बहुप्रतीक्षित शिखर सम्मेलन पर टिक गई हैं, जहाँ दुनिया की दो सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्तियों के शीर्ष नेता आमने-सामने बैठने जा रहे हैं।

सोने की कीमतों पर गहराता डॉलर का दबाव

सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली सोने की चमक पर अमेरिकी डॉलर की निरंतर रैली ने ग्रहण लगा दिया है। एशियाई कारोबारी समय में पीली धातु को नए सिरे से बिकवाली के दबाव का सामना करना पड़ा, जिससे यह पिछले दिन 4,300 डॉलर से नीचे के स्तरों से आई अपनी रिकवरी को आगे बढ़ाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई। फेडरल रिजर्व के सख्त दृष्टिकोण के कारण निवेशकों को बिना किसी तय ब्याज या यील्ड वाली धातु को अपने पोर्टफोलियो में थामे रखने में सतर्कता बरतनी पड़ रही है। जब डॉलर 30 जुलाई के बाद के नए उच्च स्तर को छूता है, तो विदेशी खरीदारों के लिए सोने की खरीद स्वतः महंगी हो जाती है, जिसने इसके हालिया उछाल को सीमित कर दिया है।

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ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट और सुस्त पड़ती आर्थिक रफ्तार

विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी, यानी AUD/USD, बुधवार को नए सिरे से बिकवाली का शिकार बनी और एशियाई सत्र में 0.7100 के स्तर का परीक्षण करती नजर आई। इस गिरावट के पीछे ऑस्ट्रेलिया के ताज़ा फ्लैश पीएमआई आंकड़े रहे, जिनमें विनिर्माण क्षेत्र में संकुचन दर्ज किया गया है। इसके साथ ही, सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर भी लगातार दूसरे महीने धीमी गति से आगे बढ़ रही है। घरेलू अर्थव्यवस्था में मैन्युफैक्चरिंग के कमजोर पड़ने और सर्विसेज सेक्टर की धीमी रफ्तार ने मुद्रा पर दोहरा संकट खड़ा किया, जिसे मजबूत अमेरिकी डॉलर ने और अधिक गहरा बना दिया।

बैंक ऑफ जापान की दर वृद्धि और जापानी येन की स्थिति

एशियाई बाजारों में USD/JPY जोड़ी 157.00 के मध्य स्तर के करीब कारोबार करती देखी गई, जो पिछले शुक्रवार को छूए गए दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के बेहद करीब है। बैंक ऑफ जापान ने अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% करने का फैसला किया। यह निर्णय नीति निर्माताओं की 7-2 की सहमति से लिया गया, जो मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और सोचा-समझा कदम है। बाजार के विश्लेषक कई हफ्तों से दर में इस बढ़ोतरी की उम्मीद जता रहे थे। हालाँकि, इस कदम के बावजूद जापानी येन में कोई खास मजबूती नहीं दिखी क्योंकि केंद्रीय बैंक के समग्र रुख को बाजार ने अपेक्षाकृत नरम माना। उधर, फेडरल रिजर्व की आक्रामकता ने डॉलर को सहारा दिया है, लेकिन संभावित सरकारी हस्तक्षेप के डर ने येन के मुकाबले डॉलर की बढ़त पर भी एक सीमा बांध रखी है।

क्रिप्टो बाजार में कार्डानो का उल्लेखनीय प्रदर्शन

पारंपरिक संपत्तियों और प्रमुख मुद्राओं में मची उथल-पुथल के विपरीत डिजिटल परिसंपत्ति बाजार से एक सकारात्मक रुझान सामने आया है, जहाँ कार्डानो (ADA) ने अपनी बढ़त का दायरा और बढ़ा दिया है। इस हफ्ते अब तक 14% से अधिक की शानदार छलांग लगाने के बाद टोकन 0.262 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा है। डेरिवेटिव्स बाजार के आंकड़े बताते हैं कि कार्डानो में ओपन इंटरेस्ट तेजी से बढ़ा है, फंडिंग दरें सकारात्मक बनी हुई हैं और बड़े निवेशकों द्वारा टोकन जमा करने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। डेरिवेटिव्स बाजार की यह मजबूत स्थिति यह संकेत देती है कि यदि खरीदारी का यह माहौल कायम रहा, तो कार्डानो आने वाले दिनों में नए उच्च स्तरों को लक्षित कर सकता है।

वाशिंगटन में ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच ऐतिहासिक वार्ता

इन तमाम आर्थिक उतार-चढ़ावों के बीच सबसे बड़ा भू-राजनीतिक घटनाक्रम वाशिंगटन में गुरुवार को आकार लेने जा रहा है, जहाँ संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक उच्चस्तरीय शिखर बैठक में शामिल होंगे। पिछले कई महीनों से दोनों महाशक्तियों के बीच व्यापारिक तनावों में नरमी देखी जा रही थी। अब यह बैठक तय करेगी कि दोनों बड़े देश अपने इस व्यापारिक समझौते और शांति को विस्तार देंगे या फिर वैश्विक अर्थव्यवस्था एक बार फिर अनिश्चितता और टैरिफ की नई लहर के भंवर में फँसने जा रही है। इस बैठक की संवेदनशीलता के कारण बाजार अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ताओं के पूरा होने पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं और सारा ध्यान केवल इस शिखर वार्ता पर केंद्रित है।

सवाल-जवाब

सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
अमेरिकी डॉलर 30 जुलाई के बाद के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया है और फेडरल रिजर्व का रुख सख्त बना हुआ है, जिससे बिना ब्याज वाली धातु पर बिकवाली का दबाव पड़ा है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7100 के स्तर का परीक्षण क्यों कर रहा है?
ऑस्ट्रेलिया के मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई आंकड़ों के संकुचन में जाने और सर्विसेज सेक्टर की धीमी रफ्तार के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दबाव में आया है।
बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के मतदान से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है।
कार्डानो के हालिया उछाल के प्रमुख कारक क्या हैं?
कार्डानो इस हफ्ते 14% से अधिक चढ़ा है, जिसे बढ़ते ओपन इंटरेस्ट, सकारात्मक फंडिंग दरों और व्हेल संचय का समर्थन मिला है।
वाशिंगटन में डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक क्यों महत्वपूर्ण है?
यह शिखर सम्मेलन तय करेगा कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक शांति का दौर आगे बढ़ेगा या दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता के नए दौर में प्रवेश करेंगी।
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