बिहार के सीतामढ़ी जिले में जिला पार्षद के पति और चर्चित जन प्रतिनिधि बैद्यनाथ महतो की हत्या के मामले में कानून व्यवस्था की टीमों को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। मामले के मुख्य अभियुक्त त्रिभुवन को पुलिस की स्पेशल टीम ने सटीक गुप्त जानकारी के आधार पर घेराबंदी कर अपनी गिरफ्त में ले लिया है। बैद्यनाथ महतो की सरेआम निर्मम हत्या किए जाने के बाद से पूरे इलाके में गहरा आक्रोश और तनाव पसरा हुआ था, जिसके चलते पुलिस लगातार संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी।
केथरिया चौक के समीप घेराबंदी और रात का तलाशी अभियान
पुलिस जांच दल को तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों से पक्की सूचना मिली थी कि हत्याकांड में शामिल फरार अभियुक्त केथरिया चौक और उसके आसपास के इलाके में पनाह लिए हुए हैं। जानकारी पुख्ता होते ही विशेष टीमों ने तत्काल पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। घेराबंदी के दौरान ही पुलिस बल ने रात में अभियुक्तों की मोटरसाइकिल अपने कब्जे में ले ली थी।
पुलिस के भारी दबाव को देखकर आरोपी त्रिभुवन और उसका साथी एजाज रात के घने अंधेरे तथा पास मौजूद घने जंगलों की आड़ लेकर छिपने में सफल हो गए थे। इसके बावजूद पुलिस ने पूरे इलाके की नाकेबंदी ढीली नहीं पड़ने दी और पूरी रात संभावित झाड़ियों तथा ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान जारी रखा। बुधवार की सुबह स्थानीय ग्रामीणों की मदद लेते हुए इलाके में व्यापक कांबिंग ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसके बाद मुख्य आरोपी त्रिभुवन को पकड़ लिया गया। पुलिस उसे हिरासत में लेकर हत्याकांड की पूरी साजिश, हथियारों और अन्य कड़ियों को लेकर विस्तार से पूछताछ कर रही है।
फरार आरोपी एजाज की तलाश में ड्रोन से निगरानी
इस हत्याकांड से जुड़े दूसरे फरार आरोपी एजाज की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई अलग-अलग विशेष टीमों को तैनात किया है। पुलिस बल जंगलों, झाड़ियों और संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश दे रहा है। दुर्गम और बीहड़ इलाकों में एजाज की धरपकड़ के लिए पुलिस ड्रोन कैमरों का सहारा ले रही है और इलाके में बड़ा सर्च व कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी हाल में फरार आरोपी को बच निकलने नहीं दिया जाएगा और जल्द ही उसे भी कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था त्रिभुवन का सफाई भरा वीडियो
गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले मुख्य अभियुक्त त्रिभुवन कुशवाहा ने एक वीडियो जारी किया था, जिसने इंटरनेट मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोरी थीं। एक पत्रकार को व्हाट्सएप कॉल के जरिए भेजे गए उस वीडियो में त्रिभुवन ने अपने ऊपर लगे सभी इल्जामों को झूठा और बेबुनियाद करार दिया था। उसने दावा किया था कि 28 अगस्त को बैद्यनाथ महतो पर हुई कथित गोलीबारी में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और न ही उसने गोली चलाई थी। अपने बचाव के साथ-साथ उसने बैद्यनाथ महतो पर जमीन पर अवैध कब्जा करने जैसे कई गंभीर आरोप भी मढ़े थे। हालांकि पुलिस अब उससे हिरासत में इन तमाम दावों और आरोपों की असलियत जानने में जुटी है।
























