नया व्यवसाय शुरू करने वाले संस्थापकों के लिए शुरुआती सफर अक्सर गलतियों से सीखने और भारी जोखिमों से भरा होता है। कठिन चुनौतियों को आसान बनाने और नए कारोबार को तेजी से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से बोस्टन के सोवा पावर स्टेशन में 4 नवंबर को एक विशेष एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन का मुख्य फोकस उन व्यावहारिक अनुभवों को सीधे नए संस्थापकों तक पहुंचाना है, जिनके लिए आमतौर पर महीनों तक प्रयोग करने पड़ते हैं। कार्यक्रम के दौरान उद्योग के शीर्ष निवेशक और अनुभवी कारोबारी विभिन्न सत्रों में अपनी रणनीतियां प्रस्तुत करेंगे, जिसमें पूंजी जुटाने से लेकर उपयुक्त टीम तैयार करने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की तकनीक को मूल ढांचे में शामिल करने जैसे अहम विषय शामिल हैं।
फंडिंग का बदलता परिदृश्य और शुरुआती गलतियों से बचाव
स्टार्टअप जगत में पूंजी जुटाना हमेशा से एक पेचीदा काम रहा है, लेकिन मौजूदा दौर में इसके पुराने नियम पूरी तरह बदल चुके हैं। अंडरस्कोर के पार्टनर ब्रायन डेवेनी इस बात का विश्लेषण करेंगे कि आज के समय में वेंचर निवेशक वास्तव में किन पैमानों पर कंपनियों का मूल्यांकन कर रहे हैं। जब बाजार में हजारों कंपनियां कतार में हों, तो कोई संस्थापक कैसे निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच सकता है, इस पर विस्तृत चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त, बातचीत के दौरान कई संस्थापक अनजाने में ही अपनी सौदेबाजी की ताकत गंवा देते हैं। पहले चेक से लेकर टर्म शीट पर हस्ताक्षर होने तक के पूरे सफर और उन चूकों की पड़ताल की जाएगी जो किसी भी फंडिंग राउंड को सफल या विफल बना सकती हैं।
संस्थापक से मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनने का सफर
जैसे-जैसे कंपनी का दायरा बढ़ता है, शीर्ष पद की जिम्मेदारियों में भारी बदलाव आता है। हबस्पॉट के सह-संस्थापक और सेकोइया के पार्टनर ब्रायन हॉलिगन अपने दीर्घकालिक अनुभवों को साझा करेंगे। उन्होंने कई कंपनियों को शुरुआती दौर से निकालकर तीव्र विकास, कठिन निर्णयों और निरंतर नवाचार के दौर से गुजरते देखा और मार्गदर्शन दिया है। उनका सत्र इस बात पर केंद्रित होगा कि एक संस्थापक किस प्रकार एक प्रभावी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में विकसित हो सकता है। इसमें नेतृत्व की उन आम कमजोरियों से बचने के तरीके बताए जाएंगे जो अक्सर शुरुआती सफलता के बाद कंपनियों के स्थायित्व को प्रभावित करती हैं।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्टार्टअप का निर्माण
किसी मौजूदा उत्पाद में AI फीचर्स जोड़ देना एक साधारण बात है, लेकिन किसी उद्यम को पूरी तरह कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित बनाना बिल्कुल अलग दृष्टिकोण मांगता है। 7AI के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी लियोर डिव यह समझाएंगे कि जब AI किसी व्यवसाय की बुनियादी नींव बन जाता है, तो आंतरिक कार्यप्रणाली कैसे बदलती है। इस बदलाव का सीधा असर कंपनी की संगठनात्मक संरचना, उत्पाद विकास प्रक्रिया, दैनिक परिचालन और बाजार में प्रवेश की रणनीति पर पड़ता है। इस सत्र में संस्थापकों को तकनीक-केंद्रित युग में अपने व्यावसायिक मॉडल पर नए सिरे से विचार करने की दिशा मिलेगी।
सही निवेशकों का चयन और कैप टेबल का प्रबंधन
पूंजी जुटाना अक्सर किसी कंपनी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जाता है, लेकिन पैसे मिलने के बाद लंबे समय तक इस बात का असर रहता है कि पूंजी किस निवेशक से ली गई है। कोगेंट सिक्योरिटी के लिए 1.1 करोड़ डॉलर (11 मिलियन डॉलर) का फंडिंग राउंड जुटाने के बाद कंपनी के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनीत एडुपूगंती ने यह गहराई से समझा कि एक मददगार साझीदार और अनावश्यक व्यवधान पैदा करने वाले निवेशक के बीच क्या फर्क होता है। उनके सत्र में इस बात का ब्योरा मिलेगा कि संस्थापकों को मूल्यांकन के अंकों से आगे बढ़कर निवेशकों का आकलन कैसे करना चाहिए और अपनी शेयरधारिता सूची (कैप टेबल) को व्यवस्थित रखते हुए कौन से समझौते करने चाहिए।
औद्योगिक पैमाने पर विजेता बनने का ढांचा
वैश्विक स्तर की गंभीर समस्याओं को सुलझाने के लिए नवाचार बेहद आवश्यक है, लेकिन औद्योगिक पैमाने पर कुछ ही कंपनियां अपनी श्रेणी में निर्विवाद विजेता बन पाती हैं। टीडीके वेंचर्स की निवेश निदेशक टीना तोसुखोवॉन्ग अपनी फर्म के 'किंग ऑफ द हिल' ढांचे को पेश करेंगी। यह एक ऐसा अनुशासित मूल्यांकन तंत्र है जिसका उपयोग प्रमुख निवेशक किसी व्यवसाय के अर्थशास्त्र, विस्तार की क्षमता और सही व्यावसायिक समय की जांच के लिए करते हैं। परमाणु विखंडन (फिशन) और संलयन (फ्यूजन) के व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों को यह सिखाया जाएगा कि बाजार की प्रतिस्पर्धा का नक्शा कैसे तैयार करें और तकनीक, प्रतिभा और समय के सही तालमेल को कैसे पहचानें।
शुरुआती टीम का चयन और संगठनात्मक मजबूती
प्रारंभिक दौर में रखे गए कर्मचारी किसी भी नए व्यवसाय की संस्कृति, निर्णय लेने की गति और कार्य निष्पादन की क्षमता तय करते हैं। एनईए की पार्टनर मेलिसा टाउनटन उन रणनीतियों पर प्रकाश डालेंगी जो तीव्र वृद्धि और अनिश्चितता के दौर में टीम निर्माण के काम आती हैं। शुरुआती स्तर पर सही प्रतिभा की पहचान कैसे की जाए और भर्ती से जुड़ी सामान्य गलतियों से कैसे बचा जाए, इस पर बात होगी। उनका सत्र उन उपायों की रूपरेखा प्रस्तुत करेगा जिनसे एक ऐसा संगठन तैयार हो सके जो प्रतिकूल परिस्थितियों में भी लचीला और टिकाऊ बना रहे।
सिलिकॉन वैली के बाहर 20 करोड़ डॉलर का कारोबार खड़ा करना
आमतौर पर स्टार्टअप जगत में सिलिकॉन वैली को सबसे अधिक सुर्खियां मिलती हैं, लेकिन एचक्यूओ के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी चेस गार्बारिनो ने बोस्टन में रहकर ही एक दशक से अधिक समय में श्रेणी-अग्रणी कंपनी खड़ी की है। उन्होंने अपने शहर को बदले बिना निवेशकों से 20 करोड़ डॉलर (200 मिलियन डॉलर) की पूंजी जुटाई और 30 से अधिक देशों में अपने कारोबार का विस्तार किया। वे बताएंगे कि पारंपरिक तकनीकी केंद्रों के बाहर काम करने के क्या नफे-नुकसान हैं और किसी बड़े केंद्र से दूर रहकर व्यवसाय बढ़ाने वाले संस्थापकों को किन व्यावहारिक बातों का ध्यान रखना चाहिए।
प्रोडक्ट-मार्केट फिट और समय से पहले विस्तार का खतरा
प्रत्येक संस्थापक अपने उत्पाद के लिए बाजार में सही मांग (प्रोडक्ट-मार्केट फिट) तलाशना चाहता है, लेकिन इसकी सटीक पहचान करना काफी जटिल होता है। बेसेमर वेंचर पार्टनर्स के पार्टनर केंट बेनेट इस बात की व्याख्या करेंगे कि ग्राहक मांग की पुष्टि कैसे की जाए और न्यूनतम व्यावहारिक उत्पाद (MVP) का निर्माण किस तरह किया जाए जो सही सवालों के जवाब दे सके। वे उन प्रमुख संकेतों और भ्रामक पैमानों की पहचान कराएंगे जो टिकाऊ कंपनियों को केवल महंगे प्रयोगों से अलग करते हैं, ताकि बुनियाद मजबूत होने से पहले कंपनी को जल्दबाजी में विस्तार से बचाया जा सके।
इन विस्तृत सत्रों के अलावा यह सम्मेलन समान परिस्थितियों से जूझ रहे संस्थापकों और पूंजी प्रदाताओं के बीच आपसी संवाद का एक बड़ा अवसर प्रदान करेगा, जिससे विचारों को धरातल पर उतारने में मदद मिल सकेगी।



















