कानपुर में अवैध हुक्का परोसने वालों पर बड़ा शिकंजा, 265 ठिकानों की पड़ताल के बाद 5 पर केस और 25 लोग हिरासत मेंलंबी बीमारी हराने के बाद काम पर लौटे बाइक टैक्सी चालक के साथ हादसा, डीटीसी बस की टक्कर में छात्रा की गई जानहरियाणा के पानीपत में श्मशान घाट पहुंचकर पुलिस ने चिता से हटाई विवाहिता की लाश, चुपचाप अंतिम संस्कार करने में जुटा था पतिअमेरिकी बॉन्ड यील्ड दो दशक के उच्च स्तर पर पहुंचने से टूटा भारतीय रुपया, डॉलर के मुकाबले दबाव तेजसर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश के आरोपों पर पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा का कड़ा जवाब, प्रक्रिया के तहत सवाल उठाने की दी नसीहतगुरु अंगद देव जी के गुरगद्दी दिवस पर अरविंद केजरीवाल ने दी बधाईगमले में मिर्च का पौधा नहीं दे रहा फल, जानिए 8 इंच की ऊंचाई पर पिंचिंग करने का सही नियमहुंडई मोटर इंडिया ने सितंबर में रचा नया कीर्तिमान, 77 हजार से अधिक गाड़ियां बेचकर तोड़ा पिछला रिकॉर्डशूटिंग के दौरान फिसलकर गिरे अमिताभ बच्चन, कौन बनेगा करोड़पति 18 के मंच पर साझा किया घुटने की चोट का दर्दव्रत के फलाहार में चाहिए सफेद और कुरकुरे चिप्स, तो खरीदारी के वक्त रखें इन जरूरी बातों का ध्यान
सिरसा महापंचायत से उपजा दूध संकट, दाम बढ़ोतरी और मिलावटखोरी पर 3 दिन सप्लाई रोकने का आह्वानहरियाणा
1 अक्तू॰ 2026, 10:59 am (53 मिनट पहले)· 0

सिरसा महापंचायत से उपजा दूध संकट, दाम बढ़ोतरी और मिलावटखोरी पर 3 दिन सप्लाई रोकने का आह्वान

हरियाणा में पशुपालकों ने गाय के दूध के लिए 80 रुपये और भैंस के दूध के लिए 100 रुपये प्रति लीटर भाव तय करने की मांग उठाई है। इस विरोध प्रदर्शन के चलते दिल्ली, पंजाब और राजस्थान तक आपूर्ति बाधित होने की आशंका खड़ी हो गई है।

हरियाणा के सिरसा जिले में आयोजित महापंचायत के मंच से पशुपालकों और किसानों ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 1 अक्टूबर से 3 अक्टूबर तक दूध की खरीद, बिक्री और परिवहन पूरी तरह ठप रखने की घोषणा की है। पशुपालकों की ओर से चारा, खल और बिनौले की लगातार बढ़ती लागत के अनुपात में दूध के दाम बढ़ाने और सिंथेटिक मिलावटी दूध के प्रसार पर रोक लगाने की मांग को लेकर यह कदम उठाया गया है। तीन दिवसीय इस हड़ताल की वजह से हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक शहरों के साथ-साथ दिल्ली, पंजाब और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों की नियमित दुग्ध आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

वीटा मिल्क प्लांट पर धरने की तैयारी और मांगें

आंदोलनकारी किसानों और पशुपालकों की रणनीति वीटा मिल्क प्लांट के मुख्य द्वारों पर घेराव करने की है, जिसमें सिरसा स्थित संयंत्र भी शामिल है, ताकि संग्रह और वितरण को पूरी तरह से रोका जा सके। पशुपालकों का स्पष्ट तर्क है कि मवेशियों की खुराक से जुड़ी सामग्री बहुत महंगी हो चुकी है, जिसके कारण मौजूदा दामों पर डेयरी कारोबार चलाना घाटे का सौदा बन गया है। इस आर्थिक दबाव के बीच प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी है कि गाय के दूध का न्यूनतम खरीद मूल्य 80 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का खरीद मूल्य 100 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया जाए। इसके अलावा, राज्य भर में मिलावटी और नकली दुग्ध उत्पादों की बिक्री के खिलाफ व्यापक जनचेतना फैलाना भी इस आंदोलन का एक बड़ा मकसद है।

ये भी पढ़ें

फरीदाबाद में मौजूदा स्टॉक और वितरण की स्थिति

औद्योगिक शहर फरीदाबाद में फिलहाल डेयरी उत्पादों और पैकेट वाले दूध की आवक सामान्य रूप से जारी है। शहर की अधिकांश आपूर्ति अमूल और वीटा जैसे बड़े ब्रांडों के जरिए पूरी होती है। अमूल के स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर शमन शाह ने जानकारी दी है कि वर्तमान में गोदामों और वितरण केंद्रों पर दूध का पर्याप्त स्टॉक पहुंच रहा है, जिससे खुदरा बाजार में किसी तरह की बाधा नहीं देखी जा रही है। हालांकि, सिरसा महापंचायत के आह्वान के बाद जमीनी स्तर पर यह नजर रखी जा रही है कि आने वाले दो दिनों में ग्रामीण संग्रह केंद्रों से शहरों तक आने वाली खेपों पर इस हड़ताल का कितना प्रभाव देखने को मिलता है।

शहरी खपत का पैमाना और आपूर्ति की चुनौतियां

राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड यानी एनडीडीबी के वर्ष 2019 के आंकड़ों के अनुसार, फरीदाबाद में दूध और उससे जुड़े सह-उत्पादों की दैनिक घरेलू मांग लगभग 12 लाख 29 हजार लीटर दर्ज की गई थी। इस कुल खपत में से करीब 5 लाख 10 हजार लीटर तरल दूध सीधे पीने और चाय-कॉफी बनाने में खर्च होता था, जबकि शेष 7 लाख 20 हजार लीटर हिस्से का इस्तेमाल दही, पनीर, मक्खन और मिठाइयों जैसे अन्य दुग्ध उत्पादों में किया जाता था। इतनी विशाल खपत क्षमता वाले शहर में अगर राज्यव्यापी हड़ताल का असर बढ़ता है, तो खुदरा उपभोक्ताओं और होटल कारोबारियों दोनों को बड़ी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि प्रशासन और वितरक फिलहाल निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश में जुटे हैं।

सवाल-जवाब

हरियाणा में दूध हड़ताल का आह्वान कब से कब तक किया गया है?
सिरसा महापंचायत के फैसले के अनुसार यह हड़ताल 1 अक्टूबर से 3 अक्टूबर तक बुलाई गई है।
पशुपालक दूध के क्या दाम तय करने की मांग कर रहे हैं?
पशुपालक गाय के दूध के लिए 80 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध के लिए 100 रुपये प्रति लीटर के भाव की मांग कर रहे हैं।
इस हड़ताल से किन-किन राज्यों में आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है?
हरियाणा के शहरों के साथ-साथ दिल्ली, पंजाब और राजस्थान में दूध की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
फरीदाबाद में वर्तमान में दूध की सप्लाई की क्या स्थिति है?
फरीदाबाद में अमूल और वीटा का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और फिलहाल आपूर्ति सामान्य रूप से चल रही है।
एनडीडीबी के 2019 के अनुमान के अनुसार फरीदाबाद में दूध की दैनिक घरेलू खपत कितनी थी?
एनडीडीबी के 2019 के अनुमान के अनुसार फरीदाबाद में दूध और दूध उत्पादों की दैनिक घरेलू खपत करीब 12 लाख 29 हजार लीटर थी।
प्रदर्शनकारी किसान किन स्थानों पर धरना देने की तैयारी कर रहे हैं?
प्रदर्शनकारी किसान वीटा मिल्क प्लांट के गेटों पर, जैसे कि सिरसा प्लांट, धरना देकर आपूर्ति रोकने की योजना बना रहे हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp