देश की राजधानी दिल्ली के अति विशिष्ट इलाके में स्थित नॉर्थ ब्लॉक की छत से अचानक काला धुआं उठने के बाद हड़कंप मच गया। राष्ट्रपति भवन के समीप मौजूद इस ऐतिहासिक और संवेदनशील प्रशासनिक भवन के ऊपर आसमान में धुएं का गुबार साफ दिखाई दे रहा था। इस सरकारी इमारत में मरम्मत और निर्माण से जुड़ा काम चल रहा था। छत पर श्रमिक वेल्डिंग कर रहे थे, उसी दौरान निकली हल्की चिंगारी के चलते धुआं उठने लगा। राहत की बात यह रही कि लपटों को फैलने से पहले ही तुरंत नियंत्रित कर लिया गया और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं आई।
दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
जैसे ही दिल्ली फायर सर्विसेज को नॉर्थ ब्लॉक के परिसर से धुआं उठने की जानकारी मिली, विभाग ने बिना किसी देरी के राहत अभियान शुरू कर दिया। अग्निशमन मुख्यालय से तत्काल 6 दमकल गाड़ियां घटनास्थल की ओर रवाना कर दी गईं। सुरक्षा और संवेदनशीलता को देखते हुए दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके का मुआयना किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छत पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान वेल्डिंग स्पार्क के कारण यह धुआं उठा था, जिस पर तेजी से काबू पा लिया गया।
सांसद मिलिंद देवरा ने सोशल मीडिया पर साझा की जानकारी
राज्यसभा सांसद मिलिंद देवरा ने एक्स पर लिखा और घटना की एक तस्वीर भी साझा की। उन्होंने बताया कि जब वे संसद की तरफ जा रहे थे, तब उन्होंने नॉर्थ ब्लॉक के पीछे से काफी घना धुआं आसमान में उठते देखा। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत हुआ कि इमारत में आग लग गई है। साथ ही उन्होंने आशा व्यक्त की कि वहां उपस्थित सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित होंगे और राहत व आपातकालीन टीमें तेजी से सक्रिय होकर स्थिति संभाल रही होंगी। उनकी पोस्ट की गई तस्वीर में प्रशासनिक भवन के ठीक पीछे आसमान में काले धुएं की मोटी परत साफ नजर आ रही थी।
हाल ही में कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में भी हुआ था अग्निकांड
राजधानी दिल्ली की किसी प्रमुख सरकारी इमारत में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। कुछ ही दिन पहले कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर की दूसरी मंजिल पर भी अचानक आग भड़क गई थी। दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार, वह आग अदालत परिसर के गेट नंबर 4 के नजदीक मौजूद स्कैनिंग रूम में लगी थी। अग्निशमन विभाग को उस दिन सुबह 5 बजकर 22 मिनट पर संकट का कॉल प्राप्त हुआ था, जिसके बाद राहत और बचाव के लिए तुरंत 8 दमकल गाड़ियों को भेजा गया था। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 5 बजकर 50 मिनट तक उस आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया था। कड़कड़डूमा की उस घटना में भी किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं आई थी।
























