दिल्ली-एनसीआर से उत्तर प्रदेश के आगरा और मथुरा जाने वाले यात्रियों के सफर पर महंगाई का मामूली असर पड़ा है। बल्लभगढ़ बस स्टैंड से आगरा की ओर चलने वाली हरियाणा रोडवेज की बसों के किराये में बढ़ोतरी कर दी गई है। हालांकि यह वृद्धि बहुत बड़ी नहीं है और प्रत्येक यात्री पर केवल 2 रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा, लेकिन दैनिक यात्रियों के लिए इसकी जानकारी रखना बेहद जरूरी है। परिवहन विभाग ने किराये में यह बदलाव रास्ते में पड़ने वाले टोल टैक्स की दरों में संशोधन के बाद किया है।
क्यों और कितना बढ़ाया गया किराया?
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बल्लभगढ़ से आगरा के सफर में होने वाली यह वृद्धि सीधे तौर पर टोल प्लाजा की दरों में आए बदलाव से जुड़ी है। बल्लभगढ़ बस स्टैंड के डीआई जयपाल राठी ने इस बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मथुरा से आगे फरेह के निकट स्थित टोल प्लाजा पर टोल टैक्स की दरों को बढ़ा दिया गया है। इसी कारण से उच्च मुख्यालय द्वारा किराये में संशोधन करने के निर्देश जारी किए गए। इस नए आदेश के लागू होने से पहले, बल्लभगढ़ से आगरा तक का बस किराया प्रति यात्री 229 रुपये तय था। अब टोल की बढ़ी हुई दरों को शामिल करने के बाद यात्रियों को इस सफर के लिए 231 रुपये चुकाने होंगे।
आगरा जाने वाले इस महत्वपूर्ण रूट पर यात्रियों की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। फरीदाबाद डिपो की ओर से विशेष रूप से इस मार्ग पर कुल 7 बसों का संचालन किया जाता है। इनके अलावा, पलवल सहित हरियाणा रोडवेज के कई अन्य डिपो की बसें भी लगातार इस रूट से होकर गुजरती हैं। इसके परिणामस्वरूप, यात्रियों को आगरा जाने के लिए वाहनों की कोई कमी नहीं होती है और वे आसानी से अपनी यात्रा पूरी कर पाते हैं।
छुट्टे पैसों की समस्या और बसों की समय-सारणी
भले ही किराये में महज 2 रुपये की मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इसने बसों के परिचालकों के लिए एक नई व्यावहारिक चुनौती खड़ी कर दी है। टिकट की दर 231 रुपये होने के कारण अब बसों में नकद लेन-देन के दौरान छुट्टे पैसों की समस्या बहुत अधिक बढ़ गई है। बस स्टाफ को अक्सर यात्रियों को 9 रुपये वापस करने या उनसे 1 रुपये का छुट्टा लेने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जयपाल राठी के अनुसार, वर्तमान में इन बसों में ऑनलाइन या डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण पूरा लेन-देन पूरी तरह नकद आधारित है। यात्री भी हमेशा अपने पास छुट्टे पैसे नहीं रखते, जिससे परिचालकों को बार-बार खुद ही खुले पैसों का प्रबंध करना पड़ता है।
बल्लभगढ़ से आगरा के लिए चलने वाली ये सभी बसें काफी आरामदायक हैं और इनकी क्षमता 55 सीटों की है। इस रूट पर यात्रियों की भारी भीड़ रहती है, जिसके कारण अधिकतर बसें अपनी पूरी क्षमता के साथ ही प्रस्थान करती हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए बसों का संचालन सुबह 5:30 बजे से ही आरंभ हो जाता है। इसके बाद, पूरे दिन प्रत्येक 20 से 30 मिनट के अंतराल पर बल्लभगढ़ से बसें उपलब्ध रहती हैं, जिससे यात्रियों को बस स्टैंड पर लंबे समय तक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती है।
बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली रियायतें
किराये में इस फेरबदल के बीच एक राहत की बात यह है कि बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली किराये की छूट पहले की तरह ही बरकरार रहेगी। परिवहन नियमों के अनुसार, 3 वर्ष से लेकर 12 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए आधा टिकट यानी आधा किराया ही देय होता है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों की बात करें तो 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला यात्रियों को भी किराये में सीधे तौर पर 50 प्रतिशत की छूट मिलती है।
पुरुष यात्रियों के लिए यह व्यवस्था थोड़ी अलग है। सामान्य रूप से 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुषों को आधा टिकट लेने की पात्रता होती है। हालांकि, यदि 60 से 65 वर्ष के बीच की आयु के पुरुष यात्री अपना वरिष्ठ नागरिक कार्ड बनवा लेते हैं, तो वे भी इस आधे किराये की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। यह वरिष्ठ नागरिक कार्ड पूरी तरह से ऑनलाइन माध्यम से बनाया जाता है, जिसके लिए इच्छुक यात्री कॉमन सर्विस सेंटर यानी CSC सेंटर के माध्यम से सरलता से आवेदन कर सकते हैं। यात्रा के दौरान इस डिजिटल रूप से सत्यापित कार्ड को परिचालक को दिखाना अनिवार्य होता है, जिसके बाद ही किराये में छूट प्रदान की जाती है। अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि वर्तमान में टोल टैक्स में वृद्धि के चलते केवल इसी रूट पर किराया संशोधित किया गया है और लंबे समय बाद यह मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है।



















