30 साल की उम्र पार करते ही शरीर के चयापचय यानी मेटाबॉलिज्म में बदलाव आने लगते हैं, जिसके कारण कई लोगों का वजन तेजी से बढ़ने लगता है। ऐसे समय में क्रैश डाइटिंग जैसी सख्त तकनीकों का सहारा लेने के बजाय एक संतुलित और पौष्टिक डाइट रूटीन अपनाना अधिक प्रभावी साबित होता है। वजन कम करने का कोई रातों-रात असर दिखाने वाला जादुई तरीका नहीं है, लेकिन सही खानपान और स्वस्थ आदतों को अपनी जीवनशैली में शामिल करके बढ़ते वजन को स्थायी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस व्यवस्थित आहार योजना में आपको भूखे रहने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं होती है। इस संदर्भ में डाइटिशियन अलका फुटेला ने सुबह उठने से लेकर रात के डिनर तक का एक विशेष डाइट प्लान साझा किया है, जिसे अपनी दैनिक ग्रोसरी सूची और भोजन योजना में शामिल करके कुछ ही दिनों में सकारात्मक परिणाम देखे जा सकते हैं।
दिन की शुरुआत के लिए विशेष डिटॉक्स ड्रिंक्स
सुबह उठते ही अपने शरीर को हाइड्रेट करना बेहद आवश्यक होता है। दिन की शुरुआत 1 से 2 गिलास गुनगुने पानी के साथ करें। इसके बाद मेटाबॉलिज्म को गति देने के लिए जीरा पानी या सौंफ का पानी पी सकते हैं। यदि आप सुबह चाय या कॉफी के शौकीन हैं, तो बिना चीनी और बिना दूध वाली प्लेन ब्लैक टी या ब्लैक कॉफी का सेवन कर सकते हैं। यह शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करते हैं।
पोषण से भरपूर नाश्ते के बेहतरीन विकल्प
सुबह का नाश्ता दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन होता है और इसमें प्रोटीन व फाइबर का संतुलन होना जरूरी है। नाश्ते में आप दही के साथ 2 मूंगदाल के चीले खा सकते हैं। इसके अलावा चटनी के साथ 2 बेसन के चीले भी एक अच्छा विकल्प हैं। यदि आप पोहा पसंद करते हैं, तो उसमें भरपूर सब्जियां मिलाकर दही के साथ ले सकते हैं। नॉन-वेजिटेरियन विकल्प के तौर पर 2 उबले अंडे, भरपूर सब्जियां और 1 रोटी का सेवन किया जा सकता है। सब्जियों से भरपूर उपमा के साथ दही, या फिर पनीर भुर्जी के साथ 2 रोटी भी नाश्ते के लिए बेहतरीन आहार हैं।
संतुलित लंच और थाली का सही अनुपात
दोपहर के भोजन में हमेशा घर का बना सादा और पौष्टिक खाना ही चुनना चाहिए। लंच के लिए पहला विकल्प 2 रोटी, दाल, सब्जी और ताजा सलाद का है। दूसरे विकल्प के रूप में आप 1 कटोरी चावल के साथ राजमा या दाल, सब्जी और दही शामिल कर सकते हैं। तीसरा विकल्प 2 रोटी के साथ पनीर या चिकन, सब्जी और सलाद का है। दोपहर के भोजन की थाली तैयार करते समय अनुपात का विशेष ध्यान रखें। थाली का 1/2 हिस्सा सब्जियों से भरा होना चाहिए, 1/4 हिस्सा प्रोटीन का होना चाहिए, और बाकी बचे 1/4 हिस्से में रोटी या चावल शामिल होने चाहिए।
शाम की भूख के लिए स्वास्थ्यवर्धक स्नैक्स
शाम 4 से 6 बजे के बीच जब भूख लगती है, तो अक्सर लोग अनहेल्दी चीजें खा लेते हैं। इस दौरान प्रोसेस्ड बिस्कुट, चाय, नमकीन और मिठाइयों से पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए। इसके बजाय आप ताजे फल के साथ 8 से 10 बादाम खा सकते हैं। भुना चना और छाछ भी एक हल्का और पौष्टिक स्नैक है। इसके अतिरिक्त स्प्राउट्स चाट, दही के साथ फल या फिर 2 उबले अंडे खाकर शाम की भूख को मिटाया जा सकता है।
रात में हल्का और सुपाच्य डिनर
रात के खाने को हमेशा हल्का और सुपाच्य रखना चाहिए ताकि पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। डिनर में आप पनीर या टोफू के साथ सब्जी और 1 से 2 रोटी ले सकते हैं। किसी दिन दाल, सब्जी और 1 से 2 रोटी का सेवन करें। अंडे की भुर्जी, सब्जियां और 1 रोटी भी एक अच्छा कॉम्बिनेशन है। नॉन-वेजिटेरियन विकल्प में चिकन या मछली के साथ सब्जी और 1 रोटी ली जा सकती है। इसके अलावा किसी दिन हल्की खिचड़ी के साथ दही और सलाद का सेवन करना शरीर के लिए बहुत फायदेमंद रहता है।



















