अमेरिका के लुइसियाना में एक आठ साल की बच्ची की दुर्लभ और बेहद जानलेवा संक्रमण के कारण मौत हो गई है। बच्ची का यह संक्रमण नेगलेरिया फाउलेरी नाम के एक सूक्ष्म अमीबा की वजह से हुआ था। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस घातक संक्रमण के फैलने की आशंका लुइसियाना के क्लेबोर्न पैरिश स्थित लेक क्लेबोर्न में तैरने के दौरान जताई गई है।
लिलियन स्मार्ट ने अपना आठवां जन्मदिन मनाने के ठीक अगले दिन शनिवार को अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह गत 15 अगस्त से रस्टन के एक चिकित्सा संस्थान में भर्ती थी और डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार चल रहा था। लुइसियाना डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ ने 19 अगस्त को राज्य में नेगलेरिया फाउलेरी संक्रमण के एक नए मामले की औपचारिक पुष्टि की थी। इसके बाद स्थानीय मीडिया माध्यमों की रिपोर्टों में संक्रमित बच्ची की पहचान लिलियन के रूप में सामने आई।
शोकसंतप्त परिवार के अनुसार, इस खतरनाक संक्रमण के प्रभाव से लिलियन के मस्तिष्क में भयंकर सूजन आ गई थी। बच्ची की नाज़ुक हालत लगातार बिगड़ती चली गई और चिकित्सा विशेषज्ञों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। परिवारजनों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए उसकी मृत्यु की दुखद जानकारी दी। इससे पहले 21 अगस्त को उसके आठवें जन्मदिन के विशेष अवसर पर लव फॉर लिलियन नाम से एक फंडरेजर कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था।
नेगलेरिया फाउलेरी अमीबा और उसके फैलने का तरीका
नेगलेरिया फाउलेरी एक बेहद सूक्ष्म जीव यानी अमीबा है, जो सामान्य तौर पर गर्म और मीठे पानी के स्रोतों में पनपता है। यह मानव शरीर के भीतर तब प्रवेश करता है जब गर्मियों या अन्य समय में गर्म दूषित पानी नाक के रास्ते अंदर चला जाता है। इसके पश्चात यह खतरनाक अमीबा नाक के रास्ते सीधे मस्तिष्क तक पहुंच जाता है और प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस यानी PAM नामक अत्यंत गंभीर बीमारी को जन्म देता है।
इस विशिष्ट संक्रमण की सबसे बड़ी खासियत यह है कि दूषित पानी का सेवन करने से यह बीमारी नहीं फैलती है। इसके अलावा, यह एक इंसान से दूसरे इंसान में भी संचारित नहीं होता है। समुद्री खारे पानी में इस प्रकार का अमीबा जीवित नहीं रहता है और ठीक तरह से क्लोरीनीकरण किए गए स्विमिंग पूल में भी इसके पाए जाने की कोई संभावना नहीं होती है।
संक्रमण के शुरुआती लक्षण और पहचान
प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस के शुरुआती लक्षणों में तेज सिरदर्द, शरीर में बुखार, जी मिचलाना और उल्टी जैसी समस्याएं शामिल होती हैं। यह बीमारी बेहद तीव्र गति से विकराल रूप धारण करती है, जिससे पीड़ित व्यक्ति को गर्दन में अकड़न, दौरे पड़ने, मानसिक भ्रम की स्थिति और अंत में कोमा जैसी गंभीर अवस्था का सामना करना पड़ सकता है। आमतौर पर शरीर में यह संक्रमण होने के लगभग पांच दिनों के भीतर लक्षण उभरने लगते हैं, हालांकि यह समय अवधि एक दिन से लेकर बारह दिनों तक भी हो सकती है।
संक्रमण की दुर्लभता और उच्च मृत्यु दर
यह घातक संक्रमण भले ही अत्यंत दुर्लभ श्रेणी में आता है, लेकिन इसकी मृत्यु दर बेहद डरावनी है। अमेरिका के रोग नियंत्रण केंद्र यानी सीडीसी के आंकड़ों के मुताबिक, जिन मरीजों में प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस विकसित होता है, उनमें से करीब 97 प्रतिशत लोगों की मौत हो जाती है। संयुक्त राज्य अमेरिका में वर्ष 1937 से लेकर अब तक इस बीमारी के लगभग 180 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। लुइसियाना राज्य में भी बीते कुछ वर्षों के दौरान इसके छिटपुट मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका की झीलों और अन्य प्राकृतिक जल निकायों में नेगलेरिया फाउलेरी की नियमित रूप से जांच नहीं की जाती है, जिसके कारण पानी में इस जानलेवा अमीबा की मौजूदगी का पता इंसान के संपर्क में आने से पहले लगाना बेहद कठिन हो जाता है।



















