टमाटर के बिना भारतीय रसोई की कल्पना करना मुश्किल है। सब्जी हो या दाल, सलाद हो या चटनी, हर जगह इसका इस्तेमाल होता है। लेकिन जैसे ही किसी को किडनी स्टोन की दिक्कत होती है, उसे अक्सर टमाटर कम खाने या इससे परहेज करने की हिदायत मिल जाती है। यहीं से सवाल खड़ा होता है कि क्या वाकई टमाटर पथरी की वजह बनता है, या फिर यह सिर्फ एक पुरानी धारणा है जो पीढ़ियों से चली आ रही है।
आम तौर पर लोग मानते हैं कि टमाटर के बीज ही पथरी बनने की जड़ हैं। हकीकत यह है कि इस दावे को पुख्ता करने वाला ठोस वैज्ञानिक आधार मौजूद नहीं है। फिर भी जिन लोगों को बार-बार पथरी की शिकायत रहती है, उन्हें सावधानी के तौर पर टमाटर के बीज निकालकर खाने की सलाह दी जा सकती है।
असली वजह ऑक्सालेट है, बीज नहीं
पथरी कई किस्म की होती है, और इनमें सबसे आम कैल्शियम ऑक्सालेट स्टोन ही होता है। टमाटर में थोड़ी मात्रा में ऑक्सालेट पाया जाता है, और यही असली पेच है। इसी कारण कुछ मामलों में डॉक्टर पथरी के मरीजों को टमाटर सीमित मात्रा में खाने की सलाह देते हैं। लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं कि हर इंसान को टमाटर से पूरी तरह तौबा कर लेनी चाहिए।
हर मरीज की स्थिति एक जैसी नहीं होती
यह समझना बेहद जरूरी है कि पथरी के हर मरीज की हालत अलग होती है। अगर किसी व्यक्ति को कैल्शियम ऑक्सालेट वाली पथरी नहीं है, तो उसके लिए सीमित मात्रा में टमाटर खाना आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है। इसलिए किसी भी चीज को अपनी डाइट से एकदम बाहर करने से पहले डॉक्टर से राय लेना समझदारी है, न कि सुनी सुनाई बातों पर भरोसा करना।
पथरी से बचने के आसान तरीके
पथरी से बचाव के लिए कुछ बेहद सरल आदतें बड़ा फर्क डाल सकती हैं। इनमें सबसे अहम है दिनभर भरपूर पानी पीना। ज्यादा पानी पीने से शरीर में जमा खनिज और दूसरे तत्व आसानी से बाहर निकल जाते हैं, जिससे पथरी बनने का खतरा घट जाता है।
इसके साथ ही नमक और प्रोसेस्ड फूड की मात्रा घटाना भी फायदेमंद रहता है। संतुलित और पौष्टिक खानपान शरीर को स्वस्थ रखता है और किडनी पर फालतू दबाव नहीं पड़ने देता। समय समय पर स्वास्थ्य जांच कराते रहना भी जरूरी है, ताकि कोई भी गड़बड़ी शुरुआत में ही पकड़ में आ जाए।













