अक्सर लोग दिनभर महसूस होने वाली थकान, कमजोरी और सुस्ती को केवल नींद की कमी मानकर टाल देते हैं। हालांकि, पर्याप्त नींद लेने के बाद भी अगर शरीर में ऊर्जा का स्तर कम रहता है, तो यह स्थिति किसी सामान्य थकान के बजाय पोषक तत्वों के असंतुलन की ओर इशारा करती है। चिकित्सा विशेषज्ञ डॉक्टर कुणाल सूद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए इस बात पर जोर दिया है कि ऐसी लगातार बनी रहने वाली सुस्ती शरीर में आयरन की अत्यधिक आवश्यकता का स्पष्ट संकेत हो सकती है। जब रक्त में आयरन का स्तर घटता है, तो शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे कई शारीरिक लक्षण उभरने लगते हैं।
पर्याप्त नींद के बाद भी लगातार सुस्ती और सुस्त कार्यक्षमता
डॉक्टर कुणाल सूद के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति रातभर सात से आठ घंटे की आरामदायक नींद पूरी करता है और फिर भी सुबह उठते ही या पूरे दिन भारी थकान महसूस करता है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। आयरन हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए एक आवश्यक घटक होता है। हीमोग्लोबिन ही लाल रक्त कोशिकाओं के माध्यम से फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर पूरे शरीर के ऊतकों और कोशिकाओं तक पहुंचाता है। जब शरीर में पर्याप्त आयरन नहीं होता, तो हीमोग्लोबिन का उत्पादन प्रभावित होता है। इसके परिणामस्वरूप मांसपेशियों और मस्तिष्क को आवश्यक ऑक्सीजन नहीं मिलती, जिससे व्यक्ति बिना किसी भारी शारीरिक श्रम के भी हर समय थका हुआ और ऊर्जाहीन महसूस करता है।
हर समय ठंड लगना और तापमान के प्रति संवेदनशीलता
शरीर में आयरन की कमी का एक और प्रमुख लक्षण है बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार ठंड महसूस होना। यदि सामान्य मौसम में भी आपको दूसरों की तुलना में अधिक ठंड लगती है या हाथ-पैर ठंडे बने रहते हैं, तो यह शरीर के अंदरूनी तंत्र में किसी गड़बड़ी का संकेत है। जब शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं और हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है, तो रक्त संचार प्रभावित होता है। ऑक्सीजन युक्त रक्त की कमी के कारण शरीर की आंतरिक ताप नियंत्रण प्रणाली सुचारू रूप से कार्य नहीं कर पाती, जिससे व्यक्ति को बार-बार ठंड और कंपकंपी का अनुभव होने लगता है।
सामान्य गतिविधियों के दौरान सांस फूलना
रोजमर्रा के हल्के-फुल्के कार्यों को निपटाते समय अगर आपकी सांस फूलने लगती है, तो यह स्थिति सामान्य नहीं मानी जा सकती। डॉक्टर कुणाल सूद बताते हैं कि सीढ़ियां चढ़ना, घर की हल्की सफाई करना या छोटी दूरी तक पैदल चलना जैसे कार्यों में यदि सांस लेने में कठिनाई या तेजी से हांफना शुरू हो जाए, तो यह संकेत देता है कि शरीर को तुरंत अधिक आयरन की आवश्यकता है। ऑक्सीजन आपूर्ति कम होने पर हृदय और फेफड़ों को अतिरिक्त जोर लगाना पड़ता है, जिससे सामान्य काम करते समय भी सांस उखड़ने लगती है।
तेजी से बालों का झड़ना और रूखापन
आयरन की कमी का असर आपकी शारीरिक उपस्थिति और बालों के स्वास्थ्य पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। जब शरीर में आयरन का स्तर गिरता है, तो बालों के रोमछिद्रों यानी हेयर फॉलिकल्स को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन और आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते। इसके कारण बालों की जड़ें कमजोर होने लगती हैं और बाल तेजी से झड़ने लगते हैं। हालांकि बाल झड़ने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, लेकिन यदि अत्यधिक हेयर फॉल के साथ थकान और कमजोरी जैसे लक्षण भी मौजूद हों, तो आयरन के स्तर की जांच करवाना बेहद जरूरी हो जाता है।
त्वचा और आंखों में पीलापन दिखना
रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी के कारण त्वचा की प्राकृतिक रंगत प्रभावित होती है। यदि आपकी आंखों का सफेद हिस्सा या चेहरे की रंगत हल्की पीली दिखने लगे, तो इस बदलाव पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। हीमोग्लोबिन ही लाल रक्त कोशिकाओं को उनका गहरा लाल रंग प्रदान करता है, जिससे त्वचा में गुलाबी और स्वस्थ चमक बनी रहती है। जब शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं कम हो जाती हैं, तो त्वचा और आंखों में निस्तेज पीलापन उभर आता है। डॉक्टर कुणाल सूद का कहना है कि लंबे समय तक इन लक्षणों के बने रहने पर स्वयं डॉक्टरी करने के बजाय किसी योग्य चिकित्सक से जांच करवाकर उचित आहार और डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।



















