मौसम में उतार-चढ़ाव आने पर अक्सर लोग जुकाम, कफ और वायरल संक्रमण की चपेट में आने लगते हैं। दिन और रात के तापमान में अंतर होने के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है, जिससे रात के समय खांसी और बेचैनी बढ़ने की समस्या आम हो जाती है। ऐसी स्थिति में रात को सोने से पहले किया जाने वाला एक बेहद आसान घरेलू उपाय शरीर को काफी राहत पहुंचा सकता है। गुनगुने पानी में एक चम्मच नमक मिलाकर उसमें कुछ देर पैर डुबोकर रखना शरीर के लिए कई तरह से लाभकारी साबित होता है।
थकान दूर करने के साथ बैक्टीरिया से बचाव
डॉक्टर वीके पांडे के अनुसार, गर्म पानी में नमक मिलाने से वह जीवाणुरोधी यानी एंटीबैक्टीरियल घोल की तरह काम करता है। दिनभर की दौड़भाग के बाद पैरों में जमा धूल, पसीना और अवांछित गंदगी इस पानी से पूरी तरह साफ हो जाती है। इसके अलावा, यह प्रक्रिया नसों को आराम देकर पूरे शरीर में सुखद गर्माहट का संचार करती है। मांसपेशियों का तनाव कम होने से दिनभर की शारीरिक थकावट मिट जाती है, जिससे रात को गहरी और तनावमुक्त नींद आने में मदद मिलती है।
ग्रामीण इलाकों का परखा हुआ पारंपरिक तरीका
डॉक्टर वीके पांडे बताते हैं कि यह कोई नया प्रयोग नहीं, बल्कि पारंपरिक भारतीय घरेलू चिकित्सा का एक पुराना हिस्सा है। पूर्व समय में ग्रामीण क्षेत्रों के लोग जब लंबी यात्रा या बाहर से काम करके घर लौटते थे, तो गर्म पानी में नमक डालकर उसमें अपने पैर रखते थे। पैरों की त्वचा के जरिए होने वाले संक्रमण के खतरे को यह प्रक्रिया काफी हद तक टाल देती थी। शरीर में गर्माहट बढ़ने से बंद नाक, छाती की जकड़न और मौसमी जुकाम में भी प्राकृतिक रूप से आराम महसूस होता था।
किन बातों का विशेष ध्यान रखना है जरूरी
इस घरेलू उपचार को अपनाते समय दो सावधानियां बरतना अनिवार्य है। डॉक्टर वीके पांडे के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज की बीमारी है या पैरों में किसी तरह का घाव, कट अथवा जख्म मौजूद है, तो उन्हें गर्म नमक वाले पानी में पैर बिल्कुल नहीं डालने चाहिए। इसके साथ ही, पानी के तापमान का आकलन पहले ही कर लेना चाहिए। पानी बहुत ज्यादा खौलता हुआ नहीं होना चाहिए ताकि त्वचा को कोई नुकसान न पहुंचे और पैर जलने का जोखिम न रहे।



















