हैदराबाद में 16 अगस्त की सुबह आम दिनों से काफी अलग रही, जब शहर के गच्चीबाउली स्टेडियम में 5,000 से अधिक लोग स्वास्थ्य जागरूकता के लिए एकत्र हुए। 'मना रन हैदराबाद' के दूसरे संस्करण के तहत आयोजित इस दौड़ में लोगों ने सिर्फ भागने के बजाय जीवनशैली में फिटनेस को शामिल करने का संकल्प लिया। आयोजन में बच्चों से लेकर पूरे परिवारों, अनुभवी एथलीटों और दिव्यांग प्रतिभागियों ने एक साथ कदम मिलाकर हिस्सा लिया।
समावेशी भावना के साथ हर वर्ग के लिए आयोजन
इस आयोजन का स्वरूप बेहद समावेशी रहा, जहां हर प्रतिभागी की सुविधा और क्षमता का पूरा ध्यान रखा गया। पेशेवर और अनुभवी धावकों के लिए टाइम्ड रेस का प्रबंध था, जिसमें उन्होंने अपनी रफ्तार और सहनशक्ति की परीक्षा ली। दूसरी ओर, बच्चों और परिवारों ने अपनी सहूलियत के हिसाब से वॉक और रन श्रेणियों का आनंद लिया। दिव्यांग प्रतिभागियों की भागीदारी ने इस बात को साबित किया कि शारीरिक बाधाएं फिटनेस के प्रति जुनून को कम नहीं कर सकतीं।
फिट इंडिया अभियान और नशामुक्त भारत के लक्ष्य से जुड़ाव
इस रन का मुख्य उद्देश्य केवल दूरी तय करना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य को रोजाना की जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा बनाना था। यह आयोजन भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'फिट इंडिया मूवमेंट' के उद्देश्यों को बढ़ावा देता है, जो नागरिकों को सक्रिय और निरोग रहने की प्रेरणा देता है। इसके साथ ही, इस दौड़ के माध्यम से नशामुक्त भारत की दिशा में भी एक बड़ा संदेश दिया गया, ताकि युवा वर्ग को स्वस्थ और व्यसन मुक्त जीवनशैली की ओर मोड़ा जा सके।



















