कैंसर एक ऐसी गंभीर चिकित्सा स्थिति है जिसमें शरीर की कुछ विशेष कोशिकाएं अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती हैं और समय के साथ आस-पास के स्वस्थ ऊतकों को भी नुकसान पहुंचाने लगती हैं। इस बीमारी के लक्षण पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करते हैं कि कैंसर का प्रकार कौन सा है और शरीर का कौन सा हिस्सा इसकी चपेट में आया है। अक्सर शुरुआती दौर में इसके स्पष्ट संकेत सामने नहीं आते हैं, लेकिन शरीर में होने वाले कुछ छोटे-मोटे और लगातार बने रहने वाले बदलाव गंभीर चेतावनी हो सकते हैं। हालांकि हर बार ये बदलाव कैंसर का ही संकेत हों ऐसा जरूरी नहीं है, फिर भी इन्हें हल्के में लेना भारी पड़ सकता है और समय पर डॉक्टर से संपर्क करना बुद्धिमानी होती है।
बिना किसी वजह के अचानक वजन घटना
अगर आपकी खानपान की आदतों या आपकी जीवनशैली में किसी भी प्रकार का बड़ा बदलाव नहीं आया है, फिर भी आपका वजन तेजी से कम हो रहा है, तो आपको तुरंत किसी डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इस तरह बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक वजन गिरना कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है, जिसमें कुछ खास प्रकार के कैंसर भी शामिल हैं। शरीर के भीतर चल रही किसी गंभीर बीमारी की वजह से ऐसा हो सकता है, इसलिए वजन में आ रही इस गिरावट पर पैनी नजर रखनी चाहिए।
लगातार बनी रहने वाली गंभीर थकान
यदि आप रात को पूरी और अच्छी नींद ले रहे हैं, उसके बाद भी दिनभर अत्यधिक कमजोरी और सुस्ती महसूस करते हैं और आराम करने के बावजूद आपकी स्थिति में कोई सुधार नहीं होता है, तो यह चिंता का विषय है। इस प्रकार की लंबे समय तक टिकने वाली थकान के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जिनकी समय रहते मेडिकल जांच करवाना बेहद जरूरी होता है। शरीर की ऊर्जा में अचानक आई इस भारी कमी को कभी भी सामान्य शारीरिक थकान मानकर अनदेखा नहीं करना चाहिए।
शरीर में नई गांठों का उभरना या पुराना आकार बदलना
यदि आपको अपने शरीर में कोई नई गांठ महसूस होती है या फिर आपके शरीर में पहले से मौजूद किसी गांठ का आकार लगातार बढ़ता हुआ दिखाई देता है, तो बिना देर किए डॉक्टर से मिलना चाहिए। यह गांठ चाहे आपकी छाती, गर्दन, बगल, पेट या शरीर के किसी भी अन्य हिस्से में क्यों न हो, इसकी जांच करवानी आवश्यक है। हालांकि यह बात भी सच है कि शरीर में उभरने वाली हर गांठ कैंसरयुक्त नहीं होती है, लेकिन किसी भी अनिष्ट से बचने के लिए मेडिकल जांच के जरिए असली कारण का पता लगाना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।
लगातार रहने वाला दर्द और बेचैनी
किसी भी तरह का ऐसा दर्द जिसकी कोई साफ वजह समझ न आ रही हो या जो समय बीतने के साथ कम होने के बजाय और अधिक बढ़ता जा रहा हो, उसे कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सिरदर्द रहना, हड्डियों में लगातार पीड़ा महसूस होना या शरीर के किसी भी अंग में बिना किसी कारण के लगातार बेचैनी बने रहना कई अंदरूनी समस्याओं की ओर इशारा करता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह लेना अनिवार्य हो जाता है।
असामान्य ब्लीडिंग या खून आना
यदि आपको मल या पेशाब करते समय खून दिखाई देता है, खांसते समय बलगम के साथ खून बाहर आता है, या फिर शरीर के किसी भी अन्य हिस्से से किसी भी प्रकार की असामान्य ब्लीडिंग होती है, तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। इस तरह के लक्षण कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकते हैं, जिनके सही कारणों का पता लगाने के लिए एक उचित मेडिकल जांच का होना बहुत जरूरी है।
लगातार बनी रहने वाली खांसी और आवाज में भारीपन
यदि किसी व्यक्ति की खांसी कई हफ्तों तक लगातार बनी रहती है, उसकी आवाज में भारीपन आ गया है या उसे सांस लेने में किसी तरह की कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, तो उसे तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इस स्थिति में बिल्कुल भी देरी नहीं करनी चाहिए, विशेषकर तब जब ये सभी लक्षण समय बीतने के साथ और अधिक गंभीर रूप लेते जा रहे हों।
मल त्याग या पेशाब की आदतों में बदलाव
यदि आपको लंबे समय से कब्ज, दस्त, पेशाब करने के तौर-तरीकों में अचानक बदलाव जैसी समस्याएं आ रही हैं या फिर कुछ भी खाते-पीते समय गले से नीचे निगलने में लगातार तकलीफ महसूस हो रही है, तो इनकी चिकित्सकीय जांच करवाना बहुत आवश्यक है। शरीर के पाचन और उत्सर्जन तंत्र में आने वाले ये लगातार बदलाव किसी अंदरूनी खतरे का संकेत हो सकते हैं।
डॉक्टर के पास जाने का सही समय
यदि आपके शरीर में कोई भी ऐसा असामान्य लक्षण दिखाई दे रहा है जो कई हफ्तों से लगातार बना हुआ है, बार-बार लौटकर आ रहा है या फिर धीरे-धीरे और अधिक गंभीर रूप धारण करता जा रहा है, तो बिना किसी भी तरह की देरी के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। शुरुआती चरण में ही मेडिकल जांच करवा लेने से बीमारी के असली कारण का पता लगाने में आसानी होती है और जरूरत पड़ने पर समय रहते सही इलाज शुरू करने से स्थिति को बिगड़ने से बचाया जा सकता है।



















