नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सफदरजंग अस्पताल स्थित स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर (SIC) ने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के साथ एक एमओयू (MoU) साइन किया है। यह औपचारिक समझौता दोनों मंत्रालयों के सचिवों की विशेष उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के खिलाड़ियों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं और चोट प्रबंधन की बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है।
खेल चिकित्सा और पुनर्वास में नई साझेदारी
इस सहयोग का प्राथमिक लक्ष्य उन खिलाड़ियों का समर्थन करना है जो ट्रेनिंग के दौरान चोटों का सामना करते हैं। स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर अपनी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से चोटों की जल्द पहचान और प्रभावी उपचार में मदद करेगा। वहीं, भारतीय खेल प्राधिकरण के पास पूरे देश में फैला हुआ एक विस्तृत प्रशिक्षण नेटवर्क है, जो इस साझेदारी के जरिए अपनी मेडिकल और स्पोर्ट्स साइंस संबंधी जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पाएगा। अब खिलाड़ियों को खेल के दौरान लगने वाली चोटों के लिए एक ही जगह पर वैज्ञानिक और तकनीकी इलाज सुलभ होगा।
शोध और भविष्य की राह
केवल इलाज तक सीमित न रहकर, यह गठबंधन स्पोर्ट्स मेडिसिन के क्षेत्र में नवाचार को भी बढ़ावा देगा। दोनों संस्थान मिलकर खेल चिकित्सा से जुड़ी नई तकनीकों के विकास, विशेषज्ञों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर शोध करेंगे। इसका दीर्घकालिक उद्देश्य भारतीय खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय पुनर्वास यानी रीहैबिलिटेशन सुविधाएं देना है, ताकि वे चोट से उबरकर तेजी से मैदान पर वापसी कर सकें। इस साझेदारी के माध्यम से भारत की खेल प्रतिभाएं अब वैश्विक मानकों के अनुरूप अपनी फिटनेस को बनाए रख सकेंगी और खेल के क्षेत्र में देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सक्षम होंगी।











