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दवाओं के बावजूद डिप्रेशन से नहीं मिल रहा आराम, तो क्या है इसका सही समाधानस्वास्थ्य
10 जुल॰ 2026, 10:48 am (109 दिन पहले)· 2

दवाओं के बावजूद डिप्रेशन से नहीं मिल रहा आराम, तो क्या है इसका सही समाधान

लंबे समय तक दवा लेने के बाद भी यदि डिप्रेशन के लक्षणों में कोई सुधार नहीं दिख रहा है, तो यह 'ट्रीटमेंट रेसिस्टेंट डिप्रेशन' हो सकता है। विशेषज्ञ इसके लिए न्यूरो स्टिमुलेशन थेरेपी को एक प्रभावी विकल्प मानते हैं।

आज के समय में चिकित्सा विज्ञान ने काफी प्रगति कर ली है और कई जटिल बीमारियों का इलाज अब संभव हो गया है। बावजूद इसके, कई बार मरीज और उनके परिजन इस बात से परेशान रहते हैं कि लंबे समय से दवाएं लेने के बाद भी मानसिक स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। अक्सर शहर और गांव दोनों ही जगहों पर यह शिकायत सुनने को मिलती है कि दवाओं का असर नहीं हो रहा है। चिकित्सा क्षेत्र में इस विशेष स्थिति को 'ट्रीटमेंट रेसिस्टेंट डिप्रेशन' के नाम से संबोधित किया जाता है, जो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए एक गंभीर विषय है।

ट्रीटमेंट रेसिस्टेंट डिप्रेशन क्या है

प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक आर. शंकर के अनुसार, यह डिप्रेशन का एक ऐसा स्वरूप है जिसमें मरीज लंबे समय तक निर्धारित दवाओं का सेवन तो करता है, लेकिन उसे अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते। ऐसा देखा गया है कि एक निश्चित अवधि के बाद किसी खास दवा का प्रभाव मरीज के शरीर और मस्तिष्क पर कम होने लगता है या पूरी तरह से समाप्त हो जाता है। यही वह स्थिति है जिसे चिकित्सकीय शब्दावली में ट्रीटमेंट रेसिस्टेंट डिप्रेशन (Treatment Resistant Depression) कहा जाता है।

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सामान्य तौर पर, दवाएं केवल बीमारी के लक्षणों को नियंत्रित करने का काम करती हैं, लेकिन कई जटिल मामलों में वे डिप्रेशन के मूल कारणों तक गहराई से नहीं पहुंच पातीं। यही कारण है कि कुछ लोग 10 से 20 वर्षों तक लगातार इलाज करवाने के बाद भी खुद को पूर्णतः स्वस्थ या बेहतर महसूस नहीं कर पाते हैं। चिकित्सा जगत के लिए ऐसे मरीजों का उपचार सुनिश्चित करना आज भी एक चुनौतीपूर्ण कार्य बना हुआ है।

न्यूरो स्टिमुलेशन थेरेपी का विकल्प

आर. शंकर ने स्पष्ट किया कि जो मरीज दशकों से दवाओं पर निर्भर हैं और फिर भी उन्हें पर्याप्त राहत नहीं मिल पा रही है, उनके लिए आधुनिक विज्ञान ने नए रास्ते खोले हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में 'न्यूरो स्टिमुलेशन थेरेपी' (Neuro Stimulation Therapy) को एक प्रभावी उपचार विकल्प के तौर पर अपनाया जा रहा है। यह तकनीक मस्तिष्क की गतिविधियों को सीधे प्रभावित करने का कार्य करती है, जिससे डिप्रेशन के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।

विशेषज्ञ के मुताबिक, किसी भी मरीज के लिए इस थेरेपी का चयन बिना किसी उचित जांच के नहीं किया जाना चाहिए। इसका निर्णय मरीज की वर्तमान स्थिति, विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट और मनोचिकित्सक के गहन मूल्यांकन के बाद ही लिया जा सकता है। उन्होंने यह सलाह भी दी कि यदि किसी को दवाओं से आराम नहीं मिल रहा है, तो निराश होने के बजाय तुरंत विशेषज्ञ मनोचिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। बीमारी का पुनर्मूल्यांकन करना अनिवार्य है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मरीज के लिए कौन सी नई और आधुनिक उपचार पद्धति सबसे ज्यादा कारगर सिद्ध हो सकती है।

सवाल-जवाब

ट्रीटमेंट रेसिस्टेंट डिप्रेशन क्या है?
यह डिप्रेशन का वह प्रकार है जिसमें लंबे समय तक दवाओं का सेवन करने के बाद भी मरीज को अपेक्षित लाभ या राहत नहीं मिल पाती है।
दवाएं काम करना बंद क्यों कर देती हैं?
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक उपयोग के बाद शरीर या मस्तिष्क पर दवा का प्रभाव कम हो सकता है या पूरी तरह समाप्त हो सकता है।
इसका इलाज क्या है?
इसके लिए न्यूरो स्टिमुलेशन थेरेपी जैसे आधुनिक उपचार विकल्पों का उपयोग किया जा रहा है जो मस्तिष्क की गतिविधियों को प्रभावित कर सुधार लाने का प्रयास करते हैं।
क्या मुझे दवा लेना बंद कर देना चाहिए?
नहीं, कोई भी कदम उठाने से पहले किसी विशेषज्ञ मनोचिकित्सक से परामर्श करें, क्योंकि वे ही आपकी स्थिति का सही मूल्यांकन कर उपचार पद्धति बदल सकते हैं।
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