आंध्र प्रदेश के नरसारावपेट शहर में एक चौंकाने वाला चिकित्सीय मामला सामने आया है, जहां पेट में असहनीय दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची एक महिला के पेट से डॉक्टरों ने 13 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और 1 मोमबत्ती सफलतापूर्वक बाहर निकाली है। शुरुआत में इस मामले को एक साधारण पेट दर्द माना जा रहा था, लेकिन जब डॉक्टरों ने गहन चिकित्सीय परीक्षण शुरू किए तो पेट के भीतर कई विदेशी वस्तुओं की मौजूदगी देखकर मेडिकल टीम हैरान रह गई। इलाज के बाद महिला की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उसे विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है।
निदान की प्रक्रिया और मेडिकल जांच
अस्पताल पहुंचने के बाद महिला ने डॉक्टरों को बताया कि उसे पेट में बहुत तेज दर्द हो रहा है और सहन करना मुश्किल हो रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत प्राथमिक जांच शुरू की। सबसे पहले महिला की ईसीजी जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट पूरी तरह से सामान्य आई। इसके बाद दर्द के सटीक कारण का पता लगाने के लिए एंडोस्कोपी तकनीक का सहारा लिया गया।
एंडोस्कोपी के दौरान डॉक्टरों को पेट के भीतर लकड़ी जैसी लंबी और पतली आकृतियां दिखाई दीं। मामले की पूरी स्पष्टता और पेट की अंदरूनी संरचना को गहराई से समझने के लिए डॉक्टरों ने सीटी स्कैन कराने का निर्णय लिया। सीटी स्कैन रिपोर्ट आने पर पेट के अंदर कई ठोस वस्तुओं की मौजूदगी की पुष्टि हो गई, जिसके बाद सर्जनों की टीम ने बिना कोई समय गंवाए तत्काल ऑपरेशन करने का फैसला किया।
सर्जरी और पेट से निकली वस्तुएं
इलाज में शामिल डॉक्टर रामचंद्र रेड्डी ने बताया कि महिला के पेट में मौजूद एक पेन की लंबाई लगभग 25 सेंटीमीटर थी। इस लंबे पेन के कारण पेट के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोट लगी थी। इस चोट की वजह से मरीज में न्यूमोमीडियास्टिनम नाम की एक जटिल चिकित्सीय स्थिति उत्पन्न हो गई थी, जो मरीज के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती थी।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी और लैप्रोस्कोपी की संयुक्त तकनीकों का उपयोग करते हुए पेट से इन चीजों को निकालने की जटिल प्रक्रिया शुरू की। सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने एक-एक करके कुल 13 पेन, 1 मोमबत्ती और 5 लकड़ी के चम्मच बाहर निकाले। किसी इंसान के पेट के अंदर से इतनी बड़ी संख्या में घरेलू और नुकीली वस्तुओं का निकलना डॉक्टरों के लिए भी एक दुर्लभ अनुभव था।
एक साल पुरानी घटना और विवाद की वजह
ऑपरेशन के बाद जब डॉक्टरों ने महिला और उसके परिजनों से बातचीत की, तो इस अजीब व्यवहार के पीछे का इतिहास सामने आया। पूछताछ में पता चला कि लगभग एक साल पहले भी इस महिला ने 4 पेन निगल लिए थे। उस समय भी डॉक्टरों ने सर्जरी के माध्यम से उन पेनों को बाहर निकाला था। उस घटना के बाद महिला को मनोचिकित्सक के पास भेजा गया था और उसका मानसिक स्वास्थ्य संबंधी इलाज लगातार चल रहा था।
चिकित्सकों के अनुसार, इस ताजा घटना से ठीक पहले महिला का अपने पिता के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस विवाद के बाद उत्पन्न हुए मानसिक तनाव में महिला ने घर में मौजूद पेन, चम्मच और मोमबत्ती निगल ली। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गंभीर मानसिक विकार से जूझ रहे लोग कभी-कभी अत्यधिक तनाव की स्थिति में खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए ऐसा कदम उठा लेते हैं।
चिकित्सीय चेतावनी और मानसिक स्वास्थ्य का महत्व
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि पेन, चम्मच या अन्य नुकीली वस्तुओं को निगलना जानलेवा हो सकता है। ऐसी वस्तुएं पेट या आंतों की अंदरूनी दीवारों में छेद कर सकती हैं, जिससे शरीर के अंदर गंभीर संक्रमण फैल सकता है और मरीज की जान को खतरा पैदा हो सकता है। मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल शल्य चिकित्सा के जरिए वस्तुओं को बाहर निकाल देना ही काफी नहीं होता। मरीज की मानसिक स्थिति को समझना, उसे उचित मनोचिकित्सकीय परामर्श देना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परिवार द्वारा लगातार निगरानी रखना बेहद आवश्यक है।



















