फर्रुखाबाद के इस प्राचीन शिव मंदिर में एक साथ होते हैं बारह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, महाभारत काल से जुड़ा है गहरा इतिहासपुणे प्लांट में बनने लगी लैंड रोवर डिफेंडर, कीमतों में 34 लाख रुपये तक की भारी कटौतीसावन में बेलपत्र चढ़ाने का सही नियम क्या है, एक गलती से बेकार हो सकती है पूजाक्विंस की मेरिनो वूल टी-शर्ट बाजार में क्यों मचा रही है धूमवियतनाम में आर्थिक रफ्तार 2027 तक रहेगी तेज, 11 फीसदी तक पहुंच सकती है विकास दरड्यून: पार्ट थ्री का फाइनल ट्रेलर रिलीज, पॉल अत्रेइदेस और चानी के बीच भयंकर टकराव की झलकयमन से मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद रियाद में धमाके, उधर होर्मुज में तेल टैंकर में लगी आगअमेरिकी डॉलर की मजबूती से टूटा यूरो, तकनीकी स्तर पर 1.1113 का अहम सपोर्ट क्षेत्र बेहद संवेदनशीलऐप्पल ने जारी किया iOS 27.2 अपडेट, सिरी एआई में नई भाषाएं और सुरक्षा पैच शामिलजीमेल और ड्राइव के डेटा से गूगल दिखा रहा विज्ञापन, ऐसे रोकें
रायबरेली के आयुष डॉक्टर की सलाह: गर्मी में बेल खाने से सुधरेगा पाचन और बढ़ेगी इम्यूनिटी, जानें सही तरीकास्वास्थ्य
29 अग॰ 2026, 1:01 pm (60 दिन पहले)· 3

रायबरेली के आयुष डॉक्टर की सलाह: गर्मी में बेल खाने से सुधरेगा पाचन और बढ़ेगी इम्यूनिटी, जानें सही तरीका

गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक देने और पाचन को दुरुस्त रखने के लिए बेल का फल काफी उपयोगी माना जाता है। राजकीय आयुष चिकित्सालय की प्रभारी अधिकारी डॉ. स्मिता श्रीवास्तव से जानिए इसके पोषक तत्वों, फायदों और सेवन की सही विधि के बारे में।

गर्मी के मौसम और बदलते तापमान के दौरान शरीर की आंतरिक प्रणाली को संतुलित रखना एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे समय में खान-पान में सही प्राकृतिक चीजों को शामिल करना बेहद जरूरी हो जाता है। बेल का फल ग्रीष्मकाल में स्वास्थ्य के लिए एक उत्कृष्ट और पौष्टिक विकल्प माना गया है। आमतौर पर लोग गर्मी में बेल का शरबत पीना पसंद करते हैं, लेकिन इसका पका हुआ फल भी कई आवश्यक पोषक तत्वों का भंडार होता है। इसमें प्रचुर मात्रा में डाइटरी फाइबर, आवश्यक विटामिन्स और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट यौगिक मौजूद होते हैं। यदि इसका सीमित और संतुलित मात्रा में सेवन किया जाए, तो यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के साथ-साथ समग्र स्वास्थ्य को बेहतर करने में काफी मददगार साबित हो सकता है। आयुर्वेद में भी बेल को एक पारंपरिक और प्रभावी औषधि के रूप में मान्यता दी गई है।

पाचन तंत्र और आंतों की सेहत के लिए पोषक तत्वों का खजाना

रायबरेली जिले स्थित राजकीय आयुष चिकित्सालय की प्रभारी अधिकारी और बीएएमएस चिकित्सक डॉ. स्मिता श्रीवास्तव के अनुसार, बेल का फल फाइबर का एक बेहतरीन स्रोत है। जब शरीर को पर्याप्त मात्रा में फाइबर मिलता है, तो पाचन क्रिया सुचारू रूप से काम करती है और मल त्याग की प्रक्रिया नियमित बनी रहती है। यही मुख्य कारण है कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में कब्ज और पेट से जुड़ी विभिन्न समस्याओं से राहत पाने के लिए लंबे समय से बेल का उपयोग किया जाता रहा है। आंतों की सेहत को बनाए रखने में भी इसके फाइबर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि किसी गंभीर बीमारी के पूर्ण इलाज के रूप में केवल बेल के सेवन पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

ये भी पढ़ें

इम्यूनिटी बढ़ाने और त्वचा की रक्षा में एंटीऑक्सीडेंट्स की भूमिका

बेल में विटामिन C के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सामान्य रूप से काम करने के लिए विटामिन C की आवश्यकता होती है, जो इस फल में पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है। इसके साथ ही, इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और हानिकारक फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं। फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाव के कारण इसका सकारात्मक प्रभाव सामान्य स्वास्थ्य के साथ-साथ त्वचा की रंगत और सेहत पर भी अप्रत्यक्ष रूप से देखने को मिल सकता है। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करती हैं कि केवल बेल खाने से त्वचा की किसी गंभीर बीमारी को ठीक करने का दावा नहीं किया जा सकता, लेकिन संतुलित आहार के हिस्से के रूप में यह त्वचा के पोषण में योगदान देता है।

बेल शरबत बनाने का सही तरीका और सेवन की विधि

गर्मी के दिनों में बेल का शरबत अत्यंत लोकप्रिय पेय है और इसे शरीर को तुरंत ठंडक प्रदान करने वाली प्राकृतिक ड्रिंक माना जाता है। इसका सेवन करने से तेज धूप और गर्मी में शरीर को ताजगी और ऊर्जा का एहसास होता है। डॉ. स्मिता श्रीवास्तव के अनुसार, पके हुए बेल को सीधे फल के तौर पर भी खाया जा सकता है या फिर इसका ताजा शरबत तैयार किया जा सकता है। शरबत बनाने के लिए सबसे पहले पके बेल का गूदा बाहर निकाल लें। इसके बाद गूदे को पानी में अच्छी तरह से मिलाकर घोल लें और फिर छलनी से छानकर इसका सेवन करें। शरबत तैयार करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इसमें अत्यधिक मात्रा में चीनी न मिलाई जाए। प्राकृतिक मिठास के साथ इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए अधिक फायदेमंद होता है। इसके अतिरिक्त, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि बेल का शरबत सादे पानी का विकल्प नहीं हो सकता, इसलिए गर्मियों में रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना आवश्यक है।

अत्यधिक सेवन से होने वाले नुकसान और आवश्यक सावधानियां

यद्यपि बेल एक बेहद पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक फल है, लेकिन इसका सेवन अत्यधिक मात्रा में करने से बचना चाहिए। किसी भी चीज़ की अति नुकसानदायक हो सकती है, और बेल के मामले में भी अत्यधिक सेवन से कुछ लोगों को कब्ज, गैस या पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को बेल के शरबत का सेवन करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, विशेषकर शरबत में मिलाई जाने वाली चीनी की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है या नियमित रूप से किसी दवा का सेवन कर रहा है, तो अपनी दैनिक खुराक में बेल को शामिल करने से पहले किसी अनुभवी डॉक्टर या डाइटीशियन से परामर्श लेना ही बुद्धिमानी होगी।

सवाल-जवाब

गर्मी के मौसम में बेल का सेवन क्यों फायदेमंद माना जाता है?
बेल का फल शरीर को प्राकृतिक ठंडक देता है और इसमें मौजूद फाइबर व एंटीऑक्सीडेंट्स पाचन और इम्यूनिटी को बेहतर बनाते हैं।
बेल का शरबत बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
बेल का गूदा निकालकर पानी में घोलकर छान लें और इसमें अत्यधिक चीनी मिलाने से बचें।
क्या बेल का शरबत पीने से पानी की जरूरत पूरी हो जाती है?
नहीं, बेल का शरबत पानी का विकल्प नहीं है और गर्मियों में सादा पानी पर्याप्त मात्रा में पीना जरूरी है।
क्या बेल का बहुत ज्यादा सेवन करने से कोई नुकसान हो सकता है?
हां, बहुत अधिक मात्रा में बेल खाने से कुछ लोगों को कब्ज या पेट से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।
डायबिटीज के मरीजों को बेल का सेवन करते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?
डायबिटीज के मरीजों को बेल के शरबत में चीनी मिलाने से बचना चाहिए और डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका सेवन करना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp