भगवान श्रीकृष्ण की पावन नगरी मथुरा अपनी अनूठी संस्कृति के साथ-साथ अपने स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए भी जानी जाती है। यहाँ मिलने वाला प्रसिद्ध मथुरा का पेड़ा उत्तर प्रदेश की सबसे लोकप्रिय और पारंपरिक मिठाइयों में से एक माना जाता है। अपने अनोखे स्वाद, भीनी-भीनी खुशबू और बेहद मुलायम बनावट के कारण इस पेड़े को देश के कोने-कोने में लोग खूब चाव से खाते हैं। आमतौर पर विभिन्न त्योहारों, धार्मिक अनुष्ठानों और विशेष अवसरों पर इसे भगवान के प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है। पारंपरिक रूप से इस पेड़े को बनाने के लिए मावा या खोये का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे बनाने में काफी समय और मेहनत लगती है। लेकिन अगर आप इसे घर पर जल्दी और आसानी से बनाना चाहते हैं, तो मिल्क पाउडर एक बेहतरीन और आसान विकल्प साबित हो सकता है।
इस विधि की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने में न तो बहुत अधिक समय लगता है और न ही बहुत सारी सामग्रियों की आवश्यकता होती है। यदि आपके घर पर अचानक से कोई मेहमान आ जाए या फिर किसी खास मौके पर आपका कुछ मीठा और लजीज खाने का मन हो, तो यह रेसिपी आपके लिए बेहद मददगार साबित होगी। इलायची की भीनी महक, सूखे मेवों की खूबसूरती और केसर का शानदार स्वाद इस पेड़े को बिल्कुल बाजार जैसा रूप और स्वाद देते हैं। आइए जानते हैं कि इस स्वादिष्ट मथुरा पेड़े को घर पर आसानी से कैसे तैयार किया जा सकता है।
मथुरा का स्वादिष्ट पेड़ा तैयार करने के लिए आपको नीचे दी गई सामग्रियों की आवश्यकता होगी
- दो चम्मच खोया पाउडर या इसकी जगह अधिक मात्रा में मिल्क पाउडर
- घी, आवश्यकतानुसार
- दूध, मिश्रण तैयार करने के लिए
- पिसी हुई चीनी
- इलायची पाउडर
- बारीक कटे हुए पिस्ता, बादाम और काजू सजावट के लिए
- केसर की कुछ कलियां
पकाने की शुरुआत और सही मिश्रण बनाना
पेड़ा बनाने के लिए सबसे पहले गैस पर एक कड़ाही रखें और उसमें थोड़ा सा घी डालकर हल्का गर्म होने दें। घी के हल्का गर्म होते ही कड़ाही में मिल्क पाउडर और दूध डाल दें। यहाँ इस बात का विशेष ध्यान रखें कि गैस की आंच बिल्कुल धीमी होनी चाहिए। इस मिश्रण को कछछी से लगातार चलाते रहें ताकि इसमें किसी भी तरह की गांठें न पड़ें और सभी सामग्रियां आपस में अच्छी तरह मिल जाएं।
जैसे-जैसे आप इसे चलाते रहेंगे, यह मिश्रण धीरे-धीरे गाढ़ा होना शुरू हो जाएगा। जब मिश्रण थोड़ा गाढ़ा होने लगे, तब इसमें पिसी हुई चीनी और इलायची पाउडर डालें। इन दोनों चीजों को मिश्रण में अच्छी तरह से मिला लें।
तैयार होने की पहचान और आकार देना
अब इस मिश्रण को धीमी आंच पर तब तक लगातार चलाते हुए पकाते रहें, जब तक कि यह पूरी तरह से कड़ाही के किनारों को छोड़ने न लगे। कड़ाही का किनारा छोड़ना इस बात का संकेत है कि पेड़े का बेस तैयार हो चुका है। अब गैस बंद कर दें और इस मिश्रण को थोड़ी देर के लिए ठंडा होने के लिए रख दें।
जब मिश्रण हल्का गुनगुना रह जाए, जिससे आप उसे आसानी से छू सकें, तब अपने हाथों पर थोड़ा सा घी लगाएं। इसके बाद मिश्रण से छोटे-छोटे हिस्से लेकर उन्हें गोल आकार देते हुए पेड़े तैयार कर लें।
अंत में, तैयार किए गए पेड़ों के ऊपर कटे हुए बादाम, पिस्ता और काजू लगाएं। आप चाहें तो इसके ऊपर केसर की कलियां रखकर इसे और भी आकर्षक बना सकते हैं। आपके मुंह में घुल जाने वाले लाजवाब मथुरा के पेड़े परोसने के लिए तैयार हैं।


















