खानपान की आदतों में छोटे-छोटे बदलाव हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं। आकार में बेहद छोटे दिखने वाले सूरजमुखी के बीज अपने भीतर पोषक तत्वों का एक समृद्ध भंडार संजोए हुए हैं। राजकीय आयुष चिकित्सालय शिवगढ़, रायबरेली की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ स्मिता श्रीवास्तव (बीएएमएस, लखनऊ विश्वविद्यालय) के अनुसार, यदि सूरजमुखी के बीजों को सही ढंग और नियंत्रित मात्रा में दैनिक आहार का हिस्सा बनाया जाए, तो यह हृदय, पाचन क्रिया और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभा सकते हैं। इनमें मौजूद प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, विटामिन ई और मैग्नीशियम जैसे तत्व शरीर की विभिन्न जैविक क्रियाओं को दुरुस्त रखने में मददगार साबित होते हैं।
कोशिकाओं की सुरक्षा और पोषण का प्रमुख स्रोत
सूरजमुखी के बीज शरीर को कई तरह के आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं। डॉ स्मिता श्रीवास्तव बताती हैं कि इन बीजों में भरपूर मात्रा में पाया जाने वाला विटामिन ई एक प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है। यह तत्व शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव और नुकसान से बचाने में अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा, बीजों में मौजूद प्रोटीन और फाइबर की संतुलित मात्रा शरीर के ऊर्जा स्तर को बनाए रखने और मांसपेशियों के स्वास्थ्य को सहारा देने में काफी सहायक होती है।
हृदय स्वास्थ्य और पाचन तंत्र के लिए वरदान
कार्डियोवैस्कुलर सेहत के लिहाज से भी सूरजमुखी के बीजों का सेवन काफी लाभदायक माना गया है। इनमें प्रचुर मात्रा में असंतृप्त वसा यानी हेल्दी फैट पाया जाता है, जो संतुलित आहार के साथ मिलकर दिल की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। बीजों में पाया जाने वाला मैग्नीशियम शरीर की अनेक महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का संचालन करने में सहायक होता है। पाचन के दृष्टिकोण से, इन बीजों में मौजूद आहार फाइबर आंतों की सेहत को सुधारता है। फाइबर युक्त आहार पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे असमय और बार-बार खाने की आदत पर नियंत्रण पाना आसान हो जाता है। हालांकि, विशेषज्ञ यह चेतावनी भी देती हैं कि अत्यधिक मात्रा में इनका सेवन करने से पेट में असहजता या गैस जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
सूरजमुखी के बीजों को आहार में शामिल करने का सही तरीका
बीजों के अधिकतम स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के लिए उनके सेवन के तरीके पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। डॉ स्मिता श्रीवास्तव की सलाह है कि हमेशा छिलके निकले हुए सूरजमुखी के बीजों का ही उपयोग करना चाहिए। इन्हें कच्चे रूप में खाया जा सकता है या फिर बिना नमक मिलाए हल्का भूनकर भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है। दैनिक आहार में विविधता लाने के लिए इन बीजों को ताजे सलाद, दही, ओट्स या स्मूदी में मिलाकर आसानी से खाया जा सकता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यधिक नमक वाले या बाजार में मिलने वाले मसालेदार व फ्लेवरयुक्त बीजों के सेवन से परहेज करना ही बेहतर माना जाता है।



















