नेशनल सीलिएक अवेयरनेस डे पर जानें इस बीमारी के लक्षण और बचाव के उपाय जहां साधारण रोटी भी बन जाती है सेहत की दुश्मनसरकारी सहायता से वंचित कोटा के मलखंभ कलाकारों ने बिखेरी चमक, टीवी शो 'इंडिया गॉट टैलेंट' के सेमीफाइनल में पहुंचेवृश्चिक साप्ताहिक राशिफल 13-19 सितंबर: मध्य सप्ताह में चमकेगा भाग्य, करियर और आर्थिक फैसलों में बरतें यह सावधानीड्रेसिंग रूम लीक मामला: पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान और इमाम उल हक से साइबर क्राइम एजेंसी ने की 4 घंटे पूछताछमूलांक 2 राशिफल 12 सितंबर 2026 को संवेदनशीलता पर रखें काबू और जानें अपना करियर सेहत तथा आर्थिक भविष्यफलमीन राशिफल 12 सितंबर: पार्टनर का मिलेगा सहयोग, करियर और आर्थिक मोर्चे पर होगा फायदाजयपुर बांदीकुई एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित बाइकर्स का हुड़दंग, रोकने पर टोलकर्मी को टक्कर मार हुए फराररांची की कंचन का नया कमाल: 'वृक्षा' ब्रांड के तहत AI से फेस स्कैन कर तैयार हो रहे पर्सनल ब्यूटी प्रोडक्ट्स, हर ग्राहक के नाम पर लगेगा एक पेड़पूर्व सहयोगी पर ईडी की कार्रवाई के बाद हरीश रावत का बड़ा कदम, कांग्रेस के सभी पदों से दिया इस्तीफाबेहोशी, बर्बर यातना और बदली हुई पहचान: इज़राइल के सबसे खतरनाक खुफिया एजेंट एली कोहेन के जासूस बनने की अनसुनी दास्तान
स्विमिंग के दौरान पीरियड्स फ्लो रुकने के पीछे का क्या है वैज्ञानिक सच? जानें जरूरी बातेंस्वास्थ्य
4 अग॰ 2026, 3:35 pm (39 दिन पहले)· 0

स्विमिंग के दौरान पीरियड्स फ्लो रुकने के पीछे का क्या है वैज्ञानिक सच? जानें जरूरी बातें

पानी में उतरते ही ब्लीडिंग रुक जाने की धारणा वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। जानें हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर का नियम और तैराकी के दौरान सही हाइजीन टिप्स।

पीरियड्स के दौरान स्विमिंग करने को लेकर अक्सर महिलाओं के मन में कई तरह के सवाल और संशय रहते हैं। सबसे आम गलतफहमियों में से एक यह है कि पानी में उतरते ही पीरियड्स का फ्लो अपने आप पूरी तरह रुक जाता है। इसी डर और भ्रम के कारण बहुत सी महिलाएं पीरियड्स के दिनों में स्विमिंग पूल में जाने या वाटर एक्टिविटीज में हिस्सा लेने से बचती हैं। हालांकि, मेडिकल साइंस की नजर से देखें तो पानी में ब्लीडिंग कम या रुकी हुई महसूस होने का कारण कोई जैविक बदलाव नहीं बल्कि एक साधारण भौतिक विज्ञान है।

पानी का दबाव और ब्लीडिंग का वैज्ञानिक सच

जब भी कोई व्यक्ति स्विमिंग पूल या पानी में उतरता है, तो पानी का एक प्राकृतिक दबाव शरीर पर चारों तरफ से पड़ता है। इस दबाव को वैज्ञानिक भाषा में हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर (Hydrostatic Pressure) कहा जाता है। यह बाहरी दबाव गुरुत्वाकर्षण बल के विपरीत काम करता है, जो सामान्य तौर पर रक्त को नीचे की तरफ खींचता है। जब पानी का यह काउंटर-प्रेशर शरीर पर लगता है, तो गर्भाशय से बाहर आने वाले रक्त की गति काफी धीमी पड़ जाती है या कुछ समय के लिए रुक जाती है। यही कारण है कि पानी के अंदर रहने के दौरान महिलाओं को लगता है कि उनकी ब्लीडिंग बंद हो गई है।

ये भी पढ़ें

लेकिन यहां यह समझना जरूरी है कि यह प्रक्रिया केवल पानी के बाहरी दबाव का नतीजा है, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि पीरियड्स की प्रक्रिया अंदर से बंद हो चुकी है। जैसे ही आप स्विमिंग खत्म करके पानी से बाहर आती हैं और सूखी जमीन पर कदम रखती हैं, गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव दोबारा पहले की तरह सामान्य रूप से काम करने लगता है। इसके साथ ही ब्लीडिंग फिर से नियमित गति से शुरू हो जाती है।

स्विमिंग के लिए सही मेंस्ट्रुअल प्रोडक्ट का चुनाव

पीरियड्स के दौरान यदि आप स्विमिंग का आनंद लेना चाहती हैं, तो सही हाइजीन प्रोडक्ट चुनना बेहद आवश्यक हो जाता है। अक्सर कुछ महिलाएं सैनिटरी पैड पहनकर पानी में उतरने की गलती कर देती हैं। सैनिटरी पैड पानी के संपर्क में आते ही पूल के पानी को तेजी से सोख लेते हैं। इससे वे भारी हो जाते हैं और पीरियड्स के ब्लड को सोखने की उनकी क्षमता पूरी तरह खत्म हो जाती है, जिससे लीकेज होने का खतरा बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ और गायनेकोलॉजिस्ट ऐसे मामलों में इंटरनल प्रोटेक्शन प्रोडक्ट जैसे कि टैम्पॉन या मेंस्ट्रुअल कप के इस्तेमाल की सलाह देते हैं। ये प्रोडक्ट शरीर के भीतर स्थित होकर ब्लीडिंग को बाहर आने से पहले ही अवशोषित या एकत्र कर लेते हैं। इससे पानी में किसी भी प्रकार के रिसाव की संभावना नहीं रहती। अपने शरीर की सुविधा, पिछले अनुभव और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेकर सही प्रोडक्ट का चयन करना चाहिए।

शारीरिक स्वास्थ्य के लाभ और जरूरी सावधानियां

मासिक धर्म के समय हल्की-फुल्की स्विमिंग करना सेहत के लिए काफी लाभकारी सिद्ध हो सकता है। तैरने जैसी हल्की वर्कआउट एक्टिविटी से शरीर में एंडॉर्फिन (Endorphin) नामक हॉर्मोन का स्तर बढ़ता है, जिसे आमतौर पर 'फील-गुड' हॉर्मोन भी कहा जाता है। यह हॉर्मोन मानसिक तनाव को दूर करता है, मूड को बेहतर बनाता है और पेट व कमर में होने वाले पीरियड्स के दर्द या ऐंठन से राहत दिलाने में मदद करता है।

हालांकि, हर महिला का शरीर अलग होता है और उनकी शारीरिक स्थितियां भी भिन्न होती हैं। यदि किसी महिला को पीरियड्स के दौरान बहुत अधिक ब्लीडिंग (Heavy Flow) हो रही हो, असहनीय पेट दर्द हो, चक्कर आ रहे हों या फिर कोई अन्य गायनेकोलॉजिकल समस्या हो, तो स्विमिंग करने से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति में तैराकी करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।

सवाल-जवाब

क्या स्विमिंग करने से पीरियड्स बंद हो जाते हैं?
नहीं, पानी का हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर ब्लीडिंग की गति को अस्थाई रूप से धीमा कर देता है, लेकिन आंतरिक प्रक्रिया जारी रहती है।
क्या पीरियड्स के दौरान स्विमिंग के लिए सैनिटरी पैड का इस्तेमाल कर सकते हैं?
नहीं, सैनिटरी पैड पानी में उतरते ही पूल का पानी सोख लेते हैं और निष्प्रभावी हो जाते हैं।
पानी में तैरने के लिए कौन से मेंस्ट्रुअल प्रोडक्ट सबसे बेहतर हैं?
टैम्पॉन या मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करना सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि ये शरीर के अंदर ही रक्त को रोकते हैं।
क्या तैरने से पीरियड्स के दर्द में राहत मिलती है?
हां, स्विमिंग से शरीर में एंडॉर्फिन हॉर्मोन रिलीज होते हैं जो पीरियड्स के दर्द और ऐंठन को कम करने में मदद करते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR