पेनल्टी शूटआउट में बेल्जियम ने भारत को हराया, विश्व कप में 8वें पायदान पर सिमटी भारतीय हॉकी टीमदेहरादून में सावन के महीने में देसी घी और नए फ्लेवर्स वाले घेवर का बढ़ा क्रेज, जानें प्रमुख दुकानों का पता और कीमतेंदिल्ली एनसीआर और पड़ोसी जिलों में सीएनजी महंगी, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने दरों में की प्रति किग्रा ₹3.89 की बढ़ोतरीफिल्म म्यूजिक से छह महीने दूर रहेंगे अमाल मलिक, डब्बू मलिक के अनुसार सेहत के लिए रिबूट है बेहद जरूरीगोविंदा को थप्पड़ जड़ने की अफवाह पर ब्रेक, अमरीश पुरी के पुत्र राजीव ने खोली 'दो कैदी' के सेट की हकीकतमेष साप्ताहिक राशिफल 30 अगस्त से 6 सितंबर 2026: जानिए करियर, धन, लव लाइफ और सेहत पर ग्रहों की चाल का पूरा प्रभावमौसम के बदलाव में कफ और कमजोर पाचन से बचाती है पीपली, जानिए आयुर्वेदिक उपयोग और सावधानियांशनि देव की दृष्टि से सितंबर में मिथुन, सिंह और कन्या राशि की बढ़ेगी परीक्षा, मेहनत से ही मिलेगी सफलताबासी चावल फेंकने की जगह बनाएं कुरकुरे पराठे, आसान विधि से मिनटों में तैयार होगा स्वादिष्ट नाश्ताकोटा में हनीट्रैप और 96 हजार की रंगदारी मामले में 5 हजार की इनामी चेतना उर्फ गुनगुन गिरफ्तार
मिर्जापुर में मौसम के बदलाव से बीमार पड़ रहे बच्चे, उल्टी और दस्त के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से करें संपर्कस्वास्थ्य
29 अग॰ 2026, 6:39 am (2 घंटे पहले)· 2

मिर्जापुर में मौसम के बदलाव से बीमार पड़ रहे बच्चे, उल्टी और दस्त के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से करें संपर्क

बदलते मौसम के दौरान मिर्जापुर में बच्चों के बीच बुखार, उल्टी और लूज मोशन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ देवराज यादव ने माता-पिता को डिहाइड्रेशन से सतर्क रहने और प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाने की सलाह दी है।

मौसम में आ रहे लगातार बदलाव के कारण उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर क्षेत्र में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल रहा है। इन दिनों बच्चों में वायरल इन्फेक्शन के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं, जिनमें तेज बुखार, उल्टी का अहसास होना और दस्त (लूज मोशन) मुख्य लक्षण हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बच्चों में इन लक्षणों की अनदेखी करना भारी पड़ सकता है, क्योंकि समय पर इलाज न मिलने से शरीर में पानी की गंभीर कमी हो सकती है।

लापरवाही बन सकती है गंभीर खतरा

वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ देवराज यादव ने बताया कि अस्पताल में आने वाले अधिकांश बच्चे वायरल बुखार, वोमिटिंग और दस्त की शिकायत से ग्रस्त हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दस्त और उल्टी की स्थिति में बच्चे का शरीर तेजी से डिहाइड्रेट होने लगता है। यदि इस स्थिति पर तुरंत ध्यान न दिया जाए, तो बच्चे की हालत अत्यंत नाजुक हो सकती है। कई मामलों में अत्यधिक डिहाइड्रेशन होने के बाद डॉक्टरों के लिए स्थिति को नियंत्रित करना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसलिए किसी भी प्रकार के वायरल लक्षण सामने आते ही तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पर जाकर डॉक्टरी परामर्श लेना बेहद जरूरी है।

ये भी पढ़ें

प्राथमिक उपचार में ORS और पैरासिटामोल की भूमिका

यदि तुरंत अस्पताल पहुंचना संभव न हो, तो घर पर ही बच्चों को प्राथमिक राहत देना आवश्यक होता है। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ देवराज यादव का सुझाव है कि बाजार और सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों (PHC व CHC) पर आसानी से उपलब्ध ORS का पाउडर घोल बनाकर बच्चे को बार-बार पिलाते रहना चाहिए। यह घोल शरीर में पानी और आवश्यक लवणों के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। इसके साथ ही, बुखार को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार पैरासिटामोल सिरप दी जा सकती है। हालांकि, यह प्राथमिक उपाय केवल अस्थायी राहत के लिए है और जितनी जल्दी हो सके बच्चे की डॉक्टरी जांच कराई जानी चाहिए।

मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध

स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करते हुए मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक (बाल रोग) वार्ड में चौबीसों घंटे इलाज की व्यवस्था की गई है। डॉक्टर देवराज यादव के अनुसार, "हमारे मेडिकल कॉलेज के पीडिया वार्ड और इमरजेंसी में बाल रोग विशेषज्ञ 24 घंटे तैनात रहते हैं।" यदि किसी बच्चे की तबीयत अधिक बिगड़ती दिखती है, तो अभिभावक बिना देर किए उसे सीधे मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में ला सकते हैं। डॉक्टरों की समर्पित टीम की देखरेख में मरीजों का संपूर्ण इलाज किया जा रहा है, और अधिकांश बच्चे पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट रहे हैं।

सवाल-जवाब

मिर्जापुर में बच्चों में मुख्य रूप से क्या लक्षण दिख रहे हैं?
बच्चों में मुख्य रूप से तेज बुखार, उल्टी का अहसास और दस्त (लूज मोशन) जैसे वायरल लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
उल्टी और लूज मोशन होने पर सबसे पहला कदम क्या उठाना चाहिए?
सबसे पहले बच्चे को तुरंत ORS का घोल बनाकर देना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) न हो।
यदि बच्चे को बुखार भी है तो क्या दिया जा सकता है?
डॉक्टर की सलाह के अनुसार बुखार नियंत्रित करने के लिए पैरासिटामोल सिरप दी जा सकती है।
क्या मेडिकल कॉलेज में आपातकालीन सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं?
हां, मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक वार्ड और इमरजेंसी में बाल रोग विशेषज्ञ 24 घंटे तैनात रहते हैं।
अभिभावकों को अस्पताल कब जाना चाहिए?
लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी PHC, CHC या गंभीर स्थिति होने पर सीधे मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में जाना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR