हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अंतर्गत आने वाले बद्दी क्षेत्र में पुलिस प्रशासन ने नशे के कारोबारियों के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में पुलिस ने एक बड़े नशा तस्कर की अवैध रूप से जुटाई गई संपत्ति पर कड़ा प्रहार किया है। बद्दी थाने में दर्ज एनडीपीएस एक्ट से जुड़े एक मामले में मुख्य आरोपी और उसके परिवार के नाम पर बनाई गई तमाम संपत्तियों को कानूनी दायरे के तहत फ्रीज करने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।
गांजा जब्ती के बाद वित्तीय जांच में हुआ खुलासा
इस पूरी कार्रवाई के केंद्र में राहुल गुप्ता नाम का तस्कर है, जो मूल रूप से बिहार के सारण जिले का रहने वाला है और वर्तमान में बद्दी में ही रह रहा था। इसके पिता का नाम संतोष शाह है। पुलिस ने इसके कब्जे से पहले 10.330 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। इस बड़ी खेप के मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की वित्तीय कुंडली खंगालनी शुरू की, जिसमें अवैध कमाई से खड़ी की गई संपत्तियों का पूरा नेटवर्क सामने आया।
जमीन, तीन मंजिला भवन और स्कॉर्पियो-एन गाड़ी अटैच
पुलिस जांच में सामने आया कि बद्दी के वॉर्ड नंबर सात के तहत आने वाली लक्ष्मी नारायण कॉलोनी में आरोपी के नाम पर छह बिस्वा जमीन और एक शानदार तीन मंजिला भवन मौजूद है। सरकारी आंकलन के अनुसार इस संपत्ति की कुल कीमत 1 करोड़ 71 लाख 64 हजार 271 रुपए बैठती है। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी से जुड़ी एक Scorpio-N गाड़ी भी अपने शिकंजे में ली है, जिसकी बाजार कीमत करीब 24 लाख 69 हजार 725 रुपए आंकी गई है। साथ ही विभिन्न बैंकों में खोले गए खातों में जमा 1 लाख 42 हजार 251 रुपए की रकम को भी सील कर दिया गया है।
नई दिल्ली के सक्षम प्राधिकारी से मिली पुष्टि
इन सभी संपत्तियों को मिलाकर कुल 1 करोड़ 97 लाख 76 हजार रुपए की अवैध संपत्ति को आर्थिक प्रहार के तहत फ्रीज किया गया है। नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी और प्रशासक ने इन तमाम संपत्तियों की जब्ती और फ्रीजिंग की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। पुलिस का यह कदम ड्रग्स के अवैध कारोबार से जुड़ी आर्थिक रीढ़ को तोड़ने की दिशा में एक बेहद ठोस प्रयास माना जा रहा है।
परिवार के अन्य सदस्यों पर भी पहले से दर्ज हैं मामले
जांच के दौरान यह भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है कि इस धंधे में केवल राहुल गुप्ता ही शामिल नहीं है, बल्कि उसके परिवार के अन्य सदस्य भी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। आरोपी की माता रिंकू देवी के खिलाफ भी पहले से ही नशे के कारोबार से जुड़ा मामला दर्ज है। साल 2022 में बद्दी पुलिस ने रिंकू देवी के पास से 824 ग्राम गांजा और अवैध देशी शराब बरामद की थी, जिसके बाद बद्दी थाने में आबकारी अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की गई थी।
पुलिस अधिकारियों की कड़ी चेतावनी
बद्दी के डीएसपी योगराज चंदेल ने इस कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र में ड्रग्स के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को किसी भी कीमत पर धीमा नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस का शिकंजा केवल नशा तस्करों को गिरफ्तार करने और माल बरामद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों का वित्तीय विश्लेषण करके उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया भी लगातार जारी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि गैरकानूनी तरीके से संपत्ति बनाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, बद्दी के एसपी विनोद धीमान ने भी इस बात की पुष्टि की है कि नशा तस्करों के खिलाफ यह अभियान भविष्य में भी इसी सख्ती के साथ जारी रखा जाएगा। पुलिस का यह साझा और सुनियोजित प्रयास क्षेत्र में आपराधिक नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ने का काम कर रहा है, जिससे अवैध कारोबारियों के हौसले पस्त हो रहे हैं।



















