राजस्थान के कुल 309 शहरी निकायों के अंतर्गत आने वाले 10,167 वार्डों के चुनाव परिणाम आज घोषित किए जा रहे हैं। मतदान की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी हुई थी और आज सुबह 8 बजे से ही शुरुआती रुझान सामने आने लगे हैं। पाली, अलवर और भीलवाड़ा के नगर निगम चुनाव परिणामों के हर अपडेट पर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं, जहां राजनीतिक दलों के भाग्य का फैसला होना है।
पाली नगर निगम चुनाव और मतदान का गणित
पाली में नगर निगम के कुल 65 वार्ड हैं जिनके लिए मतदान 11 सितंबर को दूसरे चरण के तहत संपन्न हुआ था। इस चुनाव में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और करीब 70.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अब सभी की निगाहें 14 सितंबर को होने वाली मतगणना और चुनावी परिणामों पर टिकी हुई हैं, जिससे यह साफ हो जाएगा कि स्थानीय निकाय की कमान किसके हाथ में जाएगी।
अलवर में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला
अलवर नगर निगम में भी कुल 65 वार्ड हैं जहां 9 सितंबर को पहले चरण में वोट डाले गए थे। इस क्षेत्र में लगभग 65.75 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद से ही भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी अपने-अपने पार्षदों को सुरक्षित और एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि त्रिशंकु जैसी स्थिति बनती है और बोर्ड बनाने की नौबत आती है, तो निर्दलीय पार्षदों की भूमिका काफी निर्णायक साबित हो सकती है।
भीलवाड़ा में वार्डों की स्थिति और सियासी हलचल
भीलवाड़ा नगर निगम में वार्डों की कुल संख्या 70 है। यहां भी 9 सितंबर को पहले चरण में ही मतदान हुआ था, जहां 63.84 प्रतिशत वोटिंग रिकॉर्ड की गई थी। मतदान के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी 70 पार्षद प्रत्याशियों को एक साथ एक सुरक्षित स्थान पर रखा है। पार्टी की यह रणनीति बोर्ड गठन के समय किसी भी प्रकार की उठापटक से बचने और अपने पार्षदों को एकजुट रखने की है। आज आने वाले परिणामों से पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगा कि भीलवाड़ा नगर निगम की सत्ता पर कौन सी पार्टी कब्जा जमाएगी।
बहुमत का आंकड़ा और राजनीतिक खींचतान
अलवर और भीलवाड़ा में मतदान का प्रतिशत भले ही थोड़ा कम रहा हो, लेकिन राजनीतिक लिहाज से यहां मुकाबला बेहद कड़ा और प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है। दोनों ही नगर निकायों में बोर्ड का गठन करने के लिए भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच कड़ी राजनीतिक रस्साकशी देखने को मिल रही है। भीलवाड़ा में कुल 70 वार्ड हैं, जिसके चलते वहां बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल करने के लिए कम से कम 36 पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता होगी। वहीं दूसरी ओर, 65 सदस्यों वाले अलवर नगर निगम में बोर्ड बनाने के लिए 34 पार्षदों का आंकड़ा पार करना बेहद महत्वपूर्ण होगा। आज मतगणना के बाद स्थिति पूरी तरह से साफ हो जाएगी।


















