हरियाणा के यमुनानगर जिले के अंतर्गत आने वाले हमीदा इलाके की आत्मापुरी कॉलोनी में नगर निगम की तरफ से अवैध निर्माण के विरुद्ध एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। इस कार्रवाई के तहत नशा तस्करी की गतिविधियों से जुड़े एक परिवार के मकान को भारी पुलिस बल और प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी की सहायता से पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस दल तैनात किया गया था और पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
कार्रवाई से पहले महिलाओं और बच्चों को बाहर निकाला गया
प्रशासनिक टीम जब मौके पर पहुंची तो सबसे पहले मकान के अंदर मौजूद महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद घर के अंदर रखा सारा सामान भी बाहर निकलवा लिया गया ताकि किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान से बचा जा सके। अधिकारियों के अनुसार यह मकान नियमों को ताक पर रखकर पूरी तरह अवैध तरीके से तैयार किया गया था। इस मामले में नियमानुसार पहले ही संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे और उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए पूरा अवसर भी प्रदान किया गया था। सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद और उचित आदेश पारित करने के बाद ही यह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है।
न्यायालय के स्थगन आदेश का नहीं किया जा सका प्रदर्शन
मौके पर मौजूद ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र दहिया ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि अवैध निर्माण के संबंध में काफी पहले ही नोटिस दे दिए गए थे। सभी प्रकार की जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिन मामलों में किसी भी प्रकार का न्यायालय से स्थगन आदेश यानी स्टे नहीं मिला हुआ है, वहां नियमों के तहत यह विध्वंस अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई के दौरान घर में मौजूद महिलाओं ने विरोध भी जताया। मुस्तरी नाम की महिला ने अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर मकान को नहीं तोड़ने की गुहार लगाई। परिवार की तरफ से यह दलील भी दी गई कि इस मामले में कोर्ट में याचिका विचाराधीन है, लेकिन मौके पर ऐसा कोई भी वैध स्टे ऑर्डर या दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका जो इस तोड़फोड़ की कार्रवाई को तुरंत प्रभाव से रोक सके।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
जांच अधिकारी मनोज कुमार ने इस बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि जब प्रशासनिक दस्तावेजों की गहराई से जांच की गई तो पाया गया कि यह पूरा निर्माण पूरी तरह से तय नियमों के विपरीत किया गया था। सभी तरह के नोटिस और स्पीकिंग ऑर्डर जारी होने के बाद ही यह कानूनी कदम उठाया गया है। प्रशासन के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार अकेले हमीदा क्षेत्र के भीतर अवैध निर्माण के रूप में कुल नौ मकानों को चिन्हित किया गया है। इनमें से कुछ मामलों में अदालत की तरफ से राहत या स्टे मिला हुआ है, लेकिन जिन मामलों में ऐसा कोई स्थगन आदेश नहीं है, वहां प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई को आगे बढ़ा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी नईम और मुस्तकीम के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस पूरी कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र दहिया के साथ-साथ नगर निगम के एटीपी दर्शन लाल और थाना प्रभारी मनोज कुमार भी अपनी टीम के साथ वहां पूरी तरह मुस्तैद रहे।



















